Wednesday, 11 January 2023

हम वचन पर कम ध्यान देते है, (हिंदी)

 आज का विषय 

एक बार जरुर पढ़े लें


*हम वचन पर कम ध्यान देते है, इसलिए गलत शिक्षा को पहचान नहीं पाते हैं*


✍️ *खोजा के विषे में*:-


पढ़े (प्रेरितो के काम 8:26-40)


✍️ रथ पर जा रहा था पर वो कन्फ्यूज था!


👉यशायाह 53 अध्याए समझ नहीं पा रहा था!


👉पवित्रशास्त्र का जो अध्याय वह पढ़ रहा था, वह यह था:

“वह भेड़ के समान वध होने को पहुँचाया गया,

और जैसा मेम्ना अपने ऊन कतरनेवालों के सामने चुपचाप रहता है, वैसे ही

उसने भी अपना मुँह न खोला,”

(प्रेरितों के काम 8:32)


👉 इस पर खोजे ने फिलिप्पुस से पूछा, “मैं तुझ से विनती करता हूँ, *यह बता कि भविष्यद्वक्ता यह किसके विषय में कहता है, अपने या किसी दूसरे के विषय में?”*

(प्रेरितों के काम 8:34)


✍️ वो तो शूकर है फिलिप्पुस वहां था!


👉फिलिप्पुस ने खोजा का कन्फ्यूजन दूर की :-


👉 *खोजा सब कुछ कर रहा था*:-


👉 *दान दे रहा था!*

👉 *प्रार्थना कर रहा था!*

👉 *पर वचन नहीं समझ रहा था!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *हर वचन को context (संदर्भ) में समझना बहुत जरूरी* 

 

👉 अपने आपको परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करनेवाला ठहराने का प्रयत्न कर, जो लज्जित होने न पाए, *और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो।*

(2 तीमुथियुस 2:15)


✍️ *हमें वचन को ठीक रीति से काम में लाना है!*


👉सवाल :- *क्या हमारे मसीह समाज में आंधे आगुवे आज भी पाएं जाते हैं?* 


👉 जी हां जैसें तब थे अब भी है!


👉 *कई ऐसे लिडर,पास्टर,है जो खुद सत्य को नहीं जानते पर दावा करते हम जानते है!*


👉 *उनको जाने दो; वे अंधे मार्ग दिखानेवाले हैं और अंधा यदि अंधे को मार्ग दिखाए, तो दोनों गड्ढे में गिर पड़ेंगे।”*

(मत्ती 15:14)


✍️ यह यीशु ने कहा है यदि आंधा आंधे को मार्ग दिखागा तो?


*ध्यान से सूने*


✍️ *आज कलिसिया आंधी बन कर चल रही है*


👉 *अभिषेक के नाम पर*  

👉तेल,

👉पानी 

👉घड़ी,

👉ब्रेसलेट

👉नमक , 

👉रुमाल, बेचा जा रहा है!


👉 *ये अंधापन है*


*ध्यान से सूने*:-


👉 तुम ने सेंत-मेंत पाया है, सेंत-मेंत दो।(मत्ती 10:8)


✍️ *यीशु ने कहा मुफ्त लिया है मुफ्त बाटो!*


👉 *कई कहते हैं किसी के विरोध में बात मत करो* (आलोचना)


👉 *इसे आलोचना नहीं वचन की जानकारी देना कहते हैं!*


👉पढ़े:- तीतुस 1:1-14 :- 


👉 *मैं इसलिए तुझे क्रेते में छोड़ आया था, कि तू शेष रही हुई बातों को सुधारें,* और मेरी आज्ञा के अनुसार नगर-नगर प्राचीनों को नियुक्त करे। 

(तीतुस 1.5)


👉 *कि तू शेष रही हुई बातों को सुधारें,* 


👉 *सुधारे*

👉 *कौन सुधारे?*

👉 *खरी शिखया दे!*


👉 *यीशु ने उनको उत्तर दिया, “सावधान रहो! कोई तुम्हें न बहकाने पाए।*

(मत्ती 24:4)


✍️ *सावधान रहो*:-


👉 *“क्योंकि झूठे मसीह और झूठे भविष्यद्वक्ता उठ खड़े होंगे,* और बड़े चिन्ह और अद्भुत काम दिखाएँगे, कि यदि हो सके तो चुने हुओं को भी बहका दें।

(मत्ती 24:24)


✍️ *चूने हुओं तक को भी फंसा देंगे*


👉फिर उसने अपने चेलों से कहा हो नहीं सकता कि ठोकरें ना लगे, *परंतु हाय उस मनुष्य पर जिसके कारण वह आती हैं!*

(लूका 17:1)


✍️ *वह मनुष्य कौन है?* 

👉 *कोई भी हो सकता है!*


*ध्यान से सूने*


✍️ *हम उन्हें कैसे पहचान सकते हैं?*


👉अब हे भाइयों, मैं तुम से विनती करता हूँ, कि जो लोग उस शिक्षा के विपरीत जो तुम ने पाई है, फूट डालने, और ठोकर खिलाने का कारण होते हैं, उनसे सावधान रहो; *और उनसे दूर रहो।*

(रोमियों 16:17)


✍️ *उन्हे ताड़ लो ,उनसे दूर रहो!*


👉 *वचन से जांचना है ,ताड़ना है!*


👉 *असली नकली की पहचान करनी है!*


👉 *अगर असली देखा है तो नकली को पहचान लेंगे!*


*ध्यान से सूने*


✍️ *हम टाईम पास बहुत करते हैं;- गिटार,तबला,इत्ती आदी कामों में!*


👉 *वचन पर कम ध्यान देते है, इसलिए गलत शिक्षाया को पहचान नहीं पाते!*


👉 *गलत बीज, बीज जाते हैं और हम फंस जाते हैं!*


👉परमेश्वर और मसीह यीशु को गवाह करके, जो जीवितों और मरे हुओं का न्याय करेगा, उसे और उसके प्रगट होने, और राज्य को सुधि दिलाकर मैं तुझे आदेश देता हूँ। *कि तू वचन का प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डाँट, और समझा। क्योंकि ऐसा समय आएगा,* कि लोग खरा उपदेश न सह सकेंगे पर कानों की खुजली के कारण अपनी अभिलाषाओं के अनुसार अपने लिये बहुत सारे उपदेशक बटोर लेंगे। और अपने कान सत्य से फेरकर कथा-कहानियों पर लगाएँगे।

(2 तीमुथियुस 4:1-4)


✍️ *वचन की स्टडी करे!*


👉और उसने कुछ को प्रेरित नियुक्त करके, और कुछ को भविष्यद्वक्ता नियुक्त करके, और कुछ को सुसमाचार सुनानेवाले नियुक्त करके, और कुछ को रखवाले और उपदेशक नियुक्त करके दे दिया।

जिससे पवित्र लोग सिद्ध हो जाएँ और सेवा का काम किया जाए, और मसीह की देह उन्नति पाए। जब तक कि हम सब के सब विश्वास, और परमेश्वर के पुत्र की पहचान में एक न हो जाएँ, और एक सिद्ध मनुष्य न बन जाएँ और मसीह के पूरे डील-डौल तक न बढ़ जाएँ। *ताकि हम आगे को बालक न रहें, जो मनुष्यों की ठग-विद्या और चतुराई से उनके भ्रम की युक्तियों की, और उपदेश की, हर एक वायु से उछाले, और इधर-उधर घुमाए जाते हों।*

(इफिसियों 4:11-14)


👉 और दुष्ट, और बहकानेवाले धोखा देते हुए, और धोखा खाते हुए, बिगड़ते चले जाएँगे।

(2 तीमुथियुस 3:13)


✍️ *अगर धोखा नहीं खाना तो क्या करना पड़ेगा?*


👉 *वचन की स्टेडी करें!*


👉 *परन्तु यदि हम या स्वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हमने तुम को सुनाया है,* कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो श्रापित हो।

(गलातियों 1:8)


✍️ *ऐसों से बचना है!*


👉 *जो छोटी लोमड़ियाँ दाख की बारियों को बिगाड़ती हैं, उन्हें पकड़ ले,* क्योंकि हमारी दाख की बारियों में फूल लगे हैं।” 

(श्रेष्ठगीत 2:15)


✍️ *उने पकड़ने!*


👉 *“झूठे भविष्यद्वक्ताओं से सावधान रहो,* जो भेड़ों के भेष में तुम्हारे पास आते हैं, परन्तु अन्तर में फाड़नेवाले भेड़िए हैं।

(मत्ती 7:15)


✍️ *उन से दूर रहे!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *कुछ लोबडीया चर्च में घुस गई है!*


👉 *उन्हें पकड़ना बहुत जरूरी है!*


👉 *पौलुस के सामने सच्चे सेवक ही कलिसिया की चिंता करते हैं!*

 

👉और अन्य बातों को छोड़कर जिनका वर्णन मैं नहीं करता *सब कलीसियाओं की चिन्ता प्रतिदिन मुझे दबाती है।*

(2 कुरिन्थियों 11:28)


✍️ *सच्चे सेवको के समान चिंता!*


👉 *मजदूर जो न चरवाहा है, और न भेड़ों का मालिक है, भेड़िए को आते हुए देख, भेड़ों को छोड़कर भाग जाता है,* और भेड़िया उन्हें पकड़ता और तितर-बितर कर देता है। वह इसलिए भाग जाता है कि वह मजदूर है, और उसको भेड़ों की चिन्ता नहीं।

(यूहन्ना 10:12-13)


✍️ *भेडिया गलत शिक्षा वाले लोग हैं!*


*ध्यान से सूने*


✍️ *पास्टर को मजदूर बनकर सेवा नहीं करनी है!*


👉 *चरवाहा बनकर सेवा करनी है!*


*"कलिसिया को"*


👉 *होशियार होना चाहिए!*

👉 *जागरुक होना चाहिए!*

👉 *संतरक,और जानकार होना चाहिए!*


*God bless you*

क्या इस पृथ्वी पर किसी को अपना आत्मिक पिता बोल सकते हैं ? (हिंदी)

 आज का विषय

एक बार जरुर


*क्या इस पृथ्वी पर किसी को अपना आत्मिक पिता बोल सकते हैं ?*


✍️आज बहुत सारे आत्मिक पिता और गुरु उठ खडे हुए हैं!


👉जो पास्टर को आत्मिक पिता कहते हैं!


👉आओ इस विषय पर बात करेंगे!


👉और देखेंगे बाइबल इस विषय में क्या बयान करती है!


"इस वचन देखे"


👉 *और बाजारों में नमस्कार और मनुष्य में रब्बी कहलाना उन्हें भाता है।* परन्तु तुम रब्बी न कहलाना, *क्योंकि तुम्हारा एक ही गुरु है:* *और तुम सब भाई हो।*(मत्ती 23:7-8)


👉और पृथ्वी पर किसी को अपना पिता न कहना, क्योंकि तुम्हारा एक ही पिता है, जो स्वर्ग में है।

(मत्ती 23:9)


👉इसलिए तुम जाकर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ; (मत्ती 28:19)


✍️ यीशु मसीह ने किस का चेला बनाने को कहा ?


👉यीशु मसीह ने अपना चेला बनाने को कहा है!


👉ना की हम एक दूसरे को अपना चेला बनाए!


👉मुझे और आपको ,लोगों को यीशु के साथ जोड़ना है ?


✍️ लेकिन आज हम देखते है पास्टर और ऐसे Prophet खड़े हो गए हैं!


👉जो लोगों को अपने पीछे लगाते हैं!


*सूने*:-


✍️जो स्थान परमेश्वर था जो स्थान यीशु मसीह का है!


👉उस पर वो खुद आ कर बैठ गए हैं!


👉 यीशु ने कहा तुम रब्बी ना कहलाना तुम गुरु मत कहलाना!


👉क्योंकि तुम्हरा एक ही गुरु है और तुम सब भाई हो!


*सूने*:-


✍️चेले जब गुरु कहते हैं ,तो गुरु को बहुत मजा आता है ,कानों को बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता है!


👉लेकिन याद रखें यह बात उसके जीवन में घमंड को पैदा करती है!


👉लिखा है नाश होने से पहले घमंड आता है!


👉उस दिन बहुत लोग मुझसे कहेंगे; ‘हे प्रभु, हे प्रभु, क्या हमने तेरे नाम से भविष्यद्वाणी नहीं की, और तेरे नाम से दुष्टात्माओं को नहीं निकाला, और तेरे नाम से बहुत अचम्भे के काम नहीं किए?’ तब मैं उनसे खुलकर कह दूँगा, ‘मैंने तुम को कभी नहीं जाना, हे कुकर्म करनेवालों, मेरे पास से चले जाओ।’ 

(मत्ती 7:22-23)


✍️यीशु कहेगा जो स्थान मेरे बाप का था, जो स्थान पिता है!


*सूने*:-


✍️ *वो कलिसिया के सेवक हैं!*


👉पौलुस ने कहा यीशु मसीह में हम तुम्हारे सेवक है(दास है)!


👉हमे सेवा करने के लिए बुलाया है!


👉इसी रीति से तुम भी, जब उन सब कामों को कर चुके हो जिसकी आज्ञा तुम्हें दी गई थी, तो कहो, ‘हम निकम्मे दास हैं; कि जो हमें करना चाहिए था वही किया है।’”

(लूका 17:10)


👉ना की किसी ओहदे पर आ कर बैठने के लिए!


*सूने*:-


✍️याद रखें अगर आप किसी को गुरु कहते तो आप गलत करते हैं!


👉अगर कोई कहता है मुझे गुरु कहो तो वो भी पाप करता है (गुनाह करता है)!


👉 *क्योंकि गुरु एक ही है वो प्रभु यीशु मसीह!*


👉क्योंकि यीशु मसीह ने कहा तुम्हारा एक गुरु है दस गुरु नहीं!


👉आज हर कोई गुरु बना बैठा हुआ है!

(हर कोई गुरु बनता है)


*सूने*:-


*उदाहरण*:-


✍️कई लोग मुझे भी गुरु कहते थे मैंने उन्हें चिताया मैंने उन्हें बताया मुझे गुरु मत बोलो!


👉मैं तुम्हारा भाई हूं!


👉क्योंकि जो कुछ भी आप मुझ से शिखते है वो मेरी काबिलियत नहीं है (मेरी खुबी नहीं है)!


👉और ये परमेश्वर की दया है अनुग्रह है!


👉वो‌ जो कुछ भी अपने अनुग्रह के द्वारा मुझे दे रहा है!

👉मैं आपको दे रहा हूं!


*सूने*:-


✍️जब यीशु ने बातें करना और समझाना शुरू किया तो 

कहा अन्यजातियों और फरिसी लोगों को गुरु कहाना उनको बहुत अच्छा लगता है!


👉पर यह स्थान प्रभु यीशु मसीह का है!


👉पर आज बहुत सारे लोग इस स्थान पर आ कर बैठ गए हैं!


*सूने*:-

 

⭐ *Teacher की सेवकाई!*


 ✍️Teacher की एक सेवकाई है!


👉पर उसे पवित्र आत्मा इस्तेमाल कर रहा है!


👉ये घमंड नहीं करना मैं Teacher हूं तुम सब student हो!


👉शिखाने वाला पवित्र आत्मा है!


👉आपको तो शूकरगुजार होना चाहिए की पवित्र आत्मा आपको इस्तेमाल कर रहा है!


👉आप में होकर आपको use कर रहा है!


*सूने*:-


✍️उसके पास बर्तनों की ,(लोगो ) कमी नहीं है!


👉इस दया का गलत उपयोग ना करें कि लोगों से जबरदस्ती का आदर लें!


✍️याद रखे आज हम मनुष्य से आदर ले लेंगे तो स्वर्ग में हमारे लिए कोई भी प्रतिफल नहीं बचेगा!


👉यीशु मसीह ने कहा तुम्हें धर्म के काम मनुष्य को दिखाने के लिए ना हो नहीं तो स्वर्गीय पिता से कोई प्रतिफल नहीं मिलेगा!


👉तुम जो एक दूसरे से आदर चाहते हो और वह आदर जो एकमात्र परमेश्वर की ओर से है, नहीं चाहते, 

(यूहन्ना 5:44)


✍️आज कलिसिया गलत दिशा की ओर बढ़ रही है!


👉और पृथ्वी पर किसी को अपना पिता न कहना, क्योंकि तुम्हारा एक ही पिता है, जो स्वर्ग में है।

(मत्ती 23:9)


✍️पास्टर को गुरु या ,आत्मिक पिता कहना!


👉वो हमारी आत्मा का पिता है! 


👉अगर कोई आत्मिक पिता है, तो वो‌ यहोवा परमेश्वर है!


👉उसकी जगह कोई भी नहीं ले सकता!


👉ना तो गुरु की जगह ले सकता है ,ना पिता की जगह ले सकता है!


*सूने*:-


✍️आज कल पंजाब में ये ज्यादा चल रहा है!


👉मेरा आत्मिक पिता वो है, मेरा आत्मिक पिता वो है!


👉और कलिसिया के अगुवे को लोग पापा,पापा कह कर पुकारते हैं!


👉बुजुर्ग लोग भी पापा बोलते हैं , सब लोग पापा बोलते हैं!


*सूने*:-


👉फिर जबकि हमारे शारीरिक पिता भी हमारी ताड़ना किया करते थे और हमने उनका आदर किया, तो क्या आत्माओं के पिता के और भी अधीन न रहें जिससे हम जीवित रहें।

(इब्रानियों 12:9)


✍️ बाइबल हमें बताती है एक ही शारीरिक बाप होता है, जिस ने हमें शरिर में जन्म दिया!

👉हम हर एक को बाप नहीं बुला सकते!


👉उसी तरह एक ही आत्मिक पिता है जिस ने हमें आत्मा में जन्म दिया है!


*सूने*:-


✍️आज बहुत सारे लोगों कहते हैं!

👉मैंने तुम्हें आत्मा में जन्म दिया !

👉मैंने तुम्हें आत्मा में जन्म दिया !

👉आत्मा में जन्म कोई पास्टर नहीं देता!

👉आत्मा में जन्म कोई सेवक नहीं देता!


👉 *आत्मा में जन्म परमेश्वर देता है!*


👉परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात् उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं

(यूहन्ना 1:12)


👉वे न तो लहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।

(यूहन्ना 1:13)


✍️जब हम तोबा करते हैं ,मन फिराते है!


👉बपतिस्मा लेते हैं तो कोई पास्टर हमें आत्मिक जन्म नहीं दे रहा होता!


👉परमेश्वर अद्भुतरिति से नया बना रहा होता है!


*सूने*:-


✍️ *यीशु ने कहा तुम सब भाई हो!*


👉हमे घमंड नहीं करना!


*उदाहरण*:-


✍️लुशिफर क्यों गिर गया क्योंकि उसने परमेश्वर के स्थान को लेना चाहा!


👉परमेश्वर का स्थान आज पास्टर और Prophet लेकर बैठे हैं!


👉आपने आपको परमेश्वर के स्थान पर बिठाकर स्वर्ग के लिए नहीं नरक के लिए तैयार कर रहे हैं!


👉आज मसीहत गलत दिशा की ओर जा रही है!


👉आज आपने गुनाहों से तोबा करने की जरूरत है!


"इस वचन को देखे"


👉मैं तुम्हें लज्जित करने के लिये ये बातें नहीं लिखता, परन्तु अपने प्रिय बालक जानकर तुम्हें चिताता हूँ। क्योंकि यदि मसीह में तुम्हारे सिखानेवाले दस हजार भी होते, तो भी तुम्हारे पिता बहुत से नहीं, इसलिए कि मसीह यीशु में सुसमाचार के द्वारा मैं तुम्हारा पिता हुआ। इसलिए मैं तुम से विनती करता हूँ, कि मेरी जैसी चाल चलो। इसलिए मैंने तीमुथियुस को जो प्रभु में मेरा प्रिय और विश्वासयोग्य पुत्र है, तुम्हारे पास भेजा है, और वह तुम्हें मसीह में मेरा चरित्र स्मरण कराएगा, जैसे कि मैं हर जगह हर एक कलीसिया में उपदेश देता हूँ।

(1 कुरिन्थियों 4:14-17)


✍️ *कुछ लोग उदाहरण देते है प्रेरित पौलुस का*!


👉जिस समय पौलुस कुरिन्थियो की कलिसिया को प्रचार कर रहा था बहुत सारी गलत शिक्षाएं उनके बीच में आ चूकी थी!


👉जब हम किसी को प्यार से कुछ समझने के लिए बोलते हैं बेटा ऐसा मत करो ,वैसा मत करो ,


👉तो क्या वो हमें पापा बोलते हैं ?

👉 नही !


*सूने*:-


👉पौलुस उन्हें समझाने के लिए! 


👉बोल रहा है तुम्हारे सिखाने वाले दस हजार हो, पर मैंने ही तुम्हें सुसमाचार सुनाया!


👉मैंने ही तुम्हें सही शिक्षा दी!


👉पर अब तुम गलत राह पर चल बैठे हो!


👉और गलत शिक्षा पर चलने के कारण तुम मसीह से दूर होते जा रहे हो!


👉तो पौलुस उनको अपनी ओर आकर्षित करने के लिए या उन्हें समझाने के लिए!


👉 *ये प्रचार कर रहा है!*

👉 *ये आज्ञा नहीं है!


👉के तुम ने आत्मिक पिता बोला करो या पापा ,पापा बोला करो!*


👉पौलुस ने तीमुथियुस को कहा तु मेरा विशवासयोग पुत्र!


👉उस ने अपना एक प्यार व्यक्त किया ,उसके प्रति!


👉 *ना की आत्मिक पिता और पुत्र का एक सम्बन्ध बनाया!*


✍️ *पर याद रखें आत्मिक पिता यहोवा परमेश्वर ही है!*


👉और पवित्र आत्मा हमारा teacher (गुरु) है!


👉और जिन सेवकाईयो के द्वारा पास्टर ,और सेवको को इस्तेमाल कर रहा है!


👉बड़े दीन होकर उस सेवकाई को करना है!


👉और कलिसिया को अपने भाई अपनी बहन की नजरों से देखना है!


👉तभी वो अपनी सेवा का फल पाएंगे!


*सूने*:-


✍️लेकिन अगर वो पापा बने बैठे हैं!


👉गुरु बने बैठे हैं ,और आदर ले रहे है!


👉तो याद रखें स्वर्ग के राज्य में प्रतिफल नहीं है!


*सूने*:-


👉परमेश्वर का जो आदर है, उस स्थान पर उन्होंने खुद को बिठा लिया है!


*सूने*:-


✍️बहुत सारे लोग कहते हैं ,हम अपने शरीर पिता को ,पिता बोलते हैं!


👉तो जो हमें वचन शिखाते हैं उन्हें कितना आदर देना चाहिए!

👉या उन्हें कितना जाय्दा आत्मिक पिता बोलना नही चाहिए!


*सूने*:-


✍️ये गलत teaching है!

(Wrong teaching है)


👉एक ही आत्मिक पिता है वो है सेनाओं का यहोवा उसकी जगह कोई भी नहीं ले सकता!


👉एक ने कोशिश की थी वह नीचे चला गया और भी कोई भी कोशिश करेगा वह नीचे चला जाएगा!


👉हमे सावधान रहना है, और इन चीजों से निकलना है!


*सूने*:-


✍️आज हर जगह पापा,पापा,पापा,पापा चल रहा है!


👉कोई कहता मेरा वो आत्मिक पिता है!


👉कोई कहता मेरा वो आत्मिक पिता है!


*सूने*:-


✍️जो परमेश्वर का है हमें परमेश्वर को देना है जो मनुष्य का है वह मनुष्य को देना है!


*सूने*:-


✍️जब भी पौलुस लिखता है , बाइबल उठा कर देख लिजिए पत्री की शुरुआत में ये ही लिखता है!


👉हे मेरे भाईयो 

👉हे मेरे भाईयों!

👉हे मेरे भाईयों!


👉अगर वो बाप है तो, ये  लिखता!

👉 हे मेरे बच्चों ,हे मेरे बच्चों!


👉परन्तु मैंने भाइयों को इसलिए भेजा है, कि हमने जो घमण्ड तुम्हारे विषय में दिखाया, वह इस बात में व्यर्थ न ठहरे; परन्तु जैसा मैंने कहा; वैसे ही तुम तैयार हो रहो।

(2 कुरिन्थियों 9:3)


👉अब हे भाइयों, हम तुम्हें परमेश्वर के उस अनुग्रह का समाचार देते हैं, जो मकिदुनिया की कलीसियाओं पर हुआ है।

(2 कुरिन्थियों 8:1)


👉और सारे भाइयों की ओर से, जो मेरे साथ हैं; गलातिया की कलीसियाओं के नाम।

(गलातियों 1:2)


✍️पौलुस हर जगह भाई कहकर बुलाता है!


👉सारी पत्री उठाकर देख लिजिए!


👉शिखाने वालों को भाई कहकर ही बुलाता है!


👉और यीशु मसीह ने भी कहा "तुम भाई हो"!


"इस वचन को देखे"


👉और उसे एलीशा देखता और पुकारता रहा, “हाय मेरे पिता! हाय मेरे पिता! हाय इस्राएल के रथ और सवारों!” जब वह उसको फिर दिखाई न पड़ा, तब उसने अपने वस्त्र फाड़े और फाड़कर दो भागकर दिए। फिर उसने एलिय्याह की चद्दर उठाई जो उस पर से गिरी थी, और वह लौट गया, और यरदन के तट पर खड़ा हुआ।

(2 राजाओं 2:12-13)


✍️क्या कही पर लिखा है वो एलिय्याह को ही अपना पिता कह रहा था!


👉वह तो अपना दुख प्रगट कर रहा था!


👉 क्या कहीं भी किसी नबी या उपदेश ने आकर बोला हो 

"मैं तुम्हारा आत्मिक पिता हूं"


"या तुम मुझे पापा बोलो"!


👉कहीं भी ऐसा नहीं हुआ!


*सूने*:-


✍️पर ऐसे वचनों को लेकर यीशु की आज्ञाओं को बदल रहे हैं!


👉यीशु मसीह ने उन फरिसी और शास्त्रीयों को डाटा!


👉तुम अपनी आज्ञाओं और विधियों को‌ ऐसे सिखाते हो!

👉शिखाते हो ये परमेश्वर की आज्ञाएं है!


👉और परमेश्वर की आज्ञाओं को टाल देते हो!


👉तुम पर हाय!


✍️आज भी तो ऐसा ही हो रहा है अपने तरीके से वचन बना कर तोड़ मरोड़ कर लोगों पर थोप देते हैं!


👉जैसे वो परमेश्वर की आज्ञा हो!


👉“हे कपटी शास्त्रियों और फरीसियों तुम पर हाय! तुम मनुष्यों के विरोध में स्वर्ग के राज्य का द्वार बन्द करते हो, न तो आप ही उसमें प्रवेश करते हो और न उसमें प्रवेश करनेवालों को प्रवेश करने देते हो। [हे कपटी शास्त्रियों और फरीसियों, तुम पर हाय! तुम विधवाओं के घरों को खा जाते हो, और दिखाने के लिए बड़ी देर तक प्रार्थना करते रहते हो: इसलिए तुम्हें अधिक दण्ड मिलेगा।] “हे कपटी शास्त्रियों और फरीसियों तुम पर हाय! तुम एक जन को अपने मत में लाने के लिये सारे जल और थल में फिरते हो, और जब वह मत में आ जाता है, तो उसे अपने से दुगना नारकीय बना देते हो।

(मत्ती 23:13-15)


✍️आज क्या हो रहा है ऐसी बातें सूना रहे जो कानों की खुजली के अनुसार है!


👉कानों की खुजली वाला प्रचार हो रहा है!

👉जो लोगों सूने अच्छा लगता है!


👉परमेश्वर तुम्हें आशीष दे रहा है!

👉 परमेश्वर तुम्हें बरकत दे रहा है!

👉ये हो रहा है ,वो वो रहा है!


👉जीवन में लाखों गुनाह भरे पड़े हैं!


👉परमेश्वर तुम्हारा वीजा लगा रहा है!


👉पर ऐसी भविष्य वाणी की जा रही है!


*सूने*:-


✍️कोई तोबा का सुसमाचार उन के पास नहीं है!


👉कोई मन फिराने का सुसमाचार उनके पास नहीं है!


👉और लोग नरक में जाने के लायक बन रहे हैं!


👉 स्वर्ग का दरवाजा उनके लिए बंद कर रहे हैं!


*सूने*:-


✍️अगर कोई बहन भाई इन चीजों में फंसा है हमें उने बाहर लेकर आना है!


*उदाहरण*:-

👉जब पतरस ने प्रचार किया!

👉जब यहुन्ना ने प्रचार किया!

👉जब पौलुस ने प्रचार किया!


👉किसी ने नहीं कहा मैं तुम्हारा "आत्मिक पिता हूं"!


*उदाहरण*:-


✍️लिखा है जब पौलुस सिलास को आदर देना चाहा उन्होंने अपने कपड़े फाड़े!


👉शोग प्रगट किया हम तो तुम्हारे समान है!


✍️ *बाइबल के इतिहास को पढ़ कर देख लीजिए ,एक सच्चा सेवक वही है जो अपने आप को छोटा करता है, दीन करता है!*


👉ना के अपने आपको गुरु बनाया है!

👉ना अपने आपको आत्मिक पिता बनाता है!

👉ना वो आदर की खोज में रहता है!

👉वो सच्चा सेवक नहीं है!


👉वो झूठा सेवक है ,और वो भटक चूका है!


👉हमे बहुत सावधान रहना होगा !


*God bless you*

Tuesday, 10 January 2023

पहली सदी के प्रचारक किस का प्रचार करते थे? (हिंदी)

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*पहली सदी के प्रचारक किस का प्रचार करते थे?*

                 *या*

*पहली सदी की कलिसिया किस का प्रचार करती थी?*


✍️ *जवाब है*:-


👉 *King का और kandam का*

(यीशु का, और राज्य का)


👉पतरस, स्तिफनुस फिलिप्स,पौलुस,तीमुथियुस और  उस के बाद जितने भी disciple   


👉 *किस का प्रचार करते थे?*


👉 *यीशु का और राज्य का*


👉इन सभी को पता था हम को पृथ्वी पर किस का प्रचार करना है!


👉 *यीशु और उसका राज्य का!*


👉यीशु कौन है? , दुल्हा और उसका राज्य क्या है, उसकी दुल्हन है!


👉यीशु कौन है?, चरवाहा और उसका राज्य क्या है, उसकी भेड़


👉 यीशु कौन है?,सिर उसका राज्य कौन है, उसका देह


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *पहली सदी की कलिसिया इन दोनो का प्रचार करती थी!*


👉आप कहेंगे pastor जी कैसे बोल सकते हैं?


(कुछ वचन रख रहा हूं)


✨फिलिप्पुस:-


👉परन्तु जब उन्होंने फिलिप्पुस का विश्वास किया *जो परमेश्वर के राज्य और यीशु मसीह के नाम का सुसमाचार सुनाता था* तो लोग, क्या पुरुष, क्या स्त्री बपतिस्मा लेने लगे।

(प्रेरितों के काम 8:12)


✍️ यीशु ने कहा था!


👉जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; *और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होंगे।*


✍️ *फिलिप्पुस की प्रतीति की*


👉फिलिप्पुस पहोंचा सामरिया में!


👉 *किस का प्रचार कर रहा है?*


👉 *परमेश्वर के राज्य का और यीशु के नाम का* 


👉और जो परमेश्वर के राज्य का और यीशु के नाम का सुसमाचार सुनाता था!


👉तो लोग, क्या पुरुष, क्या स्त्री बपतिस्मा लेने लगे।


*ध्यान से सूने*:-


✍️परमेश्वर का राज्य और यीशु के नाम का प्रचार!


👉 *ये होती इन के Topic* 


👉ये होती थी यीशु की Topic


👉ये होती थी पतरस की Topic


👉ये होती थी पौलुस की Topic


👉ये होती थी फलिप्पुस की Topic


👉 *तो एक प्रचारक को 24 वीं सदी में किस-किस का प्रचार करना है?*


👉परमेश्वर के राज्य का और यीशु के नाम का


👉 *यीशु का प्रचार क्यों करना है?* 


👉क्योंकि उसका राज्य आने वाला है!


👉यीशु के राज्य का राजा कौन है?

👉 *यीशु है*


👉यही तो किया था, पतरस ने


👉यही तो किया था, पौलुस ने


👉यही तो किया था, पहली सदी ने 


👉 *और हम को भी तो यही करना है!*


👉 *परमेश्वर के राज्य का और यीशु के नाम का, ये दोनो साथ साथ चलेंगे!*


✨ *पौलुस ने क्या किया आईए देखते हैं?*


👉 *और जो उसके पास आते थे, उन सबसे मिलता रहा और बिना रोक-टोक बहुत निडर होकर* 

*परमेश्वर के राज्य का प्रचार करता और प्रभु यीशु मसीह की बातें सिखाता रहा।*

(प्रेरितों के काम 28:31)


✍️पौलुस किसी के रोक-टोक से नहीं डरता था, पौलुस किसी की धमकी से नहीं डरता था!


👉वो चाहे महाजाजक हो!

👉वो चाहे उस समय का कोई राजा हो!


👉वो नहीं डरता था!


👉 *लिखा है बिना रोक-टोक*


👉 *परमेश्वर के राज्य का प्रचार करता और प्रभु यीशु मसीह की बातें सिखाता रहा।*


👉यहां पर भी दो बातें हैं!


✨ *अब यीशु की बात सूनो यीशु ने क्या कहां!*


👉 *और राज्य का यह सुसमाचार सारे जगत में प्रचार किया जाएगा,* 

(मत्ती 24:14)


✍️यीशु देख लिया था, हमको कहा राज्य का सुसमाचार सारे जगत में होगा!


👉 क्योंकि पतरस भारत नहीं आया था,थोमा भारत आया था,पर गुजरात नहीं पहोंचा, पंजाब नहीं पहोंचा!


👉चेले बाकी दूनिया के कोने में नहीं पहोंचे, लेकिन आप और मैं पहोंच रहे हैं!


👉 *और राज्य का यह सुसमाचार सारे जगत में प्रचार किया जाएगा,* 


👉 कि सब जातियों पर गवाही हो, *तब अन्त आ जाएगा।*


👉 *इसका मतलब जब तक एक पूरा नहीं होगा, तब तक दूसरा पूरा नहीं होगा!*


👉कुछ लोग कहते अंत आ जाएगा, पर उन मूर्खों को कौन समझाए, परमेश्वर का राज्य पहले होगा उसके बाद अंत आएगा! 


👉जब तक एक पूरा नहीं होगा, तब तक दूसरा पूरा नहीं होगा!


👉इसका मतलब यीशु राज्य पहले उसके बाद अंत आएगा!


👉पहली सदी के प्रचारक ने बोला अंत आ रहा है!


👉दूसरी सदी ने बोला अंत आ रहा है!


👉तीसरी सदी ने बोला अंत आ रहा है!


👉ऐसे करते-करते 21वीं सदी बीत गई, यीशु नहीं आया!


👉क्योंकि उसका राज्य स्थापित होना बाकी है!


👉 *लेकिन जिस दिन सब जातियों पर गवाही हो जाएगी उस दिन अंत यीशु जरुर लाएगा!*


👉 *और उसी समय से* इसकी प्रतीक्षा कर रहा है, कि उसके बैरी उसके पाँवों के नीचे की पीढ़ी बनें। 

(इब्रानियों 10:13)


✍️और उसी समय से!


👉कौन से समय से, यीशु ने क्रूस पर कहा पूरा हुआ!


👉कब से, जिस दिन यीशु मुर्दों में से जी उठा!


👉कब से, जब यीशु ने कहा स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया!


👉 *और उसी समय से* इसकी प्रतीक्षा कर रहा है, कि उसके बैरी उसके पाँवों के नीचे की पीढ़ी बनें। 


✍️कि उसके बैरी उसके पांवो की पीढ़ी बनें!


👉 *किसके पांवों? यीशु के पांवों*


👉 *यीशु का पांवों कौन‌ हैं? आप और मैं*


👉 *लिखा है, उसका पांवों  उसका पांवों उसकी कलिसिया है!*


👉 *यीशु अगर किलिसिया का सिर है, तो हम उसके धड़ है!*(यीशु head है तो हम उसकी body है)


👉 *शान्ति का परमेश्वर शैतान को तुम्हारे पाँवों के नीचे शीघ्र कुचल देगा।*

हमारे प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह तुम पर होता रहे।  

(रोमियों 16:20)


✍️तो किस के पांवों के नीचे आने का wait हो रहा है!

 

👉 *शान्ति का परमेश्वर शैतान को तुम्हारे पाँवों के नीचे शीघ्र कुचल देगा।*


👉लेकिन जब तक यह नहीं!


👉 *और राज्य का यह सुसमाचार सारे जगत में प्रचार किया जाएगा,* कि सब जातियों पर गवाही हो, तब अन्त आ जाएगा।

(मत्ती 24:14)


✍️ *Antichrist को कोई रोक रहा है!*


👉और अब तुम उस वस्तु को जानते हो, जो उसे रोक रही है, कि वह अपने ही समय में प्रगट हो।

(2 थिस्सलुनीकियों 2:6)


✍️ कौन रोक रहा है? यह सुसमाचार उस को रोक रहा है!

पवित्र आत्मा का मिश्रण उसे रोक रहा है!


👉जिस दिन सुसमाचार का पूरा होगा शैतान हमारे पांवों के नीचे होगा!


*God bless you*

Thursday, 5 January 2023

क्या मसीह बनने श्राप हमारे जीवन में बना रहता (हिंदी)

 

आज का विषय
एक बार जरुर पढे

*क्या उद्धार पाने के बाद श्राप हमारे जीवन में बना रहता है*

*क्या मसीह बनने श्राप हमारे जीवन में बना रहता है*

👉मेरी नौकरी चली गई
👉बच्चा मर गया
👉घर बिक गया
क्या उसके पीछे श्राप है

*सीधा जवाब है:-नहीं*

✍️ *मसीह बनने के बाद ऐसा कोई श्राप नहीं रहता*

👉 *इसलिए यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं*(2कुरि5:17)

✍️ *मसीहा बनने के बाद ऐसा कोई श्राप नहीं रहता*

👉 *क्योंकि न खतना, और न खतनारहित कुछ है, परन्तु नई सृष्टि महत्त्वपूर्ण है*
(गलतियां 6:15)

✍️ *पौलुश जादा जोर किस पर दे रहा है?*

👉 *नई सृष्टि पर* आप और हम क्या है, नई सृष्टि*

👉 *पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी, याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और परमेश्वर की निज प्रजा हो, इसलिए कि जिसने तुम्हें अंधकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। तुम पहले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर की प्रजा हो; तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है*
(1पतरस 2:9-10)

✍️ *तो जो कोई यीशु में है नई सृष्टि है*

👉 *वाचा के लहु में है*
👉 *वो दुल्हन*
👉 *वो कलिसिया*
👉 *राज पदधारी जाजक है*
👉 *पवित्र समाज*
👉 *उस के वंशज हैं*

👉 *तो फिर आपके जीवन में श्राप कैसे रह सकते हैं*

👉 *और विधियों का वह लेख और सहायक नियम जो हमारे नाम पर और हमारे विरोध में था मिटा डाला; और उसे क्रूस पर कीलों से जड़कर सामने से हटा दिया है*(कुलसिया 2:14)

👉 *इसलिए अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं*(रोमिया 8:1)

✍️ *आपको लगता है मेरे जीवन में कोई बन्धन है,तो वो क्यों है?*

✍️ *कोई वजह है,जो सुसमाचार नहीं सूनाता*

👉यदि मैं सुसमाचार सुनाऊँ, तो मेरा कुछ घमण्ड नहीं; क्योंकि यह तो मेरे लिये अवश्य है; और यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊँ, तो मुझ पर हाय!(1कुरि 9:16)

✍️ *जो प्रभु को प्यार नहीं करता*

👉 *पर मुझे तेरे विरुद्ध यह कहना है कि तूने अपना पहला सा प्रेम छोड़ दिया है। इसलिए स्मरण कर, कि तू कहाँ से गिरा है, और मन फिरा और पहले के समान काम कर; और यदि तू मन न फिराएगा, तो मैं तेरे पास आकर तेरी दीवट को उसके स्थान से हटा दूँगा*
(प्रकाशित 2:4-5)

✍️ *आपकी गलतीयो के कारण आपका बिज़नस,आपका परिवार, नौकरी,घर में प्रोब्लम है!*

👉आप श्राप को चैक मत किजिए पाप को चैक किजिए

👉 *आपके पूराने जीवन का कोई भी श्राप अब आपके जीवन में नहीं आएगा*

👉अगर मसीह में ठीक चल रहे हैं तो!

✍️ *कौन कौन से श्राप टुट्ट गए है*

👉 *यीशु ने सलीब पर किलो से जड़कर निकाल दिया*

👉आपके पापों का श्राप
👉परिवारिक श्राप
👉पूर्वजों का श्राप
👉दूशमनो का श्राप (जादू-टोना)

✍️ *सवाल* क्या किसी के श्राप देने से हम श्रापित हो जाते हैं
👉 *जवाब* नहीं

✍️आपको किसी के श्राप देने से डरना नही चाहिए

*ध्यान सूने:-*

✍️ किसी के धोखे में नहीं आना

👉 *किसी तेल की बोतल*
👉 *पानी की बोतल*

👉 *प्रार्थना बीज*

*विशेष पर जो कहता है उस से प्रार्थना करने से*

👉 *तेल की बोतल ले जाओ श्राप टृट जाएंगे*

👉 *पानी ले जाओ श्राप टृट हो जाएंगे*

👉 *प्रार्थना बीज भेज दो आपका श्राप टृट जाएगा*

*ऐसे धोखो से बचें*

✍️जो ऐसा कहते हैं करते हैं झूठ है गलत है!

👉 *यीशु का लहु काफी है*

👉 *हमे ऐसे पर विश्वास नहीं करना है*

👉 *प्रार्थना विशेष*:- विशेष व्यक्ति से उस से प्रार्थना करवाए

👉  *कुछ ने तो विशेष प्रार्थना का रेट भी रखा है*

👉 *मैं फिर कहता हूं मसीह बनने के बाद कोई श्राप नहीं रहता*

*God bless you*

Wednesday, 4 January 2023

मसीह मंथन बैठक की खरी शिक्षाएँ सिद्धांत (मराठी)

  मसीह मंथन बैठक की खरी शिक्षाएँ


(MMB DOCTRINES)



1) आम्ही त्रिएक परमेश्वरावर विश्वास ठेवतो


2) तारण (उद्धार) फक्त येशूच्या नावाने होते


3) डुबने बाप्तिस्मा गरजेचे आहे  (त्रिएक नावाने)


4)बायबल परमेश्वराचे वचन आहे आम्ही विश्वास करतो


5) अरुंद मार्ग (सकरे रास्ते) निवडणे हेच खिस्ताचे जीवन आहे


6) आम्ही विश्वास करतो की पवित्र आत्मा तारण प्राप्त झाल्यावरच मिळतो


7) आम्ही GIBBRESH (अन्य भाषा) ला नाहीं मानत 


8) आम्ही दुसऱ्यांच्या प्रार्थने वर अवलंबून राहत नाही


9) आम्ही भेसळ (मिलावटी) सुवार्ते (सुसमाचार) वर विश्वास करत नाही


10) आम्ही विश्वास करतो की पुरुष असो या स्त्री परमेश्वर दोघांचा वापर करू शकतो


11) आम्ही विश्वास करतो की RAPTURE होणार


12) येशुच्या द्वितीय आगमना वर आम्ही विश्वास करतो 


13) आम्ही बायबल च्या बाहेर कोणत्याही अलौकिक शक्ति ला मानत नाही


14) आम्ही दशमांश च्या सिद्धांत ला मानत नाही 


15) आम्ही यहुदीवाद च्या सिद्धांत ला मानत नाही

Tuesday, 3 January 2023

मसीह मंथन (MMB DOCTRINES) हिंदी

 मसीह मंथन बैठक की खरी शिक्षाएँ

(MMB DOCTRINES)


1-हम त्रिएक परमेश्वर पर विश्वास करते हैं।


2-उद्धार सिर्फ़ यीशु के नाम से ही होता है।


3-डूब का बप्तिस्मा ज़रुरी है (त्रिएक नाम से)


4-बाइबल परमेश्वर का वचन है हम विश्वास करते हैं।


5-सकरे रास्ते का चुनाव ही मसीह जीवन है।


6-हम विश्वास करते हैं की पवित्र आत्मा उद्धार पाते ही मिल जाता है।


7-हम GIBBRESH (अन्य भाषा) को नहीं मानते है ।


8-हम दूसरों की प्रार्थना पर निर्भर नहीं रहते है ।


9-हम मिलावटी सुसमाचार पर विश्वास नहीं करते हैं ।


10-हम विश्वास करते हैं की पुरुष हो या स्त्री परमेश्वर दोनों का इस्तेमाल कर सकता है ।


11-हम विश्वास करते हैं कि RAPTURE होगा ।


12-यीशु के द्वितीय आगमन पर हम विश्वास करते हैं।


13-हम बाइबल के बाहर किसी भी आलौकिक शक्ति को नहीं मानते हैं।


14-हम दशमांश के सिद्धांत को नहीं मानते हैं।


15-हम यहूदिवाद के सिद्धांत को नहीं मानते हैं ।

Monday, 2 January 2023

आज दो तरह के लोग कलिसिया (चर्च) बदल रहे हैं (हिंदी )

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*आज दो तरह के लोग कलिसिया (चर्च) बदल रहे हैं* 


 1) *एक है वो जिनको चर्च में मजा नहीं आ रहा है*!


2) *दूसरे जिनको चर्च में सही वचन नहीं मिल रहा है*!


⭐ *पहले वो है*:- 


👉उनके हिसाब से चर्च में चीजें होती नहीं दिख रही है, इसलिए चर्च बदलते हैं!


⭐ *दूसरे वो है*:-


👉वचन की सेवकाई ठीक से नहीं हो रही इसलिए चर्च बदलते है!


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *आपका चर्च किस चीज पर टिका है?*


👉 *स्तुति आराधना*:- आराधना गलत नहीं पर घंटों नाचते रहते हैं!

👉जहां सब से जदा ईनी पर focus होता है!


👉 *चमत्कार*:- तेल ,पानी ,हाथ रखना, वीज़ा अमेरिका चले जाओगे आदी....


👉 *अच्छी बातें*:- आप जैसे भी हो प्रभु आपसे प्यार करता है,

आप दारु पीओ माफी मांगो चर्च आ जाओ!


👉 *Manoranjan*:- game, बाहर बंदगीया पर जाना , बाहर जाना (घूमना फिरना), ग़लत नहीं, पर सिर्फ ये ही focus हो गया!


✍️ *या फिर ऐसे लोग जो सिर्फ वचन पर आधारित चर्च चलाते है*


👉 *उनका focus*

👉 *वचन से स्टडी करना* 

👉 *संसार से कैसे बचना है* 

👉 *अपना क्रुस उठाना* 

👉 *सेवा करना है*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *आज पूरी दुनिया में दो तरह की कलिसीया है*


1) *Manoranjan चर्च*:-

2) *वचन पर आधारित चर्च*:-


👉 *आप कौन से चर्च में है?*


✍️ *पौलुश और तीमुथियुस की कलिसिया कैसी थी?*

 

👉 *कौन सा model था?*


👉 *कि तू वचन का प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डाँट,* और समझा। क्योंकि ऐसा समय आएगा, कि लोग खरा उपदेश न सह सकेंगे पर कानों की खुजली के कारण अपनी अभिलाषाओं के अनुसार अपने लिये बहुत सारे उपदेशक बटोर लेंगे। और अपने कान सत्य से फेरकर कथा-कहानियों पर लगाएँगे।

(2 तीमुथियुस 4:2-4)


✍️ *लोग चर्च बदलेंगे, हमे निराश नहीं होना!*


👉 *हमें भीड़ नहीं चाहिए भेड़ चाहिए!*


*ध्यान दें*:-


👉 *नये जन्मे हुए बच्चों के समान निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो,* ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ,

(1 पतरस 2:2)


✍️ नये जन्मे बच्चों का क्या करना है? 

👉वचन देना है?


👉तेल, पानी , Manoranjan नहीं!


👉 *और वे प्रेरितों से शिक्षा पाने, और संगति रखने में और रोटी तोड़ने में और प्रार्थना करने में लौलीन रहे।*

(प्रेरितों के काम 2:42)


✍️ उनका focus Manoranjan नहीं था!


👉 *ऐसे चर्च को ढुंढे*:-

👉 *ऐसो को सूने*:-


👉 *जो वचन की शिक्षा पाता है,* वह सब अच्छी वस्तुओं में सिखानेवाले को भागी करे।

(गलातियों 6:6)


👉 *जो प्राचीन अच्छा प्रबन्ध करते हैं, विशेष करके वे जो वचन सुनाने और सिखाने में परिश्रम करते हैं,* दो गुने आदर के योग्य समझे जाएँ।

(1 तीमुथियुस 5:17)


✍️ ऐसे चर्च को ढुढ्ढना है! 


👉ऐसे को सूनना है!


✍️ *एक सच्ची कलिसिया कौन सी है?* 


👉 *जो मसीह के आदेश को लेकर चलती है!*


*God bless you*