Tuesday, 8 February 2022

मैं खुद को शादी के लिए कैसे तैयार करूं?

 ❤️❤️❤️मैं खुद को शादी के लिए कैसे तैयार करूं?


👨‍🏫 ईडन गार्डन के परिणामस्वरूप शादी एक खुशी का अवसर है।

🙏 तब परमेश्वर ने उन्हें आशीष दी;  और परमेश्वर ने कहा, फूलो-फलो, और पृथ्वी में भर जाओ, और उसको अपने वश में कर लो, और समुद्र की मछलियों, और आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर रेंगने वाले सब जन्तुओं पर अधिकार कर लो।

 उत्पत्ति 1:28


🙏 जिस को पत्नी मिलती है, वह अच्छी वस्तु पाता है, और उस पर यहोवा का अनुग्रह होता है।

 नीतिवचन।  18:22


👨‍🏫 हम अब एक पतित समाज में रह रहे हैं जहां विवाह जैसी पवित्र शपथ का उल्लंघन बहुत आसानी से किया जा रहा है।  तलाक तो रोज की बात होती जा रही है।  लेकिन एक बात हमें याद रखनी चाहिए कि परमेश्वर का वचन कभी नहीं बदलता है।

👉 लोगों को शादी करने की ज़रूरत क्यों है, बाइबल कहती है कि परमेश्वर की आज्ञा मानो।


 🙏और यहोवा परमेश्वर ने कहा, मनुष्य का अकेला रहना अच्छा नहीं: मैं उसे उसके समान सहायक बनाता हूं।

 उत्पत्ति 2:18


🙏 दो लोग एक व्यक्ति से बेहतर होते हैं, क्योंकि उनकी मेहनत रंग लाती है।  क्योंकि अगर वे पढ़ लें तो कोई अपने साथी को उठा सकता है;  परन्तु उस पर हाय, जो अकेला है, क्योंकि उसका कोई साथी नहीं जो गिरने पर उसे उठा सके।  फिर, जब दो लोग एक साथ सोते हैं तो गर्मी होती है, लेकिन कोई गर्म कैसे हो सकता है?

 उपदेशक।  4: 9-11


 👨‍🏫शादी के लिए खुद को तैयार करना अपने जीवन के लिए कोई भी प्रयास करना है।  एक सिद्धांत है कि एक नवजात विश्वासी के रूप में हमें जीवन के हर पहलू पर अधिकार होना चाहिए: "सबसे बड़ी और सबसे उपयोगी आज्ञा यह है कि आप अपने परमेश्वर से अपने पूरे दिल से और अपनी सारी आत्मा और अपने पूरे दिमाग से प्यार करें" (मत्ती 22:36) 38 पद)।  यह कोई सुन्न या हल्का क्रम नहीं है।  एक आस्तिक के रूप में इसे हमारे जीवन का फोकस या आदर्श वाक्य होना चाहिए।  इसका अर्थ है परमेश्वर और उसके जीवित वचन पर हमारे पूरे दिल से ध्यान केंद्रित करना ताकि हमारी आत्मा और दिमाग उन चीजों से भर जाए जो उसे (परमेश्वर) को प्रसन्न करेगी।


 प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमने परमेश्वर के साथ एक संबंध स्थापित किया है जिसमें अन्य सभी संबंध आपस में जुड़े हुए हैं।  वैवाहिक संबंध उसी रिश्ते पर आधारित है जो आज मसीह और कलीसिया के बीच मौजूद है (इफिसियों 5: 22-33)।

 🙏महिलाओं, अपने पतियों के अधीन रहो, जैसे प्रभु के।  क्योंकि पति पत्नी का मुखिया है, वैसे ही जैसे मसीह कलीसिया का मुखिया है;  वह फिर से शरीर का उद्धारकर्ता है;

 इफिसियों।  5: 22-23


👨‍🏫 हमारे जीवन में सब कुछ प्रभु की आज्ञा और उनकी शिक्षाओं या दृष्टान्तों के अनुसार विश्वासियों के रूप में जीने की प्रतिबद्धता से संचालित होता है।  परमेश्वर और उसके वचन के प्रति हमारी आज्ञाकारिता हमें विवाह और संसार के लिए परमेश्वर के नियमों को पूरा करने के लिए आवश्यक हर चीज से लैस करती है।  प्रत्येक नवजात विश्वासी का नैतिक उत्तरदायित्व और कर्तव्य अपने जीवन के सभी पहलुओं के माध्यम से परमेश्वर की महिमा करना है (1 कुरिन्थियों 10:31)।


 🙏अतः तुम जो कुछ भी खाते हो, जो पीते हो, जो कुछ भी करते हो, सब कुछ परमेश्वर की महिमा के लिए करते हो।

 1 कुरिन्थियों।  10:31


👉 शादी कब करनी है?


 1 बहुत प्रार्थना और परमेश्वर की इच्छा जानने के बाद।

 2 आपको शादी करने के लिए उम्र का इंतजार करना होगा।  क्योंकि यह छोटे लड़कों और लड़कियों के बारे में नहीं है।  इसके पीछे बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।

 3 शादी के लिए एक मजबूत शरीर और अच्छे स्वास्थ्य की आवश्यकता होती है।  क्योंकि शादी के बाद बीमारी ठीक नहीं होती है।

 4 बेटे-बेटियों की शादी अपने माता-पिता की अनुमति से करनी होती है।  यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

 5 विवाह आर्थिक उत्तरदायित्व वहन करने की क्षमता प्राप्त कर ही करना चाहिए।


 👨‍🏫यदि आप अपने आप को विवाह के लिए तैयार करना चाहते हैं, तो आपको मसीह यीशु की बुलाहट का जवाब देना चाहिए और उसके साथ चलना चाहिए और परमेश्वर के वचन के द्वारा उसके साथ अधिक घनिष्ठ होना चाहिए (2 तीमुथियुस 3: 17-18)।


🙏 प्रत्येक ईश्वर-प्रेरित शास्त्र फिर से सिखाने के लिए, डांट के लिए, सुधार के लिए, धार्मिकता के लिए उपयोगी है, ताकि भगवान के लोग परिपक्व और सभी अच्छे कामों के लिए सुसज्जित हो सकें।

 2 तीमुथियुस।  3: 16-17


 ‍ 👨‍🏫और आप जो कुछ भी करते हैं उसमें आपको उसकी आज्ञाकारिता दिखानी चाहिए।  आज्ञाकारिता में परमेश्वर के साथ चलना सीखने का कोई आसान तरीका नहीं है।  यह चुनाव का विषय है जहां हमें प्रतिदिन स्वयं को संसार से बाहर रखना है और सीधे ईश्वर का अनुसरण करना है।  मसीह के साथ चलने का अर्थ है नम्रतापूर्वक अपने आप को हर दिन और हर पल उनके सामने आत्मसमर्पण करना जो हमारा एकमात्र मार्ग, सत्य और जीवन है।  यह स्वर्गीय उपहार (विवाह) है जिसके लिए प्रत्येक विश्वासी को तैयार रहने की आवश्यकता है।


 जो आध्यात्मिक रूप से परिपक्व है और ईश्वर के साथ संवाद करता है, वह किसी और की तुलना में विवाह के लिए अधिक तैयार होता है।  विवाह प्रतिबद्धता, गहरा स्नेह, नम्रता, प्रेम और सम्मान की मांग करता है।  ईश्वर के साथ जितना घनिष्ठ है, उतना ही इन गुणों को देखा जाता है।  जब आप स्वयं को विवाह के लिए तैयार करते हैं, तो आपको परमेश्वर के लिए सहमति देनी चाहिए कि वह आपको जिस तरह से चाहता है, वह आपको बना रहा है, और उस विषय पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करना चाहिए (इब्रानियों 12:1-2)।

 🙏तो आओ इतने बड़े साक्षी मेघ से घिरे, आइए हम भी धैर्यपूर्वक दौड़ें हमारे सामने, सभी बोझों और सरल बाधक पापों को दूर करते हुए;  मैं विश्वास के प्रवर्तक और पूर्णतावादी यीशु की ओर देखता हूँ;  वह वही है जिसने तुम्हारे सामने आनन्द के लिए क्रूस को सहा, अपमानों को तुच्छ जाना, और परमेश्वर के सिंहासन के दाहिनी ओर बैठ गया।

 हिब्रू।  12: 1-2


 यदि आप अपने आप को उसके सामने आत्मसमर्पण कर देते हैं, तो वह आपको वह सब कुछ प्रदान करेगा जिसकी आपको आवश्यकता है ताकि आप अपने आप को शादी के लिए पूरी तरह से तैयार कर सकें जब वह अद्भुत दिन, शादी का दिन आता है।


 👉कैसे एक सुखी वैवाहिक परिवार है?


 सुखी वैवाहिक परिवार की नींव पति-पत्नी के दिल की सच्ची कार के मिलन पर होती है।

 2 दोनों को किसी भी समस्या और गलतफहमी के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।

 3 पति और पत्नी को वचन और कर्म से एक दूसरे से प्रेम रखना चाहिए।


 विवाह एक पवित्र मिलन है।  यीशु मसीह को घर का मुखिया बनाओ।  परिवार के स्वामी और दाता के रूप में।


 👉 अब कुछ सवालों के जवाब दें?


 🤔1-  नीतिवचन 18:22 के अनुसार पत्नी की तलाश करने के दो कारण क्या हैं?


 🤔2. सुखी विवाह का मुख्य सिद्धांत क्या हो सकता है?


 🤔3. हम क्या मत्ती 19:8 से विवाह के बारे में सीख सकते हैं?


 🤔4. सुखी विवाह के कुछ बुनियादी सिद्धांत क्या हैं?


 🤔5. बाइबल में, परमेश्वर की दृष्टि में विवाह की तुलना किससे की गई है?


👨‍🏫 यह वाक्य परमेश्वर का वचन है यदि आपको लगता है कि आप किसी एक को लाइक या शेयर कर सकते हैं।  आप लाइक या शेयर करें यह वाक्य कई लोगों तक पहुंच सकता है।  आप किसी के सच्चे परमेश्वर (यीशु मसीह) में विश्वास बनाने के लिए पसंद या साझा कर सकते हैं।  आप लाइक या शेयर करके परमेश्वर के राज्य के काम में हिस्सा ले सकते हैं।  यह भी घर पर बैठकर लोगों तक परमेश्वर के वचन को पहुँचाने की बात है। परमेश्वर आपका भला करे।



Monday, 7 February 2022

Fasting उपवास (हिंदी)

 Fasting  (उपवास )


 क्या उपवास करना जरुरी है ?  

 सिधा जवाब है , नही No

 क्या उपवास करणा पाप है ? 

 सीधा जवाब है , नही No


 1) कहते है उपवास करना बहुत जरुरी है

2) उपवास नही करेंगे तो प्रभू नही सुनेगा

3) आप उपवास करते तो कोई गलत नही है आप उपवास कर सकते है 


तो प्रश्‍न क्या था ? क्या उपवास करना जरुरी है ? No


1) आपका Faith

 2) आपका विश्वास

3) आपका प्रार्थना 

4) आपका वचन 

5) आपका कॅरेक्टर प्रभू के साथ मे कैसा हैं ये इम्पॉर्टंट है 


तो , , ,

उपवास के बारे में बहुत सारी बाते सिखेंगे


उपवास तब ही करना चाहिये , जब पवित्र आत्मा अगवाई करता है 


 क्योंकि कोई कर रहा है , इसलिये मत करिये


 1) उपवास इसीलिए नही करना की कोई कर रहा है 

2) कही से अपने टिचिंग सूनी 

3) कही से अपने किताब पढी

4) कही से आपको पता चला तो आप बोलते है मै भी करुंगा

5) No No No आपको ऐसा नही करना है



1) आपको उपवास तब तक नही करना है 

2) जब तक पवित्र आत्मा आपको लीड नही करता 

3) आपके अंदर बोझ नही डालता 

4) जब पवित्र आत्मा आपको बोलता है , अब कर उपवास तब करना 

5) किसीके बोलने से , किसी ने किया इसलिए आप उपवास नही करना है

6) जब तक पवित्र आत्मा आपको लीड नही करता है , तब तक उपवास नही करना

7) जो करते है उन्हे करने दे 

8) लेकिन आप किसी की नकल मत करना


उपवास को लेकर आप कोई बंधन में नही है 


क्योंकी बाइबल मे उपवास को लेकर कोई नियम नही है - - - (2)


जबरदस्ती का उपवास मत रखे


1) आप स्वतंत्र हैं 

2) आप पवित्र आत्मा के लीड मे है 

3) आप येशू की कलीसिया हैं 

4) येशू की दुल्हन है

5) पवित्र आत्मा के लोग हैं 

6) पवित्र आत्मा के अगवाई मे चलने वाले लोग है 

7) आप जबरदस्ती का उपवास मत रखिए


1) कोई पास्टर कहता है , मे रखा हु , तुम भी रखो , 

2) कोई टीचर कहता है , मै जा रहा हू 7 दिन के फास्टिंग मे आप करे ,  क्यों करे ? 

3) आपको प्रभूने बोझ दिया है , आप करो

4) पुरा 7 दिन 10 दिन 20 दिन 40 दिन के फास्टिंग मे क्यों लेकर जा रहे है ?


 इसीलिये जबरदस्ती का उपवास मत रखिये


भावनाओं मे आकर उपवास मत करिये


 A) कई सेवकोने अपनी जान गवाई है

  B) और बहूतो ने जब उपवास का कोई रिझल्ट नही मिला तो सेवा ही छोड दी


1) किसी ने कहा प्रभू कहता है फास्टिंग करो , तो हम चले जाते है भावनाओ में 

2) ऐसी कितने है जो मर गये , उपास के कारण , मर्जीसे कर रहे थे 


इसलिये रिझल्ट नही मिला और कहते हैं , 


1) प्रभुस सच्चा नही है , प्रभू सुनता नही है , प्रभू अच्छा नही है , मेरे उपर तेरी योजना नही है  

2) आज से मै मिनिस्ट्री बंद कर रहा हू और सेवा छोड दी 

3) इसे कहते मूर्खता , इसे कहते है नॉनसेन्स , इसे कहते  पागलपन


कही लोग सिखाते है , अगर पावर फुल बनना है , तो आपको उपवास मे जाना होगा


 7 दिन , 10 दिन , 20 दिन , 40 दिन ये धारणा गलत है , Total गलत हैं 


1) आपको पावर फूल बनाने के लिए , किसी प्रकार का हाथ पैर नही मारना है 

2) आपको किसी प्रकार का , अपनी ताकत नही लगाना है 


क्योंकि ,

 पावरफुल आप नही बनते है --(2) , पावरफुल परमेश्वर बनाता है , 

आप खुद पावर फुल नही बनते है


 1) कहते है आपको पावर फूल बनना है , तो 7 दिन 10 दिन 20 दिन 40 दिन जाना होगा

2) पावरफुल आप नही बनते , तो पावरफुल परमेश्वर बनाता है

3) लेकिन आप की तपस्या से नही होता है 

4) ये परमेश्वर का अनुग्रह है , ये परमेश्वर का प्रेम है , ये परमेश्वर की दया है


जब कभी आप बाईबल में कोई वचन पडते है उपवास को लेकर , तो उसकी नकल मत करना


जैसे कि , कहा ?

 1) मुसा ने उपवास किया था


                      निर्गमन 34:28 

          

मूसा तो वहां यहोवा के संग चालीस दिन और रात रहा; और तब तक न तो उसने रोटी खाई और न पानी पिया। और उसने उन तख्तियों पर वाचा के वचन अर्थात दस आज्ञाएं लिख दीं॥


 1) तो इसके नकल मै और आप कर सकते है , नही 

2) जैसे मुसा ने किया तो हमे भी करना है , ऐसे है कुछ लोग कहते है 

 3) तो आपको किसी वचन का उपवास नही करना है , मुसा को नमस्ते 

4) वो मुसा का टाइम था , वो मुसा का दौड था , वो मुसा का वक्त था उसको हम नही करेंगे 

5) किसी प्रकार की नकल नही करना है , वो मुसा को कहा हैं

6) मुसा के साथ क्लोज करो , आप मुसा नही है


2) दानियल ने उपावास किया था


               दानिय्येल 10:3 

           

उन तीन सप्ताहों के पूरे होने तक, मैं ने न तो स्वादिष्ट भोजन किया और न मांस वा दाखमधु अपने मुंह में रखा, और न अपनी देह में कुछ भी तेल लगाया।


1) इसको आप पढते है हिंदी मे , आप पढते है इंग्लिश मे

2) लेकिन जब आप ओरिजनल मे जो हिब्रु हैं , लॅटिन है उस मे पढते है तो पता चलता है दानियल ने खाना खाया है 

3) लेकिन स्वादिष्ट नही , उसने पानी पिया था , दाखरस नही 

4) तो उस ने खाना खाया भी , पानी भी पिया था

5) दानियल क्या कहता है मैने खाना खाया और लोग इसकी नकल करते है 

6)  मै 21 दिन Fasting मे जाऊंगा मै कुछ नही खाऊंगा ,  लेकिन दानियल ने कुछ खाना खाया था 

7) दानियल कहता है , मैने खिचडी खाया था , मैने कुछ ना कुछ खाया था , आप क्या कर रहे हो


3) योएल ने उपवास किया था


             योएल 2:12 


तौभी यहोवा की यह वाणी है, अभी भी सुनो, उपवास के साथ रोते-पीटते अपने पूरे मन से फिरकर मेरे पास आओ।


1) तो इस वचन की नकल हम कर सकते है ? नही 

2) किसी मॅन ऑफ गोड की , किसी दास की , किसी बायबल के जमाने के किसी प्रोफेट की 

3) किसी भी व्यक्ति की अब्राहम से लेकर मुसा तक , मुसा से लेकर यहुन्ना बप्तसीमा तक , 

4) यहुन्ना बप्तसीमा से लेकर पौल तक 

5) किसी की भी नकल नही करना है


वर्तमान सेवको की भी नकल मत करीए


 कोई आफ्रिका , अमेरिका , भारत का किसी की भी नकल मत करो


कुछ कॉन्सेप्ट हैं - - (2) 


कहते है ,


1) मेरे मिनिस्ट्री के पीछे , आज मे इतना पावरफुल हु 

2) उसके पीछे वो प्रभू को क्रेडित नही देते , वो पवित्र आत्मा को क्रेडित नही देते , 

3) किस को देते है पता है , फास्टिंग को 

4) कहता है में 40 दिन फस्टिंग मे था ,  कितने बार 10 बार , तब जाकर ये अभिषेक मुझे मिला है , 

5) तब जाकर पवित्र आत्मा मुझे मिला है , ऐसी डीगी मारते है


शारीरिक भक्ति से कुछ नही होगा


1) आपको दिखावे के लिए कुछ नही करना है 

2) आपको पब्लिक को दिखाने के लिए कुछ नही करना है 

3) तो शारीरिक भक्ती बंद करीए , खुद को पिटना , खुद को मारना बंद करीए 

4) तो वर्तमान सेवको की भी नकल मत करीए


आईये देखते है , यीशू ने क्या कहा था 

उपास को लेकर

                       मत्ती 6:16‭-‬18 


जब तुम उपवास करो, तो कपटियों की नाईं तुम्हारे मुंह पर उदासी न छाई रहे, क्योंकि वे अपना मुंह बनाए रहते हैं, ताकि लोग उन्हें उपवासी जानें; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके। परन्तु जब तू उपवास करे तो अपने सिर पर तेल मल और मुंह धो। ताकि लोग नहीं परन्तु तेरा पिता जो गुप्त में है, तुझे उपवासी जाने; इस दशा में तेरा पिता जो गुप्त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा॥


1) तो मै दिखाने की फास्टिंग क्यों करू , मै पब्लिक क्यों दिखाऊ कि मै 40 दिन के Faasting में हू 

2) उपवास आपके और परमेश्वर के बीच मे की बात है ना

3) अपने उठाकर पब्लिक किया , आपने सार्वजनिक कर दिया , अपने Doctring बना दिया


यीशु कहता में जब तक नही बोलता , तू Fasting नही करना 

पवित्र आत्मा कहता मै नही कहता , तब तक Fasting नही करना


आपको उपवास कब ? और क्यों ?  करना चाहिए ?


मिनिष्ट्री के लिए उपवास करो , मिनिष्ट्री में कोई रुकावट हैं तो उपवास करो


1) आप प्रभू के पास मे जा सकते प्रभू मेरा चर्च , मेरी मिनिस्ट्री , मेरा कुछ भी ठीक नही हो रहा है 

2) मुझे कैसे बैठू , मै कैसे प्रार्थना करु , आपको मिनिष्ट्री के लिए उपवास करना है , 

3) प्रभू के पास बैठे मै वचन क्यों नही समज पा रहा हु , मै डिसिप्लिन क्यों नही कर पा रहा हु , 

4) मेरे प्रचार से लोग क्यों नहीं बदल पा रहे है , इसलिये उपवास करिये


              

               प्रेरितों के काम 13:2‭-‬4 

जब वे उपवास सहित प्रभु की उपासना कर रहे था, तो पवित्र आत्मा ने कहा; मेरे निमित्त बरनबास और शाऊल को उस काम के लिये अलग करो जिस के लिये मैं ने उन्हें बुलाया है। तब उन्होंने उपवास और प्रार्थना कर के और उन पर हाथ रखकर उन्हें विदा किया॥ सो वे पवित्र आत्मा के भेजे हुए सिलूकिया को गए; और वहां से जहाज पर चढ़कर कुप्रुस को चले।


आपका फास्टिंग आपका व्यक्तिगत फायदा नही कर रहा है ,  तो 

आपका फास्टिंग परमेश्वर का किंग्डम का फायदा कर रहा है - - (2) 


बर्नबा और पौल


 1) उनको चर्चने नही भेजा 

 2) उनको संस्थाने नही भेजा

 3) उनको डीनामेनेशन ने नही भेजा 

 4) तो लिखा है पवित्र आत्मा ने भेजा है 

 5) इसका मतलब है उनको लेडींग पवित्र आत्मा ने किया है

 6) प्रभू का राज्य बढाने के लिए उपवास करना है


आपको उपास इन सब चीजो के लिये नही करना है - - (2) 

वो कौन कौन सी चीज है तो ,


 1) परमेश्वर के करीब आने के लिए 

 2) पवित्र आत्मा से भर के लिए 

 3) वरदानो को पाने के लिए 

क्यों ,, 

क्योंकी की , 


 1) परमेश्वर आपके करीब आ चुका हैं

 2) पवित्र आत्मा आपको मिल चुका है 

 3) वरदानों भी आपको मिल चुका है


प्रभू कहता है , 


1) मुसा करता था उपवास 

2) अब्राहम करता का उपवास 

3) जोशवा करता था उपवास 

4) ये सब करते ते उपवास 


क्यो ,

क्योंकी ,

 1) में नही था ना उनके पास लेकिन ,

 2) तुम तो मेरी कलीसिया हो - - (2) 

 3) तुम मेरी दुल्हन हो 

 4) मै ऑलरेडी आ चुका हु आपके अंदर 

 5) पवित्र आत्मा दे चुका हु 

 6) वरदान से तुम्हें भर चुका हू 


तो क्या करता  , काम करता है , प्रभू का काम



हर विश्वासी की ये 3 तरह की Needs की जरुरत होती है


1) Spiritual Need - आत्मिक जरूरत

2) Physical Need - शारीरिक जरुरत

3) Materal Need - भौतिक जरुरत


                   याकूब 1:17 


क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है।


तो आपका , 


 1) आत्मिक जरूरत कौन पुरा करता है  ? परमेश्वर

 2) शारीरिक जरुरत कौन पुरा करता हैं ? परमेश्वर

 3) भौतिक जरुरत कौन पुरा करता है ? परमेश्वर

 4) तो आपका आत्मिक जरूरत पूरा हो चुका है 

 5) आपका शारीरिक जरुरत पुरा हो चुका है

 6) आपका भौतिक जरूरत पूरा हो चुका है 


आपका सर दुखना , पेट दुखना , कोरोना , आपका कॅन्सर

 ये सारी चीजे प्रभू कहता है मै बैठा हु , मै ठीक करुंगा


भौतिक जरूरत -


 1) राशन बिल नही , टेलिफोन बिल , इलेक्ट्रिकल बिल , बच्चो का स्कूल का फीज  

2) ये सारी चीजे प्रभू कहता है , में बैठा हूं

3) तो , जो चीज आपको प्रभू ऑलरेडी दे चुका है 

4) आप उसको लेकर Fasting में क्यों बैठ रहे हो ? (2)


आपका आत्मिक जरूरत -


 1) क्या चाहिये था , सालवेशन मिल गया 

 2) परमेश्वर की उपस्थिती मिल गया 

 3) आपको क्या चाहिये था , पवित्र आत्मा मिल गया 

 4) आपको क्या चाहिये था , वरदान मिल गया 


Fasting क्यों ?


शारीरिक जरूरत -

 1) मेरा हेल्थ अच्छा नही है , प्रभू कहता मेरे कोडे खाने से चंगाई मिली

 2) पैसे , नोकरी आपकी जरुरीते परमेश्वर बैठा हैं


Fasting सिर्फ सिर्फ 1 ही चीज के लिए करते है और वह है  , प्रभू तेरा राज्य बडे - - (2)


आज मशीह समाज मे उपवास खतरनाक होता जा रहा है

 दुष्ट आत्माओं की मिनिष्ट्री को प्राप्त कर रहे है


कैसे :-

1) एक पवित्र आत्मा नही - दो 

2) एक यीशु नही - दो 

3) एक सुसमाचार नही - दो


1) स्वर्ग दूत तो को जबरदस्ती देखना

2) आत्मा मे कही जा कर आने की बातो को करना

3) दर्शन पाने की चाह रखना

4) कोई कहता है मुझे स्वर्ग दूत दिखते है , कोई दिक्कत नही हैं

5) लेकिन मुझे भी देखना चाहिए , तो ये गलत है


जबरदस्ती देखना ,

 1) पवित्र आत्मा मुझे उठा कर ले जाये अमेरिका , आफ्रिका मे , गलत है

2) प्रभू आपको नही दे रहा है , लेकिन आप जबरदस्ती देखना चाहते है


तो बेस्ट (Best) क्या है ?


1) आपको बैठना हैं प्रभू के पास मे  , 

2) प्रभू में रहना है

3) वचन के अनुसार चलना है


तो आप को जबरदस्ती से नही मागना हैं

ऐसा मत करिये (2) 


तो फास्टिंग को लेकर जबरदस्ती नही करना , 


1) नक्कल नही करना 

2) जब तक पवित्र आत्मा नही कहता Fasting नही करना

3) क्योंकी किसी ने कहा नही करना है 

4) चर्च का सिस्टम हैं , नही करना है 

5) आपको अच्छा लगता है , इसलिये नही करना है 

6) आपको जब भी लीड होता है तब करना है









Sunday, 6 February 2022

compromise

 आज विषय

एक बार जरुर पढ़े


*बहुत से मसीह लोग कर रहे है compromise*


👉 *हम सब के साथ compromise कर लेते हैं!*


(हिन्दी शब्द है समझौता)


*compromise*


✍️ *compromise (समझौता) करने के चलते गड़बड़ बहुत हो रही है!*


 👉 *ये बहुत ख़तरनाक है!*


        *"तीन characters थे"*


⭐  *शद्रक, मेशक, और अबेदनगो ने कभी compromise नहीं किया!*


👉इन सभी को पता था, मूर्ति के आगे नहीं झुकना है, मूर्ति की अराधना नहीं करना!


*उदाहरण*:-


⭐ *दानिय्येल*


✍️ *दानिय्येल ने कभी compromise नहीं किया!*


*उदाहरण*:-


⭐ *युसूफ*


✍️ *युसूफ ने पोतीपर की पत्नी के compromise नहीं किया!*


👉 *जो गलत है वो गलत है!*


👉 *जो सही है वो सही है!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *वैसे ही हम सबको सीखना होगा ,क्या सही है क्या गलत है!*


👉 *और उसे ऐसा ही प्रगट करें जैसा उचित है!*


👉अब हे प्रभु, उनकी धमकियों को देख; और अपने दासों को यह वरदान दे कि *तेरा वचन बड़े साहस से सुनाएँ।*

(प्रेरितों के काम 4:29)


✍️मतलव:- तेरा वचन हिम्मत से सूनाएं!


👉 *सत्य को  बोलने की हिम्मत रखो!*


👉 *मैं उन सभी से पूछना चाहता हूं, जो इस वचन को सून रहे हैं!*


👉 *मेरी बहन मैं तुम से पूछना चाहता हूं!*


👉 *मैं भाई मैं तुम से पूछना चाहता हूं!*


👉 *pastor मैं तुम से पूछना चाहता हूं!*


👉 *कलीसिया के लोगों मैं तुमसे पूछना चाहता हूं!*


👉 *क्या सत्य को बोलने की हिम्मत है, आप में!*


👉अगर नही है तो प्रार्थना में बैठे और परमेश्वर से मांगे!


👉 *हे पिता परमेश्वर जब सत्य की बात आती है, मैं किसी से compromise नहीं करुंगा!*


*ध्यान दें*


✍️ *वचन का सत्य बोलने के लिए किसी से डरने की जरूरत नहीं है!*


👉 *अगर आपके पास वचन का सत्य है, किसी के बाप से डरने की जरूरत नहीं है!*


👉इस का मतलव है:- 


👉 *वचन का सत्य आपके पास में है!*


👉 *वो चाहे आपका office का Boss हो!*


👉 *वो चाहे आपको business partner हो!*


👉 *वो चाहे आपके चर्च के believers हो!*


👉 *वो चाहे आपके चर्च का pastor हो!*


👉 *आपके रिश्तेदार हो!*


👉 *आपके घर परिवार के मैंबर माता,पिता,भाई,बहन हो!*


✍️ *आप जैसे भी है ,जहां भी है ,जो भी है, अगर आपको वचन का सत्य पता है bindass बोलिए!*

(खुलकर बोलिए)


👉परन्तु तुम्हारी बात हाँ की हाँ, या नहीं की नहीं हो; क्योंकि जो कुछ इससे अधिक होता है वह बुराई से होता है।

(मत्ती 5:37)


✍️तो यीशु ने क्या बोला जहां हां है, वहां हा बोलो, जहां नहीं है वहां नहीं बोलो!


👉जो ठीक है, उसे बोलो ठीक है ,और जो गलत है, उसे डंके की चोट पर बोलो गलत है!


👉कोई जरूरत नहीं है डरने की!


*ध्यान से सूने:-*


✍️जब आप यहां फेर बदल करते हो ना तब वह बुराई से होता है!


👉 *हाय उन पर जो बुरे को भला और भले को बुरा कहते,* जो अंधियारे को उजियाला और उजियाले को अंधियारा ठहराते, और कड़वे को मीठा और मीठे को कड़वा करके मानते हैं!

(यशायाह 5:20)


👉 *यीशु का statement है सही को सही बोले गलत को गलत बोले!*


*God bless you*

खोजा के विषय में

 आज का विषय 

एक बार जरुर पढ़े लें


*हम वचन पर कम ध्यान देते है, इसलिए गलत शिक्षा को पहचान नहीं पाते हैं*


✍️ *खोजा के विषे में*:-


पढ़े (प्रेरितो के काम 8:26-40)


✍️ रथ पर जा रहा था पर वो कन्फ्यूज था!


👉यशायाह 53 अध्याए समझ नहीं पा रहा था!


👉पवित्रशास्त्र का जो अध्याय वह पढ़ रहा था, वह यह था:

“वह भेड़ के समान वध होने को पहुँचाया गया,

और जैसा मेम्ना अपने ऊन कतरनेवालों के सामने चुपचाप रहता है, वैसे ही

उसने भी अपना मुँह न खोला,”

(प्रेरितों के काम 8:32)


👉 इस पर खोजे ने फिलिप्पुस से पूछा, “मैं तुझ से विनती करता हूँ, *यह बता कि भविष्यद्वक्ता यह किसके विषय में कहता है, अपने या किसी दूसरे के विषय में?”*

(प्रेरितों के काम 8:34)


✍️ वो तो शूकर है फिलिप्पुस वहां था!


👉फिलिप्पुस ने खोजा का कन्फ्यूजन दूर की :-


👉 *खोजा सब कुछ कर रहा था*:-


👉 *दान दे रहा था!*

👉 *प्रार्थना कर रहा था!*

👉 *पर वचन नहीं समझ रहा था!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *हर वचन को context (संदर्भ) में समझना बहुत जरूरी* 

 

👉 अपने आपको परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करनेवाला ठहराने का प्रयत्न कर, जो लज्जित होने न पाए, *और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो।*

(2 तीमुथियुस 2:15)


✍️ *हमें वचन को ठीक रीति से काम में लाना है!*


👉सवाल :- *क्या हमारे मसीह समाज में आंधे आगुवे आज भी पाएं जाते हैं?* 


👉 जी हां जैसें तब थे अब भी है!


👉 *कई ऐसे लिडर,पास्टर,है जो खुद सत्य को नहीं जानते पर दावा करते हम जानते है!*


👉 *उनको जाने दो; वे अंधे मार्ग दिखानेवाले हैं और अंधा यदि अंधे को मार्ग दिखाए, तो दोनों गड्ढे में गिर पड़ेंगे।”*

(मत्ती 15:14)


✍️ यह यीशु ने कहा है यदि आंधा आंधे को मार्ग दिखागा तो?


*ध्यान से सूने*


✍️ *आज कलिसिया आंधी बन कर चल रही है*


👉 *अभिषेक के नाम पर*  

👉तेल,

👉पानी 

👉घड़ी,

👉ब्रेसलेट

👉नमक , 

👉रुमाल, बेचा जा रहा है!


👉 *ये अंधापन है*


*ध्यान से सूने*:-


👉 तुम ने सेंत-मेंत पाया है, सेंत-मेंत दो।(मत्ती 10:8)


✍️ *यीशु ने कहा मुफ्त लिया है मुफ्त बाटो!*


👉 *कई कहते हैं किसी के विरोध में बात मत करो* (आलोचना)


👉 *इसे आलोचना नहीं वचन की जानकारी देना कहते हैं!*


👉(पढ़े तीतुस 1:1-14 ):- 


👉 *कि तू शेष रही हुई बातों को सुधारें,* 


👉 *सुधारे*

👉 *कौन सुधारे?*

👉 *खरी शिखया दे!*


👉 *यीशु ने उनको उत्तर दिया, “सावधान रहो! कोई तुम्हें न बहकाने पाए।*

(मत्ती 24:4)


✍️ *सावधान रहो*:-


👉 *“क्योंकि झूठे मसीह और झूठे भविष्यद्वक्ता उठ खड़े होंगे,* और बड़े चिन्ह और अद्भुत काम दिखाएँगे, कि यदि हो सके तो चुने हुओं को भी बहका दें।

(मत्ती 24:24)


✍️ *चूने हुओं तक को भी फंसा देंगे*


👉फिर उसने अपने चेलों से कहा हो नहीं सकता कि ठोकरें ना लगे, *परंतु हाय उस मनुष्य पर जिसके कारण वह आती हैं!*

(लूका 17:1)


✍️ *वह मनुष्य कौन है?* 

👉 *कोई भी हो सकता है!*


*ध्यान से सूने*


✍️ *हम उन्हें कैसे पहचान सकते हैं?*


👉अब हे भाइयों, मैं तुम से विनती करता हूँ, कि जो लोग उस शिक्षा के विपरीत जो तुम ने पाई है, फूट डालने, और ठोकर खिलाने का कारण होते हैं, उनसे सावधान रहो; *और उनसे दूर रहो।*

(रोमियों 16:17)


✍️ *उन्हे ताड़ लो ,उनसे दूर रहो!*


👉 *वचन से जांचना है,ताड़ना है!*


👉 *असली नकली की पहचान करनी है!*


👉 *अगर असली देखा है तो नकली को पहचान लेंगे!*


*सूने*


✍️ *हम टाईम पास बहुत करते हैं;- गिटार,तबला,इत्ती आदी कामों में!*


👉 *वचन पर कम ध्यान देते है, इसलिए गलत शिक्षाया को पहचान नहीं पाते!*


👉 *गलत बीज, बीज जाते हैं और हम फंस जाते हैं!*


👉परमेश्वर और मसीह यीशु को गवाह करके, जो जीवितों और मरे हुओं का न्याय करेगा, उसे और उसके प्रगट होने, और राज्य को सुधि दिलाकर मैं तुझे आदेश देता हूँ। *कि तू वचन का प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डाँट, और समझा। क्योंकि ऐसा समय आएगा,* कि लोग खरा उपदेश न सह सकेंगे पर कानों की खुजली के कारण अपनी अभिलाषाओं के अनुसार अपने लिये बहुत सारे उपदेशक बटोर लेंगे। और अपने कान सत्य से फेरकर कथा-कहानियों पर लगाएँगे।

(2 तीमुथियुस 4:1-4)


✍️ *वचन की स्टडी करे!*


👉और उसने कुछ को प्रेरित नियुक्त करके, और कुछ को भविष्यद्वक्ता नियुक्त करके, और कुछ को सुसमाचार सुनानेवाले नियुक्त करके, और कुछ को रखवाले और उपदेशक नियुक्त करके दे दिया।

जिससे पवित्र लोग सिद्ध हो जाएँ और सेवा का काम किया जाए, और मसीह की देह उन्नति पाए। जब तक कि हम सब के सब विश्वास, और परमेश्वर के पुत्र की पहचान में एक न हो जाएँ, और एक सिद्ध मनुष्य न बन जाएँ और मसीह के पूरे डील-डौल तक न बढ़ जाएँ। ताकि हम आगे को बालक न रहें, जो मनुष्यों की ठग-विद्या और चतुराई से उनके भ्रम की युक्तियों की, और उपदेश की, हर एक वायु से उछाले, और इधर-उधर घुमाए जाते हों।

(इफिसियों 4:11-14)


👉 और दुष्ट, और बहकानेवाले धोखा देते हुए, और धोखा खाते हुए, बिगड़ते चले जाएँगे।

(2 तीमुथियुस 3:13)


✍️ *अगर धोखा नहीं खाना तो क्या करना पड़ेगा?*


👉 *वचन की स्टेडी करें!*


👉 *परन्तु यदि हम या स्वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हमने तुम को सुनाया है,* कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो श्रापित हो।

(गलातियों 1:8)


✍️ *ऐसों से बचना है!*


👉 *जो छोटी लोमड़ियाँ दाख की बारियों को बिगाड़ती हैं, उन्हें पकड़ ले,* क्योंकि हमारी दाख की बारियों में फूल लगे हैं।” 

(श्रेष्ठगीत 2:15)


✍️ *उने पकड़ने!*


👉 *“झूठे भविष्यद्वक्ताओं से सावधान रहो,* जो भेड़ों के भेष में तुम्हारे पास आते हैं, परन्तु अन्तर में फाड़नेवाले भेड़िए हैं।

(मत्ती 7:15)


✍️ *उन से दूर रहे!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *कुछ लोबडीया चर्च में घुस गई है!*


👉 *उन्हें पकड़ना बहुत जरूरी है!*


👉 *पौलुस के सामने सच्चे सेवक ही कलिसिया की चिंता करते हैं!*

 

👉और अन्य बातों को छोड़कर जिनका वर्णन मैं नहीं करता *सब कलीसियाओं की चिन्ता प्रतिदिन मुझे दबाती है।*

(2 कुरिन्थियों 11:28)


✍️ *सच्चे सेवको के समान चिंता!*


👉 *मजदूर जो न चरवाहा है, और न भेड़ों का मालिक है, भेड़िए को आते हुए देख, भेड़ों को छोड़कर भाग जाता है,* और भेड़िया उन्हें पकड़ता और तितर-बितर कर देता है। वह इसलिए भाग जाता है कि वह मजदूर है, और उसको भेड़ों की चिन्ता नहीं।

(यूहन्ना 10:12-13)


✍️ *भेडिया गलत शिक्षा वाले लोग हैं!*


*ध्यान से सूने*


✍️ *पास्टर को मजदूर बनकर सेवा नहीं करनी है!*


👉 *चरवाहा बनकर सेवा करनी है!*


*"कलिसिया को"*


👉 *होशियार होना चाहिए!*

👉 *जागरुक होना चाहिए!*

👉 *संतरक,और जानकार होना चाहिए!*


*God bless you*

Friday, 4 February 2022

बाइबल को पढ़ते समय में बहुत सतर्क रहना होगा

 आज का विषय 

एक बार जरुर पढ़े लें


*बाइबल को पढ़ते समय में बहुत सतर्क रहना होगा*


 *क्यों ?????*


✍️ *इतने सारे क्यों जानबूझकर इसलिए डाले हैं!*


👉 *आपको जिंदगी भर पूछते रहना है* 


👉 *क्यों क्यों क्यों क्यों?*


👉 *क्या लिखा है, तू कैसे पढ़ता है ?”*

(लूका 10:26)


✍️बाइबल पढ़ते वक्त में यह आपके जहन (दिमाग) में होना चाहिए!


👉 *क्या लिखा है और तू कैसे पड़ता है!*


👉यहा पर अपना नाम डालिए.........


👉खुद से पूछना है!


👉 *क्या लिखा और ........तू कैसे पढ़ता है?*


👉और जितने प्रभु के दास दासी क्या लिखा है और तू कैसे पढ़ता है!


👉और सतर्क (सावधान)रहना है!


👉 *यीशु कहता be careful*

 

👉 *पता है क्यों*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *क्योंकि जैसा पढ़ेंगे!*


👉वैसा शिखाएंगे!


✍️ *जैसे समझेंगे!*


👉वैसे समझाएंगे!


✍️ *जैसे खुद को लेगे!*


👉वैसे दूसरों को देगे!


*सूने*:-


✍️ *अगर सही लें लिया!*


👉तो सही दे देंगे!


✍️ *सही समझ लिया!*


👉तो सही समझा देंगे!


✍️ *सही तरीके से पढ़ लिया!*

👉तो सही तरीके से पढ़ा देगे!


👉 *अगर गलत कर दिया तो?* 


👉 *फिर तो सोचिए क्या बेड़ा गर्क हो जाएगा!*


*सोचे......*


*ध्यान से सूने*:-


👉 और उससे कहा, “मैं यह सब अधिकार, और इनका वैभव तुझे दूँगा, क्योंकि वह मुझे सौंपा गया है, और जिसे चाहता हूँ, उसे दे सकता हूँ। इसलिए, यदि तू मुझे प्रणाम करे, तो यह सब तेरा हो जाएगा।” यीशु ने उसे उत्तर दिया, “लिखा है: ‘तू प्रभु अपने परमेश्वर को प्रणाम कर; और केवल उसी की उपासना कर।’” 


👉तब उसने उसे यरूशलेम में ले जाकर मन्दिर के कंगूरे पर खड़ा किया, और उससे कहा, “यदि तू परमेश्वर का पुत्र है, तो अपने आपको यहाँ से नीचे गिरा दे। *क्योंकि लिखा है,* ‘वह तेरे विषय में अपने स्वर्गदूतों को आज्ञा देगा, कि वे तेरी रक्षा करें’

 (लूका 4:6-10)


👉 और ‘वे तुझे हाथों हाथ उठा लेंगे ऐसा न हो कि तेरे पाँव में पत्थर से ठेस लगे।’”   


👉यीशु ने उसको उत्तर दिया, “यह भी कहा गया है: ‘तू प्रभु अपने परमेश्वर की परीक्षा न करना।’” 

(लूका 4:11-12)


✍️ *आज भी कुछ कहते हैं लिखा है!*


*उदाहरण*:-


✍️पौलुश ने तीमुथियुस का :-


👉भविष्य में केवल जल ही का पीनेवाला न रह, *पर अपने पेट के और अपने बार बार बीमार होने के कारण थोड़ा-थोड़ा दाखरस भी काम मे लाया कर।*

(1तीमुथियुस 5:23)


✍️ *कुछ कहते शराब पीनी चाहिए!*


*सूने*:- 


👉बाईबल को ध्यान से पढ़ना चाहिए!


👉हमें बाईबल की जानकारी उत्पत्ति से प्रकाशितवाक्य तक होनी चाहिए!


👉कुछ कहते लिखा है!


👉ठीक है लिखा है :- *पर ये भी देखना है कियू लिखा है?*


*सूने*:-


✍️ यीशु ने कहा है ...


👉 *इसलिए जो कोई इन छोटी से छोटी आज्ञाओं में से किसी एक को तोड़े, और वैसा ही लोगों को सिखाए, वह स्वर्ग के राज्य में सबसे छोटा कहलाएगा;* परन्तु जो कोई उनका पालन करेगा और उन्हें सिखाएगा, वही स्वर्ग के राज्य में महान कहलाएगा।

(मत्ती 5:19)


👉 *मैं हर एक को, जो इस पुस्तक की भविष्यद्वाणी की बातें सुनता है, गवाही देता हूँ: यदि कोई मनुष्य इन बातों में कुछ बढ़ाए तो परमेश्वर उन विपत्तियों को जो इस पुस्तक में लिखी हैं, उस पर बढ़ाएगा। और यदि कोई इस भविष्यद्वाणी की पुस्तक की बातों में से कुछ निकाल डाले,* तो परमेश्वर उस जीवन के पेड़ और पवित्र नगर में से, जिसका वर्णन इस पुस्तक में है, उसका भाग निकाल देगा।

(प्रकाशितवाक्य 22:18-19)


✍️ *इसलिए हम प्रचारकों को सावधान रहना होगा!*


👉सही सिखाया तो बच गए गलत सिखाया तो फस गए!


👉 *हे मेरे भाइयों, तुम में से बहुत उपदेशक न बनें, क्योंकि तुम जानते हो,* कि हम उपदेशकों का और भी सख्‍ती से न्याय किया जाएगा। इसलिए कि हम सब बहुत बार चूक जाते हैं जो कोई वचन में नहीं चूकता, वही तो सिद्ध मनुष्य है; और सारी देह पर भी लगाम लगा सकता है।

(याकूब 3:1-2)


✍️ *प्रचारक सब से ज्यादा दोषी ठहरेंगे!*


👉 *कियोकि हम कोई बातों को ठीक से सिखाते नही!*


👉 अपने आपको परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करनेवाला ठहराने का प्रयत्न कर, जो लज्जित होने न पाए, *और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो।*

((2 तीमुथियुस 2:15)


*God bless you*

Wednesday, 2 February 2022

यीशु ने कहा Follow me

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


 *यीशु ने कहा Follow me*


(एक बहुत बड़ा खुलासा)


👉 *और उनसे कहा, “मेरे पीछे चले आओ,* तो मैं तुम को मनुष्यों के पकड़नेवाले बनाऊँगा।”

(मत्ती 4:19)


👉 *भीड़ की भीड़ उसके पीछे हो ली।* 

(मत्ती 4:25)


✍️ *चेले किस के पीछे जा रहे है?* 

👉 *यीशु के पीछे*


👉 *भीड़ किस के पीछे जा रही थी?*


👉 *यीशु के पीछे*


👉 *एक बड़ी भीड़ उसके पीछे हो ली।*

(मत्ती 8:1)


👉 *और बहुत लोग उसके पीछे हो लिये,* और उसने सब को चंगा किया।

(मत्ती 12:15)


✍️ *जिस जिस भीड़ ने यीशु को follow किया!*


👉लड़का-लड़की!

👉पुरुष स्त्री! 

👉बच्चे बूढ़े!


👉 *जितने भी यीशु को follow किया यीशु ने सब को चंगा किया!*


"इस को दिमाग में रख लो"


👉 *और गलील से एक बड़ी भीड़ उसके पीछे हो ली।*

(मरकुस 3:7)


 👉 *और लोग यह सुनकर नगर-नगर से पैदल उसके पीछे हो लिए।*

(मत्ती 14:13)


👉 *यह जानकर भीड़ उसके पीछे हो ली,* और उनसे परमेश्वर के राज्य की बातें करने लगा, और जो चंगे होना चाहते थे, उन्हें चंगा किया।

(लूका 9:11)


*ध्यान से सूने*:-


*प्रश्न: इन सारे के सारे वचन में किस को‌ follow कर रहे हैं?*


✍️ *यीशु को*


*प्रश्न: किस के पीछे चल रहे हैं?*


✍️ *यीशु के पीछे चल रहे हैं!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *अब आप सोच रहे होंगे pastor जी ये बातें क्यों रख रहे हैं!*


👉 *और क्या खुलासा है?*


👉 *एक बहुत बड़ा धोखा मसीह जगत में!*


👉 *वो धोखा किया है?*


👉 *90 प्रतिशत ministries वो चाहे national हो या international*


👉 *इसकी बजाय वो ये कहते जो social media से जो उनको सून‌ कर उनकी चर्च में लोग आते हैं!*


👉 *उनको कहना चाहिए Follow Jesus*


👉 *पर वो सिखा क्या रहे हैं* *Follow me*


👉 *Follow the us*

(हमें Follow करें)


👉 *Follow the ministry*


👉 *Follow the prophet*


👉 *Follow the  bishop*


👉 *Follow the pastor*


👉 *उनको Follow करो!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *ये क्यों हो रहा है,और लोग उनके पीछे जा भी रहे हैं!*


✍️ *कुछ concepts में से एक आपके बीच रखूंगा!*


👉 *यहां पर कुछ घटा और इसी का सहारा लेते हैं, तकरीबन बड़ी बड़ी ministries*


👉जब प्रेरितों ने जो यरूशलेम में थे सुना कि सामरियों ने परमेश्वर का वचन मान लिया है *तो पतरस और यूहन्ना को उनके पास भेजा। और उन्होंने जाकर उनके लिये प्रार्थना की ताकि पवित्र आत्मा पाएँ।*

(प्रेरितों के काम8:14-15)


✍️इसी को उठाते है! 


👉कहते देखिए जी!


👉 *आपका उद्धार हो गया है अच्छी बात है!*


👉 *यीशु आपके अंदर आ गया है अच्छी बात है!*


👉 *लेकिन आपको अभी तक पवित्र आत्मा नहीं मिला है!*


👉तो पवित्र आत्मा पाने के लिए!


👉जैसे यहां पर घटना घटी ना वैसे ही आपको 


👉prophet को 

👉pastor को

👉Bishop को

👉Apostlle को


👉इस को बुलाना

👉उस को बुलाना होगा, 


👉जब तक वो आप हाथ नहीं रखेगा!


👉 *आपको पवित्र आत्मा नहीं मिलेगा!*


 *प्रश्न: इसके मुताबिक ये होता है ना?*


👉 *सही है!*


*ध्यान दें:*


✍️ *अब सूने इसका खुलासा क्या है!*


👉 *परखते नहीं और घटना जो घटी थी!*


👉उसको doctrine सिद्धान्त बना दिया!


👉यह दरअसल एक घटना है!


👉उन्होंने पास पवित्र आत्मा नहीं था!


👉उन्होंने पास वचन था! 


👉पतरस गया, यहून्ना गया, हाथ रखा पवित्र आत्मा मिला!


👉ये एक घटना है!


👉 *ऐसा तुम करो एक भी जगह पर नहीं मिलेगा!*


👉 *तुम ऐसा ही pattern follow करना नहीं मिलेगा!*


👉और जो अपने आप को बड़ा बड़ा कहते हैं ना पक्का कर दिया!


👉कहा ये ही चलेगा!


👉 *अब सूने असल में हुआ क्या था?*


✍️जब सब कुछ हो जाता है 10 अधयाए में तो पतरस पहोंचता अपनी टीम के पास!


👉वहां पर कुरनेलियुस की घटना बताता है और बताते बताते!


👉 *जब मैं बातें करने लगा, तो पवित्र आत्मा उन पर उसी रीति से उतरा,* जिस रीति से आरम्भ में हम पर उतरा था। 


👉तब मुझे प्रभु का वह वचन स्मरण आया; जो उसने कहा, ‘यूहन्ना ने तो पानी से बपतिस्मा दिया, परन्तु तुम पवित्र आत्मा से बपतिस्मा पाओगे।’ 


👉अतः जबकि परमेश्वर ने उन्हें भी वही दान दिया, जो हमें प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करने से मिला; *तो मैं कौन था जो परमेश्वर को रोक सकता था?”*


👉यह सुनकर, वे चुप रहे, और परमेश्वर की बड़ाई करके कहने लगे, “तब तो परमेश्वर ने अन्यजातियों को भी जीवन के लिये मन फिराव का दान दिया है।

(प्रेरितों के काम11:15-18)


✍️पतरस ने यहां हाथ नहीं रखा!


👉मैं तो परमेश्वर की राज्य की बाते कर रहा था!


👉मैं तो प्रचार कर रहा था!


👉 *लिखा है परमेश्वर ने उन्हें वहीं दान दिया!*


👉पतरस ने हाथ नहीं रखा!

 

👉 *तो मैं कौन था जो परमेश्वर को रोक सकता था?”*


👉 *परमेश्वर को की कुरनेलियुस पर मत उतर मेरा हाथ आना जरूरी है!*


👉जब परमेश्वर खुद ही तय कर रहा है मैं कुरनेलियुस पर मैं कौन हूं उसकौ रोकने वाला!


👉यह सुनकर, वे चुप रहे, और परमेश्वर की बड़ाई करके कहने लगे, *“तब तो परमेश्वर ने अन्यजातियों को भी जीवन के लिये मन फिराव का दान दिया है।*

(प्रेरितों के काम11:18)


✍️आप नहीं समझते!


👉 *और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी।*

(इफिसियों 1:13)


👉 जिससे तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है।  (इफिसियों 4:30)


✍️परमेश्वर खुद ही पवित्र आत्मा की छाप लगा देता है!


👉prophet की 

👉इस की 

👉उस की ,जरुरत नहीं है!


👉आपको समझना होगा!


👉 *और तुम्हारा तो उस पवित्र से अभिषेक हुआ है,* और तुम सब सत्य जानते हो।

(1 यूहन्ना 2:20)


✍️उस से (यीशु) से


👉 *आपका अभिषेक किस ने किया?*


👉 *मेरा अभिषेक किस ने किया?*


✍️ *यीशु ने!*


*ध्यान दें:*


👉आप पर किसी के हाथ की जरूरत नहीं है!


1.*किसी के हाथ की जरूरत नहीं है!*


2.*किसी के हाथ की जरूरत नहीं है!*


3.*किसी के हाथ की जरूरत नहीं है!*


*ध्यान से सूने:-*


✍️ *आज 90 प्रतिशत सेवक आपनी तरफ खींच रहे हैं!*


👉मेरे पास आओ!


👉मैं प्रार्थना करूंगा, ये तब होगा!


👉ये ministry देखे कितनी powerful है!


👉Church देखे कितनी powerful है!


👉ये pastor देखे कितनी powerful है!


👉ऐसी छोटी छोटी videos powerful ministry की वहां भेजते हैं!


👉ये देखो pastor जी हाथ रख रहे लोग नीचे गिर रहे हैं!


👉 *अरे इस ने तो ये कर दिया!*


👉 *अरे इस‌ ने तो ये कर दिया!*


👉और कहते की‌ लोग देखे कितनी powerful है


👉और लोग attract (आकर्षित) हो जाते हैं!


👉 *फिर उसको follow करते हैं,जो व्यक्ति वहां पर चमत्कार कर रहा है!*


👉फिर आप किसी के follower बन जाते हैं!


👉बजाएं यीशु के आप follower बन जाते हैं उस के!


"यीशु ने कहता follow me"


"ये सेवक कहते हैं follow us"


*ध्यान दें:*


✍️इसलिए लिखा है, आज 90 प्रतिशत सेवक आपनी तरफ खींच रहे हैं!

 

👉जबकि उन्हें यीशु की तरह भेजना था!


👉तो बताए यीशु को गुस्सा आएगा के नहीं!


*ध्यान से सूने:-*


✍️आपको किस को follow करना है!


👉और मेरी और भी भेड़ें हैं, जो इस भेड़शाला की नहीं; मुझे उनका भी लाना अवश्य है, वे मेरा शब्द सुनेंगी; *तब एक ही झुण्ड और एक ही चरवाहा होगा।*

 (यूहन्ना 10:16)

✍️वह मेरा शब्द सूनेगी!


👉किसी prophet का नहीं!


👉किसी Apostille का नहीं!


👉और यीशु की आवाज वो सूनाएगा जो यीशु को follow करता है!


*तब एक ही झुण्ड और एक ही चरवाहा होगा।*


👉एक ही Church होगा!


👉एक pastor होगा:- यीशु!


*ध्यान से सूने:-*


👉Hype कर देते हैं बड़ा चढ़ा कर अरे पंजाब 


👉अरे वहा का pastor

वो हाथ रखेगा!


👉तभी तो चलन चला है 


👉10 हजार 

👉20 हजार 

👉25 हजार


*सोच कर देखिए*...


👉ये चल रहा है, के नहीं चल रहा!


👉आपका चरवाहा यीशु है के नहीं!


👉 *आप किस को follow कर रहे हैं!*


👉 *आप को‌ सिर्फ यीशु को follow करना है और किसी को नहीं!*


*God bless you*

जो कार्य पवित्र आत्मा ने प्रेरितों से नहीं कराया, हम वह नही करेगे

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े 


*जो कार्य पवित्र आत्मा ने प्रेरितों से नहीं कराया, हम वह नही करेगे*


✍️ *क्या-क्या नहीं किया था प्रेरितो ने?* 


👉 *जो आज कल चल रहा है आईए देखते हैं*


👉 *प्रेरितो ने कभी भी फूंक नहीं मारी थी!*


👉 *प्रेरितो ने कभी धाक्का नहीं मारा था!*


👉 *प्रेरितो ने कभी भी अग्नि भेज नहीं कहा था!*


👉 *प्रेरितो ने कभी भी किसी को नीचे नहीं गिराया था!*


👉 *प्रेरितो ने कभी भी body Shake नहीं किया था! (शरिर का  हिलना)*


👉 *प्रेरितो ने कभी भी जोर जोर से नहीं चलाया था!*


👉 *प्रेरित कभी भी जोर जोर से नहीं हंसे थे!*


👉 *प्रेरितो ने कभी भी 1,2,3 नहीं बोला था!*


👉 *प्रेरितो ने कभी भी कपड़ा नहीं घुमाया था!*


👉 *प्रेरितो ने कभी भी (Repeated) हाथ नहीं रखा!*


👉 *प्रेरितो ने कभी भी anoincing , anointing नही चिल्लाया था!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *प्रेरितो ने कभी भी ये वाली  प्रार्थना नहीं की थी?*


👉 *पवित्र आत्मा उतर आ*


👉 *पवित्र आत्मा आपको भर रहा है*


👉 *पवित्र आत्मा ले लो* 


👉 *पवित्र आत्मा आपको छू रहा है*


👉 *प्रेरितो ने कभी भी Shofar नहीं फूंका था*

(पवित्र आत्मा के लिए)


👉 *प्रेरितो ने कभी भी छोटे बच्चों को पवित्र आत्मा लो नहीं कहा!*


*ध्यान से सूने*


✍️ *तीन बातों पर हमेशा ध्यान दें जब कभी भी कोई आलोकिक बातें हो!*


👉 *यीशु ने नहीं कहा!*


👉 *वचन में नहीं लिखा!*


👉 *प्रेरितो ने नहीं किया!*


✍️  *ये सारी एक्टिविटी जो उपर लिखी यीशु ने कहा, या वचन में लिखा है, या फिर प्रेरितो ने किया है!*


*सोचे*:-


👉 *यीशु ने कहा नहीं ,वचन में लिखा नहीं ,प्रेरितो ने किया नहीं तो फिर हम ये कियू कर रहे?*


*God bless you*