Thursday, 27 January 2022

दशमांश

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*दशमांश पर अद्भुत खुलासा*


✍️ *दसमांश लेने वाले और देने वाले दो चीजों पर ज्यादा जोर देते!*


👉 *दोगे तो आशीष नहीं दोगे तो श्राप है*


✍️आज का विषय बहुत गम्भीर और ध्यान से समझने और सिखाने वाला भी है !


"इस वचन देखे"


👉अपने आपको परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करनेवाला ठहराने का प्रयत्न कर, जो लज्जित होने न पाए, *और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो*।

(2 तीमुथियुस 2:15)


👉 सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धार्मिकता की शिक्षा के लिये लाभदायक है,

(2 तीमुथियुस 3:16)


*सूने*:-


✍️कुछ pastor ,कुछ मिशन कुछ बातों पर ज्यादा जोर देते हैं!


👉पर Pastor या मिशन ऊपर नहीं है!


👉 *बाईबल ऊपर है!*


*सूने*:-


👉 उसने उससे कहा, “व्यवस्था में क्या लिखा है? *तू कैसे पढ़ता है?”*

(लूका 10:26)


✍️तु कैसे पड़ता है!


*सूने*:-


👉 और उससे कहा, “मैं यह सब अधिकार, और इनका वैभव तुझे दूँगा, क्योंकि वह मुझे सौंपा गया है, और जिसे चाहता हूँ, उसे दे सकता हूँ। इसलिए, यदि तू मुझे प्रणाम करे, तो यह सब तेरा हो जाएगा।” 


👉यीशु ने उसे उत्तर दिया, “लिखा है: ‘तू प्रभु अपने परमेश्वर को प्रणाम कर; और केवल उसी की उपासना कर।’” 


👉तब उसने उसे यरूशलेम में ले जाकर मन्दिर के कंगूरे पर खड़ा किया, और उससे कहा, “यदि तू परमेश्वर का पुत्र है, तो अपने आपको यहाँ से नीचे गिरा दे। क्योंकि लिखा है, ‘वह तेरे विषय में अपने स्वर्गदूतों को आज्ञा देगा, कि वे तेरी रक्षा करें’

(लूका 4:6-10)


👉 और ‘वे तुझे हाथों हाथ उठा लेंगे ऐसा न हो कि तेरे पाँव में पत्थर से ठेस लगे।""

यीशु ने उसको उत्तर दिया, “यह भी कहा गया है: ‘तू प्रभु अपने परमेश्वर की परीक्षा न करना।’” 

(लूका 4:11-12)


✍️ *आज भी कुछ कहते हैं लिखा है!*


⭐ *पौलुश और तीमुथियुस* :-


👉भविष्य में केवल जल ही का पीनेवाला न रह, पर *अपने पेट के और अपने बार बार बीमार होने के कारण थोड़ा-थोड़ा दाखरस भी काम मे लाया कर।*

(1तीमुथियुस 5:23)


✍️ कुछ कहते शराब पीनी चाहिए!


*ध्यान से सूने*:- 


✍️बाईबल को ध्यान से पढ़ना चाहिए!


👉हमें बाईबल की जानकारी उत्पत्ति से प्रकाशितवाक्य तक होनी चाहिए!


👉कुछ कहते लिखा है!


👉ठीक है पर ये भी देखना है, कियू लिखा है !


✍️ यीशु ने कहा है ...


👉 इसलिए जो कोई इन छोटी से छोटी आज्ञाओं में से किसी एक को तोड़े, और वैसा ही लोगों को सिखाए, वह स्वर्ग के राज्य में सबसे छोटा कहलाएगा; परन्तु जो कोई उनका पालन करेगा और उन्हें सिखाएगा, वही स्वर्ग के राज्य में महान कहलाएगा।

(मत्ती 5:19)


👉 मैं हर एक को, जो इस पुस्तक की भविष्यद्वाणी की बातें सुनता है, गवाही देता हूँ: यदि कोई मनुष्य इन बातों में कुछ बढ़ाए तो परमेश्वर उन विपत्तियों को जो इस पुस्तक में लिखी हैं, उस पर बढ़ाएगा। और यदि कोई इस भविष्यद्वाणी की पुस्तक की बातों में से कुछ निकाल डाले, तो परमेश्वर उस जीवन के पेड़ और पवित्र नगर में से, जिसका वर्णन इस पुस्तक में है, उसका भाग निकाल देगा।

(प्रकाशितवाक्य 22:18-19)


✍️ *इसलिए हम प्रचारकों को सावधान रहना होगा!*


👉सही सिखाया तो बच गए गलत सिखाया तो फंस गए!


👉हे मेरे भाइयों, तुम में से बहुत उपदेशक न बनें, क्योंकि तुम जानते हो, कि हम उपदेशकों का और भी सख्‍ती से न्याय किया जाएगा। 

(याकूब 3:1-2)


✍️ प्रचारक सब से ज्यादा दोषी ठहरेंगे!


👉कियोकि हम कोई बातों को ठीक से सिखाते नही!


*सूने*:-


✍️ *हमें (विश्वासी को ) वचन को जांचना और परखना है!*


👉भविष्यद्वक्ताओं में से दो या तीन बोलें, *और शेष लोग उनके वचन को परखें*।

(1 कुरिन्थियों 14:29)


✍️ बहुत सारे लोग गड़बड़ी करते हैं मेरा favourite Pastor है! 


👉ये गलती नहीं कर सकता!

______________________________


✍️ *अब यहां बात करेंगे "दसवंश" की*


👉  *" दसवंश " लेने वाले और देने वाले ज्यादा जोर देते हैं दोगे तो आशीष नहीं दोगे तो श्राप!*


👉 सारे दशमांश भण्डार में ले आओ कि मेरे भवन में भोजनवस्तु रहे; और सेनाओं का यहोवा यह कहता है, कि ऐसा करके मुझे परखो कि मैं आकाश के झरोखे तुम्हारे लिये खोलकर तुम्हारे ऊपर अपरम्पार आशीष की वर्षा करता हूँ कि नहीं।

(मलाकी 3:10)


✍️ *ये वचन किस के लिए बोला गया है!*


👉मलाकी के द्वारा *इस्राएल के लिए कहा* हुआ यहोवा का भारी वचन।

(मलाकी 1:1)


✍️ *इस्राएल के लिए कहा गया!*


*सूने*:-


✍️ *मिदयानी लोग आ कर नाश कर जाते थे!*


👉मैं तुम्हारे लिये नाश करनेवाले को ऐसा घुड़कूँगा कि वह तुम्हारी भूमि की उपज नाश न करेगा, और तुम्हारी दाखलताओं के फल कच्चे न गिरेंगे, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।

(मलाकी 3:11)


✍️ *इस्राएल को बोला गया है!*


⭐ *उदाहरण*:- यहुदा तु कर जो करना चाहता है!


👉यहुदा को ही बोला गया!


⭐ *उदाहरण*:- तु जाल डाल!


👉पतरस को ही बोला गया!


⭐ *उदाहरण*:- जक्कई पेड़ से निचे आ!


👉जक्कई को ही बोला गया!


बाकी आप समझदार है...


*वचन लेते वक्त में  इस बात का ध्यान रखें*


👉 अपने आपको परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करनेवाला ठहराने का प्रयत्न कर, जो लज्जित होने न पाए, *और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो।*

((2 तीमुथियुस 2:15)


✍️ *हमें सही तरह से वचन का इस्तेमाल करना आना चाहिए!*


*ध्यान से सूने*:-


*दसवांश*:- 


✍️ *ये मलाकी वचन हमारे लिए है ही नहीं!*


 ⭐ *हम परमेश्वर को लाल समुद्र पर खड़े हो कर अभी नहीं बोल सकते दो टुकड़े करीऐ!*


 

⭐ *अभी मंन्ना नहीं मिलेगा ,वो एक हमें के लिए था!*


⭐ *चट्टान से पानी नहीं निकलेगा लाठी मारेंगे तो!


⭐ *एलिय्याह और कौवे*:- अभी वापस ये नहीं होगा ,हम ये नहीं बोल सकते!


*ध्यान से सूने*:-


👉 और हमें उसके सामने जो साहस होता है, वह यह है; कि यदि हम उसकी इच्छा के अनुसार कुछ माँगते हैं, तो हमारी सुनता है। (1 यूहन्ना 5:14)


✍️ हम कहते हैं सब ले लो!


👉 *हम कहते हैं दसवांश के बारे में लिखा!*


*सूने*:-


✍️ *दस आज्ञा में दसमांश है नही!*


👉 *तो इतना जोर क्यों!*


"ध्यान दें"


✍️ *मलाकी में दसमांश पैसा है ही नही!*


👉 तुम मेरी वेदी पर अशुद्ध भोजन चढ़ाते हो। तो भी तुम पूछते हो, ‘हम किस बात में तुझे अशुद्ध ठहराते हैं?’ इस बात में भी, कि तुम कहते हो, ‘यहोवा की मेज तुच्छ है।’ जब तुम अंधे पशु को बलि करने के लिये समीप ले आते हो तो क्या यह बुरा नहीं? और जब तुम लँगड़े या रोगी पशु को ले आते हो, तो क्या यह बुरा नहीं? अपने हाकिम के पास ऐसी भेंट ले आओ; क्या वह तुम से प्रसन्न होगा या तुम पर अनुग्रह करेगा? सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।

(मलाकी 1:7-8)


✍️ *वो पैसा नहीं चढ़ाते थे!*


👉सारे दशमांश भण्डार में ले आओ कि मेरे भवन में भोजनवस्तु रहे; और सेनाओं का यहोवा यह कहता है, कि ऐसा करके मुझे परखो कि मैं आकाश के झरोखे तुम्हारे लिये खोलकर तुम्हारे ऊपर अपरम्पार आशीष की वर्षा करता हूँ कि नहीं।

(मलाकी 3:10)


✍️ *यहां खाने की बात हो रही है!*


*सूने*:-


⭐ *दसवांश लेते हैं तो फिर खतना भी कराएं!* 


⭐ *पर्व भी मनाओ बली भी चढाओ आदी आदी*....

बातें भी मानिऐ!*


👉 *तो क्या हुआ? क्या हम इसलिए पाप करें कि हम व्यवस्था के अधीन नहीं* वरन् अनुग्रह के अधीन हैं? कदापि नहीं!

(रोमियों 6:15)


✍️ *हमें व्यवस्था का एक भी काम पूरा नहीं करना है!*


👉 *दसमांश व्यवस्था में आता है!*


👉 तो हे मेरे भाइयों, तुम भी मसीह की देह के द्वारा व्यवस्था के लिये मरे हुए बन गए, कि उस दूसरे के हो जाओ, जो मरे हुओं में से जी उठा: ताकि हम परमेश्वर के लिये फल लाएँ। क्योंकि जब हम शारीरिक थे, तो पापों की अभिलाषाएँ जो व्यवस्था के द्वारा थीं, मृत्यु का फल उत्पन्न करने के लिये हमारे अंगों में काम करती थीं। परन्तु जिसके बन्धन में हम थे उसके लिये मरकर, *अब व्यवस्था से ऐसे छूट गए, कि लेख की पुरानी रीति पर नहीं, वरन् आत्मा की नई रीति पर सेवा करते हैं।*

(रोमियों 7:4-6)


👉 *मैं तो व्यवस्था के द्वारा व्यवस्था के लिये मर गया, कि परमेश्वर के लिये जीऊँ।*

(गलातियों 2:19)


👉 *अतः जितने लोग व्यवस्था के कामों पर भरोसा रखते हैं, वे सब श्राप के अधीन हैं,* क्योंकि लिखा है, “जो कोई व्यवस्था की पुस्तक में लिखी हुई सब बातों के करने में स्थिर नहीं रहता, वह श्रापित है।” 

(गलातियों 3:10)


✍️ *जब आप व्यवस्था का एक भी काम पूरा करते हो,आप श्राप के अधीन आ जाते हो!*


✍️ *आपने सूना दसमांश पैसा नहीं होता था!*

(गिनती 18:21),(18:25-28)


👉 (मलाकी 3:10) :- 


👉 *फिर भी पशु लेकर आना चाहिए!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *आज कलिसिया को (भेड़ों) लुटा जाए रहा है!*


👉 *आज फिर पैसे की बात होती है!*


✍️ *क्या आप इन्हे जानते हैं*:- 


👉 *गहेजी पैसो के लालच के वजह से कौढ हूआ!*


👉 *हन्ननीया सफीरा पैसों के लालच में जान चली गई!*


*सूने*:- 


✍️ *हम अनुग्रह में है*:-


👉 तो क्या हुआ? क्या हम इसलिए पाप करें कि हम व्यवस्था के अधीन नहीं वरन् अनुग्रह के अधीन हैं? कदापि नहीं!

(रोमियों 6:15)


✍️(रोमियो 7:4-6):- पहला पति (व्यवस्था) मर गया !


👉 *हम यीशु की दुल्हन है!*


*सूने*:- 


⭐ *क्या नये नियम में दसमांश के बारे में लिखा है?*


✍️ नये नियम में दसमांश के बारे में तीन जगह लिखा है!

(मत्ती 23:23)

(लूका 18:12)

(इब्रानियों 7:5-12)


👉 *आज के दसमांश से कोई  connection नहीं है!*


*सूने*:-


⭐ *क्या वाकई ही दसमांश देने आशीष आती है?*


✍️ *90 प्रतीशत चर्च के लोग गरीब हैं!*


👉 *अमीर कौन हो रहे हैं ?*


👉अगर हर महीने दसमांश दे रहे हैं! 

👉तो मलाकी 3:10,11का आशीष कहा है!


*सूने*:-


✍️ *तो कहीं तो गड़बड़ी है ?*


👉उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैंने उसको भेजा है उसे वह सफल करेगा।

(यशायाह 55:11)


👉 आकाश और पृथ्वी टल जाएँगे, परन्तु मेरे शब्द कभी न टलेंगी।

(मत्ती 24:35)


*सूने*:-


👉 *मलाकी 3:10-11:-एक समय के लिए था!*


*सूने सूने सूने:-*


👉 *जैसे मंन्ना एक समय के लिए था!*


👉 *खतना एक समय के लिए था!*


👉 *सुलेमान का मंदिर एक समय के लिए था!*


👉 *अब परमेश्वर हाथों के बनाए मंदिर में नहीं रहता!*


👉 *सब बदल गया!*


*सूने*:-


✍️आज के प्रचारको के प्रचार!

आप हमारे  मैंबर बन जाओ! 


👉आपके सारे काम बन जायेंगे और जब पूरा नहीं होता लोग पीछे चले जाते हैं!


👉क्या हम मसीह बनते है अमीर बनने के लिए!


👉 *प्रचारक कहते:- यीशु निर्धन बना ताकि हम धनी बन जाए!*


👉पवित्र आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं। और यदि सन्तान हैं, *तो वारिस भी, वरन् परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब हम उसके साथ दुःख उठाए तो उसके साथ महिमा भी पाएँ।*

(रोमियों 8:16-17)


✍️ *यहां नहीं वहां मिलेगा!*


*सूने*:-


✍️ *हम परदेशी है!*


👉क्योंकि हम जानते हैं, कि जब हमारा पृथ्वी पर का डेरा सरीखा घर गिराया जाएगा तो हमें परमेश्वर की ओर से स्वर्ग पर एक ऐसा भवन मिलेगा, जो हाथों से बना हुआ घर नहीं परन्तु चिरस्थाई है।

(2 कुरिन्थियों 5:1)


👉पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धार्मिकता, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर।

(1 तीमुथियुस 6:11)


✍️ *परमेश्वर तह करेगा आपको क्या देना है!*


*ध्यान से सूने*:-


*अगर आपका परमेश्वर के साथ connection सही नहीं है?*


👉“जब तुम मेरा कहना नहीं मानते, तो क्यों मुझे ‘हे प्रभु, हे प्रभु,’ कहते हो? (मला. 1:6) 

(लूका 6:46)


*सूने*:-


✍️ *पौलुश सेवा और पैसे को लेकर क्या कहता है!*


👉(1 कुरान्थियो 9:1-15)


⭐ *उदाहरण*:- 


👉तंगी में आटा गिला!

मतलव:- वैसे ही प्रचार मुश्किल से हो रहा है!


👉इस पढ़े 

(1 कुरान्थियो 9:16-21):-


✍️ *उसका एक ही उद्देश्य था ,सेवा!*


👉 (1 कुरान्थियो 9:22-25):-


✍️ *उसके एक ही निशाना था परमेश्वर का राज्य बड़े!*


👉(1 कुरान्थियो 9:26,27)


✍️ *अपनी इच्छाओं को मारता हूं!*


*सूने*:-


👉और ऐसे दुःखों में भी जो अन्ताकिया और इकुनियुम और लुस्त्रा में मुझ पर पड़े थे। मैंने ऐसे उत्पीड़नों को सहा, और प्रभु ने मुझे उन सबसे छुड़ाया।  

पर जितने मसीह यीशु में भक्ति के साथ जीवन बिताना चाहते हैं वे सब सताए जाएँगे।

(2 तीमुथियुस 3:11-12)


👉 और उसका और उनका एक ही व्यापार था; इसलिए वह उनके साथ रहा, और वे काम करने लगे, और उनका व्यापार तम्बू बनाने का था।

(प्रेरितों के काम 18:3)


✍️ *मैं नौकरी भी और सेवा भी करता हूं!*


*सूने*:-


✍️ *अगर प्रभु ने आपको बुलाया है तो प्रभु ही आपको खिलाएगा भुखा नहीं रखेगा!*


👉तुम अपने परमेश्वर यहोवा की उपासना करना, तब वह तेरे अन्न जल पर आशीष देगा, और तेरे बीच में से रोग दूर करेगा।

(निर्गमन 23:25)


👉 यदि कोई मेरी सेवा करे, तो मेरे पीछे हो ले; और जहाँ मैं हूँ वहाँ मेरा सेवक भी होगा; यदि कोई मेरी सेवा करे, तो पिता उसका आदर करेगा।

(यूहन्ना 12:26)


👉“मेरा मन यहोवा के कारण मगन है; मेरा सींग यहोवा के कारण ऊँचा हुआ है।

(1 शमूएल 2:1)


✍️ *सब कुछ परमेश्वर देगा खाना,आदर,पर कब ?*


👉 *जब परमेश्वर ने आपको बुलाया है तो ?*


👉तुम तो तृप्त हो चुके; तुम धनी हो चुके, तुम ने हमारे बिना राज्य किया; परन्तु भला होता कि तुम राज्य करते कि हम भी तुम्हारे साथ राज्य करते। मेरी समझ में परमेश्वर ने हम प्रेरितों को सब के बाद उन लोगों के समान ठहराया है, जिनकी मृत्यु की आज्ञा हो चुकी हो; क्योंकि हम जगत और स्वर्गदूतों और मनुष्यों के लिये एक तमाशा ठहरे हैं। हम मसीह के लिये मूर्ख है; परन्तु तुम मसीह में बुद्धिमान हो; हम निर्बल हैं परन्तु तुम बलवान हो। तुम आदर पाते हो, परन्तु हम निरादर होते हैं। हम इस घड़ी तक भूखे प्यासे और नंगे हैं, और घूसे खाते हैं और मारे-मारे फिरते हैं;

(1 कुरिन्थियों 4:8-11)

 

✍️ *मसीह के लिए त्याग का जीवन कहा गया!*


👉ये असली सेवकाई है!


*ध्यान दें*


✍️ पर आज के प्रचारक क्या प्रचार कर रहे हैं,


👉 *कलिसिया को लग्जरी लाइफ की ओर ले जा रहे हैं!*


पढ़े:-(यहेजकल 22:25-28) 


*अंत में*


*हमें दसमांश देना है या नहीं देना है ?*


*जबाव*:- मलाकी 3:10 का डर से नहीं देना है!


👉जो सुसमाचार का काम नहीं कर रहा वहां नहीं देना है!


*सूने*:-


✍️जो सेवा का काम कर रहा है! 


👉 *10 (दसमांश) नहीं 20 वां नहीं 50 वां दीजिए!*


👉जो प्राचीन अच्छा प्रबन्ध करते हैं, विशेष करके वे जो वचन सुनाने और सिखाने में परिश्रम करते हैं, दो गुने आदर के योग्य समझे जाएँ।

(1 तीमुथियुस 5:17)


👉 जो वचन की शिक्षा पाता है, वह सब अच्छी वस्तुओं में सिखानेवाले को भागी करे।

(गलातियों 6:6)


✍️ *जो सेवा कर रहा है, गांव गांव जाकर!*


👉और जब तुम्हारे साथ था, और मुझे घटी हुई, तो मैंने किसी पर भार नहीं डाला, क्योंकि भाइयों ने, मकिदुनिया से आकर मेरी घटी को पूरी की: और मैंने हर बात में अपने आपको तुम पर भार बनने से रोका, और रोके रहूँगा।

(2 कुरिन्थियों 11:9)


👉क्योंकि मकिदुनिया और अखाया के लोगों को यह अच्छा लगा, कि यरूशलेम के पवित्र लोगों के कंगालों के लिये कुछ चन्दा करें।

(रोमियों 15:26)


✍️ *गरीब हैं पर फिर भी उन्होंने परमेश्वर के काम के लिए दीया!*


👉 *वहां की कलिसिया जानती थी कौन से pastor को देना है!*


👉और प्रेरित बड़ी सामर्थ्य से प्रभु यीशु के जी उठने की गवाही देते रहे और उन सब पर बड़ा अनुग्रह था। और उनमें कोई भी दरिद्र न था, क्योंकि जिनके पास भूमि या घर थे, वे उनको बेच-बेचकर, बिकी हुई वस्तुओं का दाम लाते, और उसे प्रेरितों के पाँवों पर रखते थे। और जैसी जिसे आवश्यकता होती थी, उसके अनुसार हर एक को बाँट दिया करते थे।

(प्रेरितों के काम 4:33-35)


*कैसे देना है*


👉परन्तु बात तो यह है, कि जो थोड़ा बोता है वह थोड़ा काटेगा भी; और जो बहुत बोता है, वह बहुत काटेगा।


👉 *हर एक जन जैसा मन में ठाने वैसा ही दान करे;* न कुढ़-कुढ़ के, और न दबाव से, क्योंकि परमेश्वर हर्ष से देनेवाले से प्रेम रखता है।

(2 कुरिन्थियों 9:6-7)


👉 परमेश्वर सब प्रकार का अनुग्रह तुम्हें बहुतायत से दे सकता है। जिससे हर बात में और हर समय, सब कुछ, जो तुम्हें आवश्यक हो, तुम्हारे पास रहे, और हर एक भले काम के लिये तुम्हारे पास बहुत कुछ हो।

(2 कुरिन्थियों 9:8)


*डर कर नहीं देना!*

*और डरा कर नहीं लेना है!*


*God bless you*

विश्वासी - विश्वासीयो से प्रार्थना मत करवाए

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े लें


*विश्वासी - विश्वासीयो से प्रार्थना मत करवाए*


👉 *ऐसा कियू?*


✍️ *आज 90/.विश्वासीयो को गलत आदत लग गई है,*


👉 *दूसरों से प्रार्थना करवाने की!*


*मतलव*:- 


👉 *जिसका उद्धार हो गया!*


👉 *6,10,20,30 साल से चर्च में है या जा रहा है!*


👉 *जिसने पवित्र आत्मा पाया है!*


👉 *परमेश्वर के बेटे-बेटियों बन गया!*


👉 *यीशु के लहु के द्वारा खरीदें हूए है!*


*ध्यान से सूने*:-


👉 *ऐसों को भी ये आदत पड़ गई है*!


*ध्यान से सूने*:- 


✍️ *ये आदत किसने बिगाड़ी!*


👉 *कुछ लालची ऑनलाइन प्रार्थना करने वालों ने!*


👉 *फेसबुक पर बाहर से कुछ परिचय आते हैं, और कहते हैं!* 


👉 *आप अपना प्रार्थना निवेदन भेजो,*


👉 *हम आपके लिए प्रार्थना करेंगे!*


👉 *हमे ऑनलाइन प्रार्थना करने वालों से बच कर रहना है!*


👉 *और अपना प्रार्थना बीज भेजो!*


👉 *आप अपना ओफरीग भेजो!*


👉 *हम आपके लिए प्रार्थना करेंगे!*


👉 *इससे भी विश्वासीयो की आदत बिगड़ी है!*

 

👉 *कुछ कहते हैं हमारे मैंबर शिप लें लो हर महिने इतना दान देना हम आपके लिए प्रार्थना करेंगे!*


👉और हम कहते हैं प्रभु का दास हमारे लिए प्रार्थना कर रहा है!


👉दूसरों से प्रार्थना करवाने में सब से ज्यादा हाथ महिलाओं का है!


👉कोई भी देशी, विदेशीयों पास्टर,और कहते है बड़ा चर्च है !


👉 *पास्टर जी प्रार्थना कर दो, पास्टर जी प्रार्थना कर दो!*


👉 *हर किसी के आगे अपना सिर लेकर चले जाते हैं!*


⭐ *आओ देखें वचन क्या कहता है इस विषय पर* !


👉 *मुझसे प्रार्थना कर और मैं तेरी सुनकर तुझे बड़ी-बड़ी और कठिन बातें बताऊँगा जिन्हें तू अभी नहीं समझता*।

(यिर्मयाह 33:3) 


👉 मैं तेरी सून कर, मतलव:- 


👉 *हमे खुद प्रार्थना करनी है!*


👉  *परन्तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा; और द्वार बन्द करके अपने पिता से जो गुप्त में है प्रार्थना कर;* और तब तेरा पिता जो गुप्त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।

(मत्ती 6:6)


✍️ यहां बात हो रही है बाप बेटे की/बाप बेटी की!


👉बाप को अच्छे से पता है:- 


👉हमे बाप के पास जाना है! 


👉एजेंटों के पास नहीं जो आज मसीह समाज में घूम रहें हैं!


👉बाकी आप समझदार है!


👉 *निरन्तर प्रार्थना में लगे रहो।*

(1 थिस्सलुनीकियों 5:17)


👉 *कौन प्रार्थना में लगा रहे!*


👉 *वो भाई,बहन जो बड़ी-बड़ी चर्चो में प्रार्थना के फार्म भर-भर देता या देती है!*


👉  *यदि तुम में कोई दुःखी हो तो वह प्रार्थना करे;* यदि आनन्दित हो, तो वह स्तुति के भजन गाएँ।

(याकूब 5:13) 


👉 यदि तुम में कोई दूखी हो:- *वह प्रार्थना करें!*


👉मतलव:- प्रार्थना उसे खुद करनी है!


⭐ *एक और बात ध्यान से सूने*


👉 और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और विनती करते रहो, और जागते रहो कि *सब पवित्र लोगों के लिये लगातार विनती किया करो*,

(इफिसियों 6:18)


👉 आपको पवित्र लोगों के लिए प्रार्थना करना है!


👉मतलव:- पवित्र कौन आपका पास्टर!


👉बड़ी चर्चा वाला :- आपको उनके लिए प्रार्थना करनी है !

करवानी नहीं है!


✍️ पतरस के लिए कौन प्रार्थना कर रहा था कलिसिया!


👉 *बन्दीगृह में पतरस की रखवाली हो रही थी; परन्तु कलीसिया उसके लिये लौ लगाकर परमेश्वर से प्रार्थना कर रही थी।*

(प्रेरितों के काम 12:5)


✍️हमें उनके लिए प्रार्थना करनी है!


👉 *और इसके साथ ही साथ हमारे लिये भी प्रार्थना करते रहो, कि परमेश्वर हमारे लिये वचन सुनाने का ऐसा द्वार खोल दे, कि हम मसीह के उस भेद का वर्णन कर सकें* जिसके कारण मैं कैद में हूँ।

(कुलुस्सियों 4:3)


✍️ *हमें प्रार्थना करवाने वाले नहीं प्रार्थना करने वाले बनना है!*


*सूने*


✍️ *प्रार्थना खुद किजिए* 


👉 *चाहे कोई भी समस्या हो!*


👉 *चाहे बच्चा बीमार है!*


👉 *चाहे पत्ती बीमार है!*


👉 *नौकरी के लिए!*


👉 *इन सब के लिए आपको खुद  प्रार्थना करनी है!*


 *उदाहरण:- बाप और बच्चे का!*


👉एक वक्त था, बाप ने खाना खिलाया !


👉एक वक्त था, बाप ने दूध पीलाया!


👉 *अब अपना खाना खुद खाना चाहिए!*


👉 *पर अब आप सियाने हो गए हैं!*


✍️ *उदाहरण*:- अपंग बच्चों का

👉वो बड़े हो गए!


👉पर अब भी बाप के हाथ से खाना खा रहे हैं 


👉बाप के हाथ से दूध पी रहें !


👉वो खुद से कुछ नहीं कर सकते !


बाकी आप समझदार है........


✍️ *अब हमें खुद प्रार्थना करना चाहिए*!


*ध्यान से सूने* :-


✍️ *जब हमरा ड्रेक परमेश्वर से रिश्ता जूड गया है!*


👉 *खुद प्रार्थना करनी है*:-


👉 *खुद प्राथना करिए,  समस्या आपकी है,,*


👉 *तो प्रार्थना भी आपको ही करनी चाहिए,,*

 

👉 *रिश्ता प्रभु से मजबूत कीजिए, लोगों से नहीं!*


👉 *बच्चो वाली हरकत नहीं करनी है!*


*God bless you*

Wednesday, 26 January 2022

पवित्र आत्मा की निन्दा

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


प्रश्न: *पवित्र आत्मा की निन्दा करना किसे कहते हैं?*


✍️हम इस विषय पर बात कर चूके हैं!


👉पर जैसा मैंने कहा था हम 

इस विषय पर और बात करेंगे!


*सूने*:-


✍️हम कई teaching को सूनते है!


👉कहते हैं ये गलत है, इस मैं दुष्ट आत्मा है!


👉हम कैसे पक्का कर सकते इसके पीछे शैतान है!


👉क्योंकि बहुत चमत्कार होते हैं!


👉दुष्ट आत्माओं को निकाला जाता है!


 " इसे ध्यान से समझना होगा"


प्रश्न: *यीशु ने पतरस को शैतान बोला है?*


👉यीशु कैसरिया फिलिप्पी के प्रदेश में आकर अपने चेलों से पूछने लगा, “लोग मनुष्य के पुत्र को क्या कहते हैं?”

(मत्ती 16:13)


✍️यहां से कहानी शुरू होती है!


👉उन्होंने कहा, “कुछ तो यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला कहते हैं और कुछ एलिय्याह, और कुछ यिर्मयाह या भविष्यद्वक्ताओं में से कोई एक कहते हैं।”

(मत्ती 16:14)


👉उसने उनसे कहा, “परन्तु तुम मुझे क्या कहते हो?” शमौन पतरस ने उत्तर दिया, “तू जीविते परमेश्वर का पुत्र मसीह है।”

(मत्ती 16:15-16)


👉यीशु ने उसको उत्तर दिया, “हे शमौन, योना के पुत्र, तू धन्य है; क्योंकि माँस और लहू ने नहीं, परन्तु *मेरे पिता ने जो स्वर्ग में है, यह बात तुझ पर प्रगट की है।*

(मत्ती 16:17)


✍️ *किस ने प्रगट करी ?*

👉बिल्कुल:- परमेश्वर के आत्मा (पवित्र आत्मा) ने!


✍️ एक time पर वचन 17 कहता है परमेश्वर की आत्मा ने प्रगट करा!


👉इसी घटना में बाद में क्या होता है!


👉अगले ही पल वचन 23 में कह रहे हैं ,हे शैतान!


👉उसने फिरकर पतरस से कहा, *“हे शैतान, मेरे सामने से दूर हो!* 

(मत्ती 16:23)


👉“मैं तुम से सच कहता हूँ, कि मनुष्यों के सब पाप और निन्दा जो वे करते हैं, क्षमा की जाएगी।

(मरकुस 3:28)


👉परन्तु जो कोई पवित्र आत्मा के विरुद्ध निन्दा करे, वह कभी भी क्षमा न किया जाएगा: वरन् वह अनन्त पाप का अपराधी ठहरता है।”

(मरकुस 3:29)


✍️ *और यीशु ने खुद कहा परमेश्वर की आत्मा ने बताया अगले ही पल कहते तु शैतान है!*


प्रश्न:  *ऐसा क्यों ?*


"बड़े ध्यान से सूने"


✍️ *एक व्यक्ति को एक ही time पर परमेश्वर का आत्मा भी इस्तेमाल कर सकता है!*


👉 *और लुशिफर का आत्मा भी इस्तेमाल कर सकता है!*


*उदाहरण*


✍️ *एक व्यक्ति प्रार्थना में बैठा है ,प्रार्थना के बीच में परमेश्वर का आत्मा भी lead कर सकता है!*


👉 *प्रार्थना मैं बैठे हो पवित्र आत्मा आप को lead कर सकता है!*


👉 *आप प्रार्थना में बैठे हो शैतान का आता है आप को  lead कर सकता है!*


⭐ *एक ही time पे ,ये हो सकता है*


✍️ *दिक्कत ये है, परखें कैसे?*


👉भविष्यद्वक्ताओं में से दो या तीन बोलें, *और शेष लोग उनके वचन को परखें।*

(1 कुरिन्थियों 14:29)


✍️ *किस को परखे?* 


👉 *वचन को परखे!*


✍️ये क्या कहता है!

👉उस को परखे!


✍️कैसी बातें कहता है!

👉उसको परखे!


*सूने*:-


👉पंजाब का हो!

👉गुजरात का हो

👉Africa का हो!

👉America का हो!


👉मुझे किसी से कोई दिक्कत नहीं!


👉दिक्कत कहा पर आती है ,जब आप परखते नहीं है!


👉वहीं व्यक्ति एक ही time पर परमेश्वर की आत्मा से lead हो रहा होता!


👉और शैतान को मौका दे देता है, और शैतान की आत्मा से lead हो रहा होता है!


👉फंसते कब है जब हम check नहीं करते! 


👉 *हे प्रियों, हर एक आत्मा पर विश्वास न करो: वरन् आत्माओं को परखो, कि वे परमेश्वर की ओर से हैं कि नहीं; क्योंकि बहुत से झूठे भविष्यद्वक्ता जगत में निकल खड़े हुए हैं।*

(1 यूहन्ना 4:1)


✍️ *इसको कैसे परखें ?*


👉एक सेवक चाहे कहीं का भी है!


👉पंजाब का हो!

👉गुजरात का हो

👉Africa का हो!

👉America का हो!


👉बहक गया तो क्या फिर भी उसके पीछे चले!


👉वो पास्टर हो कर बिगड़ गया है!

👉तो भी उसके पीछे चले?

👉नही!


*सूने*:-


✍️जब तक अच्छा चल रहा था उसको सलूट है!


👉आप उसके साथ चल रहे थे!


👉जैसे ही बहक गया है!


👉“क्योंकि झूठे मसीह और झूठे भविष्यद्वक्ता उठ खड़े होंगे, और बड़े चिन्ह और अद्भुत काम दिखाएँगे, कि यदि हो सके तो चुने हुओं को भी बहका दें।

(मत्ती 24:24)


👉उसको परखना है:-,कैसे ,वचन से परखना है!


*सूने*:-


👉जैसे ही बिगड़ना शुरू हुआ आपको परखने है!


👉परखने के चलते ,आप बच जाओगे!


👉परखने के लिए आपके पास बाईबल का ज्ञान होना चाहिए!


👉बाईबल के एक-एक वचन का समझ होना चाहिए!


👉किसी को झूठा कहने के लिए!


👉किसी में दुष्ट आत्मा है कहने के लिए!


*"एक और उदाहरण देखते हैं"*


प्रश्न : *क्या यहूदा इस्करियोती को परमेश्वर ने चमत्कार करने का power दिया था!*


प्रश्न : *क्या यहूदा इस्करियोती ने चमत्कार किया ?*


✍️हम confused हो जाते हैं चमत्कार हो रहे हैं!


👉दुष्ट आत्माएं निकल रही!


 👉ये कैसे हो सकता है!


👉कुछ कहते हैं तो शैतान आपने राज्य के खिलाफ कैसे काम कर सकता है!


👉इन बारहों को यीशु ने यह निर्देश देकर भेजा, “अन्यजातियों की ओर न जाना, और सामरियों के किसी नगर में प्रवेश न करना!  

👉परन्तु इस्राएल के घराने ही की खोई हुई भेड़ों के पास जाना। और चलते-चलते प्रचार करके कहो कि स्वर्ग का राज्य निकट आ गया है। 

👉बीमारों को चंगा करो: मरे हुओं को जिलाओ, कोढ़ियों को शुद्ध करो, दुष्टात्माओं को निकालो। तुम ने सेंत-मेंत पाया है, सेंत-मेंत दो।

(मत्ती 10:5-8)


👉इन बारह प्रेरितों के नाम ये हैं पहला शमौन, जो पतरस कहलाता है, और उसका भाई अन्द्रियास;

जब्दी का पुत्र याकूब, और उसका भाई यूहन्ना; फिलिप्पुस और बरतुल्मै, थोमा, और चुंगी लेनेवाला मत्ती, हलफईस का पुत्र याकूब और तद्दै। शमौन कनानी, *और यहूदा इस्करियोती, जिसने उसे पकड़वाया।*

(मत्ती 10:2-4)

✍️यहुदा इस्करियोती भी चमत्कार कर रहा है!


*सूने*:-


✍️जब चमत्कार होते हैं हम confused हो जाते हैं की शैतान आपने ही राज्य को Destroy कैसे कर सकता है!


👉और टुकड़ा लेते ही शैतान उसमें समा गया: तब यीशु ने उससे कहा, “जो तू करनेवाला है, तुरन्त कर।”

(यूहन्ना 13:27)


✍️यहुदा इस्करियोती में गया शैतान!


👉पतरस को भी कहा शैतान!


*सूने*:-


✍️पतरस भी चमत्कार कर रहा है!

👉यहुदा इस्करियोती भी चमत्कार कर रहा है!


👉पंजाब के पास्टर भी चमत्कार कर रहे हैं,

👉Africa के पास्टर भी चमत्कार कर रहे हैं!


👉लेकिन Same time उनको लुशिफर भी इस्तेमाल कर सकता है!


👉अगर वचन से बहक कर, उसको chance दे दे!


*God bless you*

Friday, 21 January 2022

गलत शिक्षा को पहचान नहीं पाते हैं

   आज का विषय 

एक बार जरुर पढ़े लें


*हम वचन पर कम ध्यान देते है, इसलिए गलत शिक्षा को पहचान नहीं पाते हैं*


✍️ *खोजा के विषे में*:-


पढ़े (प्रेरितो के काम 8:26-40)


✍️ रथ पर जा रहा था पर वो कन्फ्यूज था!


👉यशायाह 53 अध्याए समझ नहीं पा रहा था!


👉पवित्रशास्त्र का जो अध्याय वह पढ़ रहा था, वह यह था:

“वह भेड़ के समान वध होने को पहुँचाया गया,

और जैसा मेम्ना अपने ऊन कतरनेवालों के सामने चुपचाप रहता है, वैसे ही

उसने भी अपना मुँह न खोला,”

(प्रेरितों के काम 8:32)


👉 इस पर खोजे ने फिलिप्पुस से पूछा, “मैं तुझ से विनती करता हूँ, *यह बता कि भविष्यद्वक्ता यह किसके विषय में कहता है, अपने या किसी दूसरे के विषय में?”*

(प्रेरितों के काम 8:34)


✍️ वो तो शूकर है फिलिप्पुस वहां था!


👉फिलिप्पुस ने खोजा का कन्फ्यूजन दूर की :-


👉 *खोजा सब कुछ कर रहा था*:-


👉 *दान दे रहा था!*

👉 *प्रार्थना कर रहा था!*

👉 *पर वचन नहीं समझ रहा था!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *हर वचन को context (संदर्भ) में समझना बहुत जरूरी* 

 

👉 अपने आपको परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करनेवाला ठहराने का प्रयत्न कर, जो लज्जित होने न पाए, *और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो।*

(2 तीमुथियुस 2:15)


✍️ *हमें वचन को ठीक रीति से काम में लाना है!*


👉सवाल :- *क्या हमारे मसीह समाज में आंधे आगुवे आज भी पाएं जाते हैं?* 


👉 जी हां जैसें तब थे अब भी है!


👉 *कई ऐसे लिडर,पास्टर,है जो खुद सत्य को नहीं जानते पर दावा करते हम जानते है!*


👉 *उनको जाने दो; वे अंधे मार्ग दिखानेवाले हैं और अंधा यदि अंधे को मार्ग दिखाए, तो दोनों गड्ढे में गिर पड़ेंगे।”*

(मत्ती 15:14)


✍️ यह यीशु ने कहा है यदि आंधा आंधे को मार्ग दिखागा तो?


*ध्यान से सूने*


✍️ *आज कलिसिया आंधी बन कर चल रही है*


👉 *अभिषेक के नाम पर*  

👉तेल,

👉पानी 

👉घड़ी,

👉ब्रेसलेट

👉नमक , 

👉रुमाल, बेचा जा रहा है!


👉 *ये अंधापन है*


*ध्यान से सूने*:-


👉 तुम ने सेंत-मेंत पाया है, सेंत-मेंत दो।(मत्ती 10:8)


✍️ *यीशु ने कहा मुफ्त लिया है मुफ्त बाटो!*


👉 *कई कहते हैं किसी के विरोध में बात मत करो* (आलोचना)


👉 *इसे आलोचना नहीं वचन की जानकारी देना कहते हैं!*


👉(पढ़े तीतुस 1:1-14 ):- 


👉 *कि तू शेष रही हुई बातों को सुधारें,* 


👉 *सुधारे*

👉 *कौन सुधारे?*

👉 *खरी शिखया दे!*


👉 *यीशु ने उनको उत्तर दिया, “सावधान रहो! कोई तुम्हें न बहकाने पाए।*

(मत्ती 24:4)


✍️ *सावधान रहो*:-


👉 *“क्योंकि झूठे मसीह और झूठे भविष्यद्वक्ता उठ खड़े होंगे,* और बड़े चिन्ह और अद्भुत काम दिखाएँगे, कि यदि हो सके तो चुने हुओं को भी बहका दें।

(मत्ती 24:24)


✍️ *चूने हुओं तक को भी फंसा देंगे*


👉फिर उसने अपने चेलों से कहा हो नहीं सकता कि ठोकरें ना लगे, *परंतु हाय उस मनुष्य पर जिसके कारण वह आती हैं!*

(लूका 17:1)


✍️ *वह मनुष्य कौन है?* 

👉 *कोई भी हो सकता है!*


*ध्यान से सूने*


✍️ *हम उन्हें कैसे पहचान सकते हैं?*


👉अब हे भाइयों, मैं तुम से विनती करता हूँ, कि जो लोग उस शिक्षा के विपरीत जो तुम ने पाई है, फूट डालने, और ठोकर खिलाने का कारण होते हैं, उनसे सावधान रहो; *और उनसे दूर रहो।*

(रोमियों 16:17)


✍️ *उन्हे ताड़ लो ,उनसे दूर रहो!*


👉 *वचन से जांचना है,ताड़ना है!*


👉 *असली नकली की पहचान करनी है!*


👉 *अगर असली देखा है तो नकली को पहचान लेंगे!*


*सूने*


✍️ *हम टाईम पास बहुत करते हैं;- गिटार,तबला,इत्ती आदी कामों में!*


👉 *वचन पर कम ध्यान देते है, इसलिए गलत शिक्षाया को पहचान नहीं पाते!*


👉 *गलत बीज, बीज जाते हैं और हम फंस जाते हैं!*


👉परमेश्वर और मसीह यीशु को गवाह करके, जो जीवितों और मरे हुओं का न्याय करेगा, उसे और उसके प्रगट होने, और राज्य को सुधि दिलाकर मैं तुझे आदेश देता हूँ। *कि तू वचन का प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डाँट, और समझा। क्योंकि ऐसा समय आएगा,* कि लोग खरा उपदेश न सह सकेंगे पर कानों की खुजली के कारण अपनी अभिलाषाओं के अनुसार अपने लिये बहुत सारे उपदेशक बटोर लेंगे। और अपने कान सत्य से फेरकर कथा-कहानियों पर लगाएँगे।

(2 तीमुथियुस 4:1-4)


✍️ *वचन की स्टडी करे!*


👉और उसने कुछ को प्रेरित नियुक्त करके, और कुछ को भविष्यद्वक्ता नियुक्त करके, और कुछ को सुसमाचार सुनानेवाले नियुक्त करके, और कुछ को रखवाले और उपदेशक नियुक्त करके दे दिया।

जिससे पवित्र लोग सिद्ध हो जाएँ और सेवा का काम किया जाए, और मसीह की देह उन्नति पाए। जब तक कि हम सब के सब विश्वास, और परमेश्वर के पुत्र की पहचान में एक न हो जाएँ, और एक सिद्ध मनुष्य न बन जाएँ और मसीह के पूरे डील-डौल तक न बढ़ जाएँ। ताकि हम आगे को बालक न रहें, जो मनुष्यों की ठग-विद्या और चतुराई से उनके भ्रम की युक्तियों की, और उपदेश की, हर एक वायु से उछाले, और इधर-उधर घुमाए जाते हों।

(इफिसियों 4:11-14)


👉 और दुष्ट, और बहकानेवाले धोखा देते हुए, और धोखा खाते हुए, बिगड़ते चले जाएँगे।

(2 तीमुथियुस 3:13)


✍️ *अगर धोखा नहीं खाना तो क्या करना पड़ेगा?*


👉 *वचन की स्टेडी करें!*


👉 *परन्तु यदि हम या स्वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हमने तुम को सुनाया है,* कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो श्रापित हो।

(गलातियों 1:8)


✍️ *ऐसों से बचना है!*


👉 *जो छोटी लोमड़ियाँ दाख की बारियों को बिगाड़ती हैं, उन्हें पकड़ ले,* क्योंकि हमारी दाख की बारियों में फूल लगे हैं।” 

(श्रेष्ठगीत 2:15)


✍️ *उने पकड़ने!*


👉 *“झूठे भविष्यद्वक्ताओं से सावधान रहो,* जो भेड़ों के भेष में तुम्हारे पास आते हैं, परन्तु अन्तर में फाड़नेवाले भेड़िए हैं।

(मत्ती 7:15)


✍️ *उन से दूर रहे!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *कुछ लोबडीया चर्च में घुस गई है!*


👉 *उन्हें पकड़ना बहुत जरूरी है!*


👉 *पौलुस के सामने सच्चे सेवक ही कलिसिया की चिंता करते हैं!*

 

👉और अन्य बातों को छोड़कर जिनका वर्णन मैं नहीं करता *सब कलीसियाओं की चिन्ता प्रतिदिन मुझे दबाती है।*

(2 कुरिन्थियों 11:28)


✍️ *सच्चे सेवको के समान चिंता!*


👉 *मजदूर जो न चरवाहा है, और न भेड़ों का मालिक है, भेड़िए को आते हुए देख, भेड़ों को छोड़कर भाग जाता है,* और भेड़िया उन्हें पकड़ता और तितर-बितर कर देता है। वह इसलिए भाग जाता है कि वह मजदूर है, और उसको भेड़ों की चिन्ता नहीं।

(यूहन्ना 10:12-13)


✍️ *भेडिया गलत शिक्षा वाले लोग हैं!*


*ध्यान से सूने*


✍️ *पास्टर को मजदूर बनकर सेवा नहीं करनी है!*


👉 *चरवाहा बनकर सेवा करनी है!*


*"कलिसिया को"*


👉 *होशियार होना चाहिए!*

👉 *जागरुक होना चाहिए!*

👉 *संतरक,और जानकार होना चाहिए!*


*God bless you*

एक गलती और ministry खत्म

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*एक गलती और ministry खत्म*

*ख़तरनाक अंत!*


✍️एक व्यक्ति जिसका नाम है मूसा!


👉इस व्यक्ति को परमेश्वर ने अद्भुत तरीके से चलाया 6 लाख लोगों को lead करने में!


👉आप सभी इस बात को जानते है!


👉ये वो व्यक्ति था मिश्र से फिरौन के राजा के हाथ 

 से 430 साल की गुलामी से परमेश्वर ने अद्भुत तरीके से लोगों को से वहां से छुड़ाया!


👉ये वो व्यक्ति हैं जो व्यवस्था को लाया!


👉4000 साल के लगभग चला यहुदी इजराइली nation उस व्यवस्था देने के चलते!


👉परमेश्वर ने खूब इसका इस्तेमाल किया!


*सूने*:-


✍️ *लेकिन एक गलती इस पर भारी पड़ गई!*


*ध्यान दें*


👉वो चाहे मूसा हो!

👉वो चाहे अब्राहम ‌हो

👉इसहाक हो!

👉याकूब हो!

👉दाऊद हो!

👉पतरस हो!

👉इन सभी का हम आदर करते है!


👉इन सभी को परमेश्वर ने इस्तमाल किया है बाइबल के अन्दर!


*लेकिन एक और पहलू है वो भी देखना है!*


*लेकिन साथ ही साथ एक पहलु वो भी देखना है!* 


✍️इन की गलतीओ से हम क्या शिक्ष सकते हैं!


👉परन्तु ये सब बातें, जो उन पर पड़ी, दृष्टान्त की रीति पर थीं; और वे हमारी चेतावनी के लिये जो जगत के अन्तिम समय में रहते हैं लिखी गईं हैं।

(1 कुरिन्थियों 10:11)


✍️ये सारी चीजें इस लिए लिखी गई ताकि इन से कुछ शिक्ष सके!


"मेरा ये फर्ज है इस की गलती से आपको कुछ शिक्षा सकू"


✍️अगर कोई सेवक मुझे रहा है!


👉कोई Worship leader मुझे रहा है!


👉कोई Bible teacher मुझे सून रहा है!


👉अगर कोई विश्वासी मुझे सून रहा है!


👉आप सभी को ये सिखाना, समझना बहुत जरूरी है! 


👉इसके साथ में क्या ऐसी गलती हो गई!


*वो खतरनाक अंत क्या है!*

*वो खतरनाक गलती क्या है?*


⭐ *एक गलती मूसा पर भारी पड़ गई!*


✍️एक ऐसी गलती जिसकी सजा तो मिलनी ही थी!


👉वो कौन सी सजा थी!


👉आईए देखते हैं वो कौन सी गलती थी!


*ध्यान से सूने*


✍️मूसा एक ऐसा व्यक्ति जिसको ये नाम मिला था!


👉 *मैं तुझे फ़िरौन के लिये परमेश्वर सा (as god) ठहराता हूँ;*

(निर्गमन 7:1)


👉परमेश्वर ने मूसा को फिरौन के सामने परमेश्वर की तरह खड़ा किया था!


👉ताकि वो लोगों रिहा करा सके! 

(लोगों को छुड़ा सके)


👉परमेश्वर ने ऐसा दबदबा रखा ,फिरौन की हालत खराब हो गई!


👉ये वो मूसा था जिसके ऊपर 6 लाख लोगों की जिमेवारी थी,

(ताकि वो लोगों को lead करें)


👉ये वो मूसा था जिसने लाल समूद्र को पार कराया!


👉ये वो मूसा था जिसके द्वारा 10 बड़ी विपतीया मिस्र पर डालीं थी!


👉ये वो मूसा था 40 साल जंगल में इस्राइलियों की अगुवाई करी!


👉ये वो मूसा था जब ये प्रार्थना करता था तो युद्ध जीते गए !


👉ये वो मूसा था जिसके आमने सामने परमेश्वर बातें करता था!


👉ये वो मूसा था 40 साल मिश्र में!

👉40 साल ससूर के पास में!

👉फिर 40 साल जंगल में!


👉120 साल इस व्यक्ति को अद्भुत तरीके से चलाया था!


*सूने*:-


👉जब मूसा मरा तो देखो क्या लिखा है!


👉 *मूसा अपनी मृत्यु के समय एक सौ बीस वर्ष का था; परन्तु न तो उसकी आँखें धुँधली पड़ीं, और न उसका पौरूष घटा था।*

(व्यवस्थाविवरण 34:7)


✍️ना आंखें धुंधली पड़ी!

👉जैसे अब्राहम , इसहाक,याकूब की!


✍️और न उसका पौरूष घटा था।

👉 मतलब ये मजबूत था ,कोई बीमारी नहीं थी!


 *अब क्यों मरा परमेश्वर ने ?*


👉इसकी कब्र अभी तक किसी को नहीं पता, लुसिफर को भी नहीं पता!


👉एक ऐसा character था!

👉एक ऐसा‌ व्यक्ति था!


*सूने*:-


✍️इस व्यक्ति ने क्या गलती करी!


👉जब पानी नहीं था, दूसरी बार की बात कर रहा हूं!


👉क्योंकि जब पहली बार पानी नहीं था, तो चट्टान पर लकड़ी मारना सुभाविक था!


👉लेकिन जब दूबारा पानी की जरूरत पड़ी तो लकड़ी नहीं मारना था!

👉तो‌ ये था system


👉“उस लाठी को ले, और तू अपने भाई हारून समेत मण्डली को इकट्ठा करके उनके देखते उस चट्टान से बातें कर, तब वह अपना जल देगी; इस प्रकार से तू चट्टान में से उनके लिये जल निकालकर मण्डली के लोगों और उनके पशुओं को पिला।”

(गिनती 20:8)


✍️लेकिन मूसा ठीक इसके विपरित किया!


👉तब मूसा ने हाथ उठाकर लाठी चट्टान पर दो बार मारी; और उसमें से बहुत पानी फूट निकला, और मण्डली के लोग अपने पशुओं समेत पीने लगे।  


👉परन्तु मूसा और हारून से यहोवा ने कहा, “तुम ने जो मुझ पर विश्वास नहीं किया, और मुझे इस्राएलियों की दृष्टि में पवित्र नहीं ठहराया, इसलिए तुम इस मण्डली को उस देश में पहुँचाने न पाओगे जिसे मैंने उन्हें दिया है।”

(गिनती 20:11-12)


✍️इस भीड़ में सब खुश थे ,बच्चे खुश थे, जानवर खुश थे!

👉पर एक था जो खुश नहीं था!

👉वो है परमेश्वर!


👉परमेश्वर खुश नहीं था!


✍️पवित्र नहीं ठहराया!


*सूने*:-


✍️ *परमेश्वर की दिलचस्पी किस में है!*


✍️तुम क्या करते हो प्रार्थना करते हो! 

👉पानी मिठ्ठा हो जाता है!


✍️ तुम प्रार्थना करते हो!

👉बटवे में दो सो का नोट आ जाता है!


✍️ तुम प्रार्थना करते हो!

👉लोग गिर जाते हैं!


*सूने*:-


👉परमेश्वर कहता है मुझे उससे कुछ लेना देना नहीं है!


✍️ *परमेश्वर की दिलचस्पी इस में नहीं है!*


👉 *तुम ने मेरी पवित्रता को लोगों के सामने क्यों नहीं रखा!*


👉ये गलती मूसा से हूई ये गलती आप से कहीं ना हो जाए!


"इसलिए इस विषय को आपके बीच लेकर आया हूं"


"बड़े ध्यान से समझना होगा"


✍️आज मैं आप सभी से बात कर रहा हूं!


👉 क्या आपने अपनी चर्च में परमेश्वर को पवित्र ठहराया!


👉 क्या आपने अपनी worship में परमेश्वर को पवित्र ठहराया!


👉क्या आपने अपने music में परमेश्वर को पवित्र ठहराया!


👉क्या आपने अपने convention में परमेश्वर को पवित्र ठहराया!


"ये हैं परमेश्वर की दिलचस्पी"


👉परमेश्वर कहता है जब मैंने मूसा जैसे आदमी  को नहीं छोड़ा तो तुम्हें क्या छोड़ूंगा!


👉जिसको मैंने परमेश्वर सा ठहराया!


👉मतलव वो 40 साल प्रचार करता रहा, हम कनान जाएंगे, हम कनान जाएंगे, पर नहीं जा पाया!


👉इसलिए लिखा है खतरनाक अंत!


👉इस ने बहुत अच्छा काम किया पर एक ही गलती!


👉परमेश्वर को पवित्र नहीं ठहराया!


👉चट्टान को फिर से मार दिया!


*चट्टान कौन है ?*


✍️आज की तारीख में चट्टान कौन है!

👉तब की तारीख में चट्टान कौन है!

👉बाइबल क्या कहती है चट्टान कौन है!


👉और सब ने एक ही आत्मिक जल पीया, क्योंकि वे उस आत्मिक चट्टान से पीते थे, जो उनके साथ-साथ चलती थी; *और वह चट्टान मसीह था।*

(1 कुरिन्थियों 10:4)


✍️वह मसीह था


👉इसका मतलब जिस पर मूसा ने लकड़ी मारी वो कोई और नहीं था!


👉 *वो यीशु था!*


👉परमेश्वर ने कहा था तुमने चट्टान से बात करनी है!


👉उसने ने बात करने की बजाय लकड़ी मार दी!


 *ये चट्टान यीशु मसीह है तो तुम उसे दूबारा क्रुस पर नहीं मार सकते!*


"इसी को पौलुश कहता है"


👉 *क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्र को अपने लिये फिर क्रूस पर चढ़ाते हैं* और प्रगट में उस पर कलंक लगाते हैं।

(इब्रानियों 6:6)


✍️परमेश्वर कहता है मैं ये कदई बर्दाश्त नहीं करुंगा!


"एक और बात"


✍️ *क्या मूसा नहीं जानता था चट्टान कौन है ?*


👉जो चट्टान साथ चल रही है! 

👉जो चट्टान पानी दे रही है! 

👉वो परमेश्वर है!


✍️मूसा खुद प्रार्थना कर रहा है!


👉“वह चट्टान है, उसका काम खरा है; और उसकी सारी गति न्याय की है। वह सच्चा परमेश्वर है, उसमें कुटिलता नहीं, वह धर्मी और सीधा है। (रोम. 9:14) 

(व्यवस्थाविवरण 32:4)


✍️वो जानता था परमेश्वर चट्टान है!


*तो आज जो प्रचारक प्रचार कर रहे वो नहीं जानते सही क्या है गलत क्या है?*


👉तो फिर गलती कैसे कर रहे हो!


*अंत में*


"इस घटना से हम क्या सिखा सकते हैं"


 *परमेश्वर को कभी भी हल्के में कभी नहीं लेना!*


👉और मूसा ने ये ही गलती कर दी!


👉Ministry करते-करते सेवा करते-करते!

👉अरे प्रचार तो मैं चूटकी में कर देता हूं!

👉अरे गाना तो मैं चूटकी में गा देता हूं!

👉अरे चमत्कार तो मैं चूटकी में कर देता हूं!


👉 *जब परमेश्वर को हल्के में लेना शुरू कर देते हैं ,सेवा खत्म!*


👉आपको कोई भी हो देशी, विदेशी!

👉परमेश्वर सब बर्दाश्त कर सकता है!


👉ये बर्दाश्त नहीं करेगा सजा जरूर देगा!


*इसलिए सावधान रहीए*


*God bless you*

हमें दुष्ट आत्मा के certificate

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


प्रश्न: *क्या हमें दुष्ट आत्मा के certificate की जरूरत है!*


"शायद आप नहीं समझे"


"इस वचन को देखे"

 

👉जब हम प्रार्थना करने की जगह जा रहे थे, तो हमें एक दासी मिली, जिसमें भावी कहनेवाली आत्मा थी; और भावी कहने से अपने स्वामियों के लिये बहुत कुछ कमा लाती थी। 


👉वह पौलुस के और हमारे पीछे आकर चिल्लाने लगी, *“ये मनुष्य परमप्रधान परमेश्वर के दास हैं, जो हमें उद्धार के मार्ग की कथा सुनाते हैं।”*

(प्रेरितों के काम 16:16-17)


 *सूने*:-


⭐ प्रश्न: *मैं प्रभु के दास हूं या आप प्रभु के दास है!* 


👉 *दुष्ट आत्मा certificate देगी तभी मानना चाहिए?*

                


⭐दूसरा: प्रश्न:- *कौन सही है, और कौन गलत है!*


 👉 *ये साबित करने (मानने) के लिए* 


👉 *क्या हमें दुष्ट आत्मा के certificate की जरूरत है?*


*सूने*:-


"सीधा जवाब"


✍️ *हमे दुष्ट आत्मा के certificate की जरूरत नही है!*


👉 *क्यों ?*


👉 *क्योंकि वचन का certificate काफी है!*


*ध्यान से सूने*


"कुछ कहते हैं देखो"


✍️ *दुष्ट आत्मा का statement है!*


👉दुष्ट आत्मा ने क्या कहा है! 

(या क्या कह रही है)


👉 *ये परमेश्वर का सच्चा दास है!* 


👉 *फिर किसी दुष्ट आत्मा ने ये कह दिया वो झूठा है!*


"तो सोच कर देखिए.......


👉 *परन्तु आत्मा स्पष्टता से कहता है कि आनेवाले समयों में कितने लोग भरमानेवाली आत्माओं, और दुष्टात्माओं की शिक्षाओं पर मन लगाकर विश्वास से बहक जाएँगे,*

(1 तीमुथियुस 4:1)


✍️ *और दुष्टात्माओं की शिक्षाओं पर मन लगाकर!*


👉 *विश्वास से बहक जाएँगे!*


*ध्यान से सूने*


✍️ *दुष्ट आत्माओं का एक ही काम है बहकाना!*


👉 बाइबल हमे सारी दूनियां को बहकाने वाले के बारे बताती है !


👉और उसका नाम लुसिफर है और वो अकेला नहीं है!


👉 *बहुत सारी दुष्ट आत्माएं उसके साथ है!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *वो सही को गलत कह सकती है और गलत को सही कह सकती है!*


👉तो हमें बहुत सतर्क रहने की जरूरत है!


👉इसलिए हे भाइयों क्या करना चाहिए? जब तुम इकट्ठे होते हो, तो हर एक के हृदय में भजन, या उपदेश, या अन्य भाषा, या प्रकाश, या अन्य भाषा का अर्थ बताना रहता है: सब कुछ आत्मिक उन्नति के लिये होना चाहिए। यदि अन्य भाषा में बातें करनी हों, तो दो-दो, या बहुत हो तो तीन-तीन जन बारी-बारी बोलें, और एक व्यक्ति अनुवाद करे। परन्तु यदि अनुवाद करनेवाला न हो, तो अन्य भाषा बोलनेवाला कलीसिया में शान्त रहे, और अपने मन से, और परमेश्वर से बातें करे।

(1 कुरिन्थियों 14:26-28)


👉 *भविष्यद्वक्ताओं में से दो या तीन बोलें, और शेष लोग उनके वचन को परखें।*

(1 कुरिन्थियों 14:29)


✍️ *वचन‌ को परखे!*


*सूने*:-


✍️किसी को भी चाहे

👉Pastor

👉Believers

👉Doctor

👉Evangelist

👉Reverent

👉Bishop

👉Apostille

👉Worshipper


✍️ *सच्चा है या झूठा है कैसे परखना है?*


👉 *वचन से परखे!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *हमे दुष्ट आत्माओं के certificate की जरूरत नही है!*


👉 *वचन का certificate ही काफी है!*


*God bless you*

Wednesday, 19 January 2022

ANOINTING

 आज का विषय


ANOINTING (अभिषेक ) :


आज बात करेंगे कुछ ऐसी बातो पर जिन्हें वचन support नहीं करता !


ऐसी कई चीज , जो गलत है , पर आदत पड़ गई है!


1) जिसे वचन support नहीं करता!

2) गलती आपकी नहीं पर आदत पड़ चुकी है!

 3) उसे बदलो!

4) क्योंकी हम किसी गलत चीज को लेकर , नहीं चल      सकते!


ANOINTING (अभिषेक )


 अभिषेक वाले वचनो को लेकर बहुत गड़बड़ है!


आप सभी जानते है , पूराने नियम जितने प्रभु के दास होते थे और जितने याजक होते थे


अगर परमेश्वर का काम करना है!


1) चाहे राजा साऊल हो!

2) राजा दाऊद हो!

3) और उनके बाद जितने भी लोग है .....

4) उनका अभिषेक होता था , तेल से!

5) अभिषेक होता था , सेवको के हाथ रखने से!

6) अभिषेक होता था , परमेश्वर की ओर से!


तो ये शब्द अभिषेक ( ANOINTING ) को लेकर या अभिषेक वाले वचनो को लेकर बहुत गड़बड़ी की है!


सूने:-

कैसे गड़बड़ी की है 


1) कहते प्रभु का अभिषेकित दास!

     Anointed Man of God

2) अभिषेक से भरा हुआ दास!



 अभिषेकित तो सभी है!


1) आप pastor नहीं भी है :- अभिषेकित है!

2) आप worshipper नहीं भी है:- अभिषेकित है!

3) आप Pricher नहीं है तो भी है :- अभिषेकित है!

4) कोई विशेष व्यक्ति नहीं :- सब अभिषेकित है!


कैसे:-

1) जब यीशु का बपतिस्मा हुआ!

2) तब आपका भी हुआ!

3) जब यीशु का अभिषेक हुआ 

4) तब आपका भी हुआ! - - - (2)


जो कुछ आदन के बगीचे में पहले आदम की वजह जो संसारक था (भौतिक था)!


1) वो ही आने वाली पीढ़ी के साथ हुआ!

2) वैसे ही दूसरा आदम यीशु , जो आत्मिक था!

3) उसकी वजह से , सब का अभिषेक हुआ!

4) इसलिए अब कोई विशेष व्यक्ति अभिषेकित नहीं है!

5) हम सब अभिषेकित है!

6) परमेश्वर ने एक एक व्यक्ति का अभिषेक किया है!


 कई बार हम कहते है , आदत जो पड़ गई है!


1) परमेश्वर का अभिषेकित दास आ रहा है!

2) इस की जरूरत नहीं है!

3) बल्कि ये कहना है परमेश्वर का चूना हुआ दास आ  रहा  है!

4) या फिर ये कहना है परमेश्वर का भेजा हुआ दास आ रहा है!

5)  अभिषेकित तो सभी है छोटा हो या बड़ा!


आपको अपने दिमाग से एक बात को निकालना है!


1) वो अभिषेकित है , मैं अभिषेकित नहीं हूं!

2) वो जादा अभिषेकित है , मैं कम अभिषेकित हूं!

3) या पुरुष अभिषेकित होते हैं, महिलाएं अभिषेकित    नहीं  होती!

4) हमे ऐसी मुर्खतापूर्ण बातों से निकालना है!


एक और नाटक मसीही समाज में चल रहा है!


1) वो अभिषेकित है , इसलिए परमेश्वर उसकी जादा      सूनता है!

2) या वो अभिषेकित है , इसलिए उसकी प्रार्थना सूनी    जाएगी!

3) ऊपर बैठा परमेश्वर कहता है , तुम सब मेरे बेटे-बेटी    हो  

4) और तुम सब को को मैंने , पवित्र आत्मा दिया है!

5) और किसी को पाव किलो ,  किसी को एक किलो ऐसा नहीं दिया है , सब को बराबर दिया है!

6) तो ये कभी नहीं सोचना , उसे जादा अभिषेक है!

7) मुझे कम अभिषेक दिया है!


कहते हैं!

1) गीत!

2) प्रचार!

3) संगीत!


में अभिषेक था!

1) कहते हैं अरे क्या गीत गा रहा था!

2) गजब की बात!

3) कुछ कहते जब तक मैं गीत नहीं गाऊगा , अभिषेक  आता ही नहीं है!

4) और खास करके ऐसे वाला गाना,!

5) जब तक नहीं गाता , अभिषेक आता ही नही!

6) कुछ कहते ये गीत सूनो , इस में बहुत अभिषेक है , इस से दिन अच्छा जाएगा!


कुछ कहते है ,


1) अरे क्या बजा रहा था!

2) जैसे दाऊद बजाता था! 

3) वैसे ही अरे क्या keyboard बजा रहा था!

4) अरे क्या बासूरी बजा रहा था!

5) अरे क्या गिटार बजा रहा था!

6) क्या रिदम था , परमेश्वर का अभिषेक बह रहा था!


ये क्या लगा रखा है , हमें इसे ठीक करना है!

1) गीत ,गीत होता है!

2) प्रचार , प्रचार होता है!

3) संगीत ,संगीत होता है!

4) इसमें अभिषेक का कोई connection नहीं है!

5) आप दाऊद की बात करते है , उसको लेकर            doctrine नहीं बना नहीं सकते!

 

1) अगर कोई Anointing (अभिषेक) के नाम पर , कोई statement देता है!

2) हमे ऐसे किसी प्रकार के statement को , लेकर  नहीं चलना , क्यों ?

3) इसको वचन support नही करता!

4) और जिसको वचन support नहीं करता , वो चीजें हम क्यों लेकर चले!



फिर प्रश्न उठता है महिमा किस को मिल रही है!


                 ( यशायाह 42:8)


मैं यहोवा हूँ, मेरा नाम यही है; अपनी महिमा मैं दूसरे को न दूँगा!



1) परमेश्वर को या अभिषेक को!

2) अभिषेक सिर्फ एक शब्द है!

3) जब आप कहते अभिषेकित दास!

4) तो फिर प्रभु कहा गया!

5) जब आप कहते अभिषेककित गीत!

6) तो फिर प्रभु कहा गया!

7) अभिषेक सिर्फ एक शब्द है 


 महिमा किस को जा रही सोचे ?


1) परमेश्वर इन सब से कही बढ़कर है!

2) प्रभु अपनी महिमा किसी को नहीं देता!

3) ये चीजें आपको और मुझे सीखनी है!



ये कहां से आया !


                  (1 शमूएल 24:6)


👉वह अपने जनों से कहने लगा, *“यहोवा न करे कि मैं अपने प्रभु से जो यहोवा का अभिषिक्त है ऐसा काम करूँ, कि उस पर हाथ उठाऊँ, क्योंकि वह यहोवा का अभिषिक्त है।”*



1) ये कौन सा statement पूराने नियम का!


2) कौन सी बातें हैं पूराने नियम की!


3) तब पवित्र आत्मा कहा होता था बाहर होता था!


4) अभिषेक कहा होता था बाहर होता था!


5) ये राजा साऊल ,राजा दाऊद और जितने भी ...


6) ये परमेश्वर की कलिसिया नहीं थे!


7) ये यीशु के नई वाचे के लोग नहीं थे!


8) इन पर नये नियम की बाते नही थी!


इसलिए इस concept को उठाकर doctrine नहीं बना सकते!


1) अब अभिषेकित तो , हम सभी है!

2) इसलिए एक विशेष व्यक्ति को ऊंचा उठाकर , उसकी महिमा करना गलत हो जाएगा!



आदर सब का करो!


1) पर किसी को भी परमेश्वर के नाम का दर्जा , या परमेश्वर के बराबर , किसी को नहीं ला सकते!


2) ये गलत हो जाएगा!


3) कई जगहों पर कुछ ऐसे system है  , कोई सेवक जाए!


4) पैरो के नीचे और सिर के ऊपर फूल डालते हैं!


5) पैसों का माला, फूल का माला , अलग से डालते हैं!


6) ढोल नगाड़े नाचते-गाते लेकर चलते है!


7)  और ऊपर से पटाखे फोड़ते हैं!


8) पूछे कहा से सीखा तो कहते हैं ,यहां चलता है!


9) लेकिन प्रश्न एक भी नहीं उठाता!

 

वचन क्या कहता है! - -(2)


1) मैं फिर कहता हूं , Respect  सब का होना चाहिए!

2) पर ऐसी respect , जिस से परमेश्वर का नाम नीचे  चला जाए!

3) परमेश्वर नीचे चला जाए!

4) Concept को लेकर चलना मूर्खता है!


एक और वचन को देखे!


                ( यशायाह 10:27 )

           

👉उस समय ऐसा होगा कि उसका बोझ तेरे कंधे पर से और उसका जूआ तेरी गर्दन पर से उठा लिया जाएगा, *और अभिषेक के कारण वह जूआ तोड़ डाला जाएगा।”*



1) यशायाह यहां पर , लिखते-लिखते जो घटित होने        वाला है लिखा!

2) पर इसे वचन के साथ , doctrine कैसे बना सकते है!

3) आपको प्रचार करना है करीए , पर ये नहीं अभिषेक से ही बंधन टुटेगा!

4) यशायाह ने ऐसा कोई सिद्धान्त नहीं बोला , की अभिषेक जब तक नहीं आएगा बंधन नहीं टुटेगा!


सूने:-


1) अगर जादू टोना को तोड़ना है , तो आप किसका नाम लेंगे!

2) यीशु का नाम!

3) दुष्ट आत्मा किसके नाम में जाती है! यीशु के नाम से

4) यीशु ने भी कहा मेरे नाम से मांगोगे तो मिलेगा!



अब बात करेंगे नये नियम की!


1) नये नियम में , अभिषेक का concept है ही नहीं!

2) आपको मत्ती से प्रकाशित वाक्य तक

3) ऐसा कोई concept नहीं मिलेगा! 

4) अभिषेक आ रहा है 

5) अभिषेक बह रहा है , नही मिलेगा!

6) फिर कुछ कहते , आज परमेश्वर का गाडा अभिषेक    उतरेगा! 

7) ऊपर बैठा परमेश्वर कहता है , ना गाडा है , ना पतला है!

8) नये नियम में अभिषेक का concept है ही नही , सिर्फ पवित्र आत्मा है!



कुछ देशी विदेशी एक चीज पर ज्यादा जोर देते हैं ?

ANOINTING (अभिषेक)


1) इनके कुछ Topic होते हैं!

3) अभिषेक कैसे प्राप्त करें!

5) अभिषेक के लिए की किमत अदा करे!

6) अभिषेक प्राप्त करने के लिए 7 कदम!

7) अभिषेक मांगते रहो!


सूने:-


1) हमे ऐसे प्रचारो के प्रचार को ,  Cancel करना है!

2) और पूछना होगा , ऐसा नये नियम में कहा लिखा है!

3) क्योंकि नये नियम में , अभिषेक का concept है ही  नहीं सिर्फ पवित्र आत्मा है!


फिर कहते है!

1) प्रार्थना करते वक्त मे!

2) अभिषेक हम पर उतर आ!

3) अभिषेक आप पर उतर रहा है!

4) गाडा अभिषेक!

5) ताज़ा अभिषेक!

6) प्रार्थना का अभिषेक!

7) प्रचार का अभिषेक!

8) मोटे होने का अभिषेक!

9) पतले होने का अभिषेक!

10) अमीर होने का अभिषेक!


आज अभिषेक के नाम पर business हो रहा है!

Anointing oil के नाम पर तेल बेच रहे हैं!


लोग:-

1) नये घर में तेल लगाते हैं!

2) नई कार पर तेल लगाते है!


सूने:-

                     

                 (कुलुस्सियों 3:17)

👉वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।


 तो हमें अभिषेक  , 


1) ना गाडा अभिषेक की , 

2) ना पतला अभिषेक की 

3) ना ताजा अभिषेक की जरूरत हैं

2) जो भी करना सब यीशु के नाम से करना हैं 

3)  और परमेश्वर पिता का धन्यवाद करना हैं 

4) यीशु आपके अंडर हैं 

5) आपका अभिषेक हो चूका हैं 


              God bless you