Tuesday, 31 May 2022

क्या मसीह लोग चर्च में नाच सकते हैं (हिंदी)

 आज का विषय 

एक बार जरुर पढ़े लें


*क्या मसीह लोग चर्च में नाच सकते हैं*


✍️ *सबसे पहले पूरी दुनिया के मसीहो से एक सवाल नाचने की एक वजाह दो क्यों नाचते हैं* ?


👉99.9 /.लोग एक व्यक्ति का उदाहरण रखते है!

*दाऊद नाचा था*:-


👉और दाऊद सनी का एपोद कमर में कसे हुए यहोवा के सम्मुख तन मन से नाचता रहा।

(2 शमूएल 6:14)


⭐ *दाऊद के नाचने के तीन कारण थे*


👉फिलिस्तीनीयो से युद्ध जीता था !

👉सन्दूक से आशीष मिली थी !


👉वो परमेश्वर से प्यार करता था !


✍️ तुम नाचते हो एक कारण बताओ!

👉 तुमने ने कौन सा गढ़ जीत लिया !

👉 तुमने कितनी आत्माओं को जीता या बचाया !


✍️ परमेश्वर से प्यार है तो म्यूजिक क्यों चाहिए ?


*सूने*:-


✍️ *दाऊद का मिशन और काम अलग था*!


👉 *दाऊद राजा था उसका वक्त अलग था*

 

*सूने*:-


✍️ *हमारा मिशन और काम अलग है*


 👉 *हमारा वक्त अलग है*


*सूने*:-


✍️ *हम यीशु के सेवक है*


👉दाऊद के पास कोई Mandate नहीं था !


👉हमारे पास Christ-mandate है!


👉इसलिए तुम जाकर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ; और उन्हें पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो, और उन्हें सब बातें जो मैंने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ और देखो, मैं जगत के अन्त तक सदैव तुम्हारे संग हूँ।”

(मत्ती 28:19-20)


👉पीछे वह उन ग्यारह चेलों को भी, जब वे भोजन करने बैठे थे दिखाई दिया, और उनके अविश्वास और मन की कठोरता पर उलाहना दिया, क्योंकि जिन्होंने उसके जी उठने के बाद उसे देखा था, इन्होंने उसका विश्वास न किया था।

(मरकुस 16:14)


👉और यरूशलेम से लेकर सब जातियों में मन फिराव का और पापों की क्षमा का प्रचार, उसी के नाम से किया जाएगा।

(लूका 24:47)


👉यीशु ने फिर उनसे कहा, “तुम्हें शान्ति मिले; जैसे पिता ने मुझे भेजा है, वैसे ही मैं भी तुम्हें भेजता हूँ।”

(यूहन्ना 20:21)


👉परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होंगे।”

(प्रेरितों के काम 1:8)


*सूने*:-


👉“हे सब परिश्रम करनेवालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूँगा। मेरा  जूआ  अपने ऊपर उठा लो; और मुझसे सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूँ: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे। क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हलका है।”

(मत्ती 11:28-30)


✍️ यीशु ने हमारा बोझ उठा लिया है,पाप का बोझ, बिमारी का बोझ,


👉 *अब हमें यीशु का बोझ उठाना है*!


*सूने*:-


✍️ *"हमें enjoy करने के लिए नहीं बुलाया"*

 

👉हम बीजी है:-तो नाचने का समय कहा है!


👉 *नाचना कूदना तो फ्री लोगों का काम है और हम फ्रि नहीं है*


👉हमें बहुत काम करना है!


*सूने*:-


✍️ *नाचना एक फैशन बन गया है* 


👉कई में चर्चो में:- सब नाचना ही नाचना है!


👉 चर्च में 2 घंटे नाचना ही है!


👉 आराधना करने वाले नचाए नहीं तो कहते हैं, मज़ा नहीं आया!


👉 नचाया तो कहते बहुत अच्छा आराधना करने वाला था!


*सूने*:-


✍️ *जिस परमेश्वर के (पिता पुत्र, पवित्र आत्मा) लिए नाच रहे हैं ,वो आभी क्या कर रहा है जानते हैं*?


⭐ *पिता (परमेश्वर) रो रहा है*


👉“तू उनसे यह बात कह, ‘मेरी आँखों से दिन-रात आँसू लगातार बहते रहें, वे न रुकें

(यिर्मयाह 14:17)


👉 प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; वरन् यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले।

(2 पतरस 3:9)


👉 “क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।(यूहन्ना 3:16)


✍️कियू परमेश्वर रो रहा है कियोकि इस्राईली लोग कूचले गये,


👉आज भी परमेश्वर के लोगों कूचले जा रहे हैं परमेश्वर चाहता है सब बचाए जाए!


⭐ *पुत्र (परमेश्वर) भी रो रहा है!*


👉इसलिए जो उसके द्वारा परमेश्वर के पास आते हैं, वह उनका पूरा-पूरा उद्धार कर सकता है, क्योंकि वह उनके लिये विनती करने को सर्वदा जीवित है।

(इब्रानियों 7:25)


✍️ विनती:- मधीयता की प्रार्थना कर रहा है!


👉 यीशु बादलों पर बैठ कर कौफी नहीं पी रहा!


👉 लिडो नहीं खेल रहा है


👉जब वह निकट आया तो नगर को देखकर उस पर रोया।

(लूका 19:41)


👉लाजर की कब्र:-


👉 गतसमनी बाग:-


👉अभी भी रो रहा है.....


⭐ *पवित्र आत्मा (परमेश्वर) भी रो रहा है!*


👉 इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये विनती करता है।(रोमियों 8:26)

✍️ इसे भर-भर कर 

( सिसक -सिसक कर)


*सूने*:-


✍️आप नाच रहे होते हैं और परमेश्वर क्या कर रहे होते है,और परमेश्वर रो रहा है उसके लोग नाश हो रहे है!


*सोचे*


⭐ *मिशन ठप पड़ा है*:- 


👉 इसलिए तुम जाकर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ; और उन्हें पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो, और उन्हें सब बातें जो मैंने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ और देखो, मैं जगत के अन्त तक सदैव तुम्हारे संग हूँ।”

(मत्ती 28:19-20)


✍️ *सुसमाचार का काम ठप पड़ा है!*


✍️ पूरे ने नये नियम में एक वचन निकाल कर दिखाए!


👉अगर नाचना है तो अकेले में नाचे! कमरे में जाकर सब के सामने कियू और म्यूजिक कियो चाहिए!


*सूने*:-


👉 प्रार्थना तो होती नहीं है!


👉 Sunday को ही क्यों नाचना है!

👉 नाचने पर जोर होता है!


✍️ *पूछे तो कहते हैं हम परमेश्वर से प्यार करते हैं*!

 👉 *ठीक है*


✍️ *तो फिर सेवा करें,अभी भी बहुत से गांव खाली पड़े हैं जाईए गांवों गांव लोगों को बचाने*!


👉 *अपना जो वहां पर दिखाईए*


👉 *सेवा तो होती नहीं और नाचने पर जोर दे रखा है*!


👉क्योंकि परमेश्वर गड़बड़ी का नहीं, परन्तु शान्ति का कर्ता है; जैसा पवित्र लोगों की सब कलीसियाओं में है।

(1 कुरिन्थियों 14:33)(14:-26-33 भी पढ़ लें)


👉ये वचन यह ही बातते है परमेश्वर शांति का परमेश्वर है!


*सूने*:-


✍️ जब कोई अविश्वासी चर्च में आऐ वो देखेगा ये किया चल रहा है!

👉शांति दिखनी चाहिए ये क्या चल रहा चर्च में धूम धड़ाका!


 ✍️ *परमेश्वर गड़बड़ी नहीं चाहता* !


👉 *जैसा नाच आज चल रहा है परमेश्वर नहीं चाहता*!


👉 *बाकी आप को जैसा आपको ठीक लगे*


*God bless you*

वचन का यीशु प्रचारकों का यीशु ( हिंदी )

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*वचन का यीशु प्रचारकों का यीशु*


*Scripture Jesus and Preachers Jesus*


✍️आप सोच रहे होंगे ये क्या विषय है!


👉पर इस विषय को मसीह की देह में या मसीह समाज में रखना या लाना बहुत जरूरी है


👉विषय है!


*वचन का यीशु प्रचारकों का यीशु*


✍️ कुछ दो हजार सालों से हम यीशु का प्रचार सुनते आ रहे हैं!


*लेकिन दो तरिके से*


{1}  *वचन का यीशु*

{2} *प्रचारकों का यीशु*


👉आपने दो तरिके यीशु का प्रचार सूना है!


👉आप 20,30,40,50 सालों से या अभी कुछ महीने या दिनों से मसीह में आऐ है!


👉 *आपको या तो वचन का यीशु मिला है या तो प्रचारकों का यीशु मिला है!*


✍️ *अगर वचन का यीशु मिला है तो बहुत अच्छी बात है!*


👉 *अगर प्रचारकों का यीशु मिला है, पर मिला है बाईबल से ही तो दिक्कत की बात हो जाएगी!*


👉 *कयों ?*


*सूने*:-


✍️ *क्या बाईबल में दो यीशु का जिक्र है!*


*मतलव*:-


✍️वचन इस की पुष्टि करता है


👉आज इक्कसवीं सदी में मसीह की देह में यीशु की पहचान किस तरिके से जा रही है!


👉 *यदि कोई तुम्हारे पास आकर, किसी दूसरे यीशु को प्रचार करे, जिसका प्रचार हमने नहीं किया*

(2 कुरिन्थियों 11:4)


✍️ पहली सदी में ही ये हाल हो गया जब के यीशु को बादलों पर उठा कुछ साल बीते थे!


👉ये सिलसिला शुरू हो गया


👉हम तो आज इक्कसवीं सदी में है जहां कितने सारे denomination आ गए कितने सारे प्रचारक आ गए!


👉जो कुछ तो प्रभु की ओर से है और कुछ प्रभु की ओर से नहीं!


*सूने*:-


👉यीशु कैसरिया फिलिप्पी के प्रदेश में आकर अपने चेलों से पूछने लगा, “लोग मनुष्य के पुत्र को क्या कहते हैं?”

(मत्ती 16:13)


✍️यीशु को ये चिन्ता हो रही थी मेरी लोगों में क्या identity (पहचान)जा रही है!


👉आज मसीह की देह यीशु की identity (पहचान) जा रही है!


*सूने*:-


👉 *परन्तु यदि हम या स्वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हमने तुम को सुनाया है, कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो श्रापित हो।*

(गलातियों 1:8)


✍️कितना गम्भीर (serious) ये matter है!


👉 *पौलुस कहता है मैंने तुम्हें मनुष्य सा यीशु वाला प्रचार नहीं सुनाया!*


👉हे भाइयों, मैं तुम्हें जताए देता हूँ, कि जो सुसमाचार मैंने सुनाया है, वह मनुष्य का नहीं।

(गलातियों 1:11)


✍️ *इस का मतलब है पौलुस के टाईम में ऐसे ऐसे प्रचारक आते थे जो अपना-अपना यीशु पेश करते थे!*


*सोचिए*:- 


👉पौलुस के वक्त ऐसा होता था!


👉पतरस के वक्त ऐसा होता था!


👉तो आज कल क्या हो रहा है!


✍️ *90 प्रतीशत प्रचारक आपना यीशु परोस रहे हैं कलिसिसियाओ में!*


👉ये बाईबल से ही बताएंगे!


👉इनके प्लेटफार्म बहुत है!


👉 *चर्चो से*


👉 *सोशल मीडिया*


👉 *किताबों से*


👉 *और आपने जैसे लीडर तैयार कर रहे हैं*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *इनको दूसरा यीशु कहा से मिला!*


👉चार किताबें से!


👉मत्ती,मरकुस,लूका,यहुन्ना!


👉आप कहेंगे इन किताबों से मिला है तो ठीक ही है ना 

बाईबल से (वचन से) ही बात कर रहे!


*सूने*:-


👉 *फिर कैथलिक*


👉 *यहोवा विटनेस*


👉 *ओन्ली जीसस*


👉 *माता यरुशलेम*


👉 *सर्वशक्तिमान*


👉 *इलुमिनाटी वाले*


👉कहा से बात करते हैं!


👉 *बाईबल से ही बात करते हैं!*


*सूने*:-


✍️ *लूसिफ़र ने भी वाटिका में ही आदम और हवा को फसाया था!*


✍️वो बाहर से कोई weapon नहीं लाया वाटिका से ही! 


✍️परमेश्वर ने जो बनाया था!

👉बगीचे का पेड़!


👉बगीचे का फल!


👉इनी दो character आदम और हव्वा को ही इस्तेमाल किया!


*सूने*:-


✍️यीशु को भी कहा से test करा वचन से ही!


👉बोला लिखा है यीशु ने कहा ठीक पर ये भी लिखा है!


*सूने*:-


✍️ये लोग भी दूसरा यीशु इन्हीं चार किताबें से ही लाते हैं!


✍️ इसे कहते हैं वचन से match नहीं करने वाला यीशु!


*सूने*:-


✍️और जो भोले भाले लोगों होते हैं जिने वचन का ज्ञान नहीं!


👉वो इन के झांसे में टक कर कर आ जाते हैं!


👉और इन को लगता वहां क्या प्रचारक हैं! 


👉क्या बाईबल टीचर है!


👉क्या प्रभु के सामर्थ में बातें करता!


👉आप जल्दी से फंस जाते हैं!


*सूने*:-


✍️आज इस वचन के द्वारा समझाने की कोशिश कर रहा हूं हमें ऐसे से सावधान रहना होगा!


👉 *परन्तु मैं डरता हूँ कि जैसे साँप ने अपनी चतुराई से हव्वा को बहकाया,* वैसे ही तुम्हारे मन उस सिधाई और पवित्रता से जो मसीह के साथ होनी चाहिए कहीं भ्रष्ट न किए जाएँ। 

(2 कुरिन्थियों 11:3)


✍️जैसे इन्हें फंसा लिया


*"अब बात करेंगे पहले"*


👉 *प्रचारकों के यीशु की जो बहुत ख़तरनाक है!*


👉 *जो आज mega churches की जबरदस्त पहचान बन गई है!*


✍️ *ये आपने यीशु को चार तरह से परोसते हैं!*


👉 *national हो चाहे international*


*इनके चार Topic fix है!*


{1}  *Grace - अनुग्रह*

{2} *Love - प्रेम*

{3} *Miracle - चमत्कार*

{4} *blessing - आशीष*


*इनको कहा से मिला ये चार Topic*


👉मत्ती

👉मरकुस

👉लूका

👉यहुन्ना


*सूने*:-


👉Out of context ऐसा यीशु परोसते हैं!


✍️और आप सूनते है ,और कहते हैं !


👉अरे ये तो सच है, यीशु ऐसा करता है, तो मेरे जीवन भी कर सकता है!


*सूने*:-


👉 *मूसा को लकड़ी कियू दी एक purpose था!*


👉 *Power कियू दी एक purpose था!*


✍️ *नबीयो और भविष्यवक्ताओं को भविष्यवाणी कियों दी एक purpose था!*


*सूने*:


✍️ *यीशु को भी इतने चमत्कार करने के पीछे एक purpose था!* 


👉 यहां तक आज जो minister है और उस वक्त के जो सेवक ,(प्रभु के दास थे)!


👉 *और विश्वास करनेवालों में ये चिन्ह होंगे कि वे मेरे नाम से दुष्टात्माओं को निकालेंगे; नई-नई भाषा बोलेंगे;*

(मरकुस 16:17)


✍️ *कियो ?*


👉 *एक purpose था यीशु को अपनी सेवा बढ़ानी थी!*


👉परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; *और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होंगे।”*

(प्रेरितों के काम 1:8)


✍️ *कियो ?*


👉 *सामर्थ देने के पीछे प्रचार का purpose था!*


👉 *यीशु को भी इतने चमत्कार करवाने के पीछे भी एक purpose था!*


👉 *किया ?*


👉 *जब संध्या हुई तब वे उसके पास बहुत से लोगों को लाए जिनमें दुष्टात्माएँ थीं और उसने उन आत्माओं को अपने वचन से निकाल दिया, और सब बीमारों को चंगा किया।* 


👉 *ताकि जो वचन यशायाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था वह पूरा हो:* “उसने आप हमारी दुर्बलताओं को ले लिया और हमारी बीमारियों को उठा लिया।” 

(मत्ती 8:16-17)


✍️यशायाह ने जो भविष्यवाणी की थी ,पूरी करने के लिए!


👉मसीहा आएगा प्रचार करेगा,


👉चमत्कार करेगा!


👉आपने बात रखने के लिए यीशु ने चमत्कार किए!


👉कियोकि यहूदी चिन्ह मांगते है!


👉अविश्वासी चिन्ह मांगते हैं!


👉तो यीशु को अपनी बात रखने के लिए चमत्कार करना पड़ा!


*सूने*:-


👉 *मैं एक भी चमत्कार के खिलाफ नहीं हूं और मैं खिलाफ कियू होऊंगा यीशु ने किऐ है तो !*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *पर दिक्कत इस बात की है इन चमत्कार से तुम चमत्कार वाले यीशु को पेस कर रहे हो!*


✍️इन चमत्कारकारो के पीछे purpose क्या था उस purpose को पेस कियू नहीं कर रहे हो!


✍️ये कियू नहीं कहते जिस यीशु ने यह चमत्कार किया उसका मकसद है के तुम मन फिराओ!


👉तुम पापों से तोबा करो!


👉और उसके बेटा-बेटी बन जाओ!


*सूने*:


✍️90 प्रतिशत प्रचारक फेल हो रहे हैं असली वाले यीशु को बताने में!


✍️ *यीशु ने हमें आपने चमत्कार प्रचार करने के लिए नहीं बुलाया बल्कि सुसमाचार प्रचार करने के लिए बुलाया है!*


*सूने*:-


👉 ये ऐसा क्यों करते हैं ?


👉वचन को समझते नहीं है 


✍️कहा कुछ और करते कुछ है!


👉वैसे ही उसने अपनी सब पत्रियों में भी इन बातों की चर्चा की है जिनमें कितनी बातें ऐसी है, जिनका समझना कठिन है, *और अनपढ़ और चंचल लोग उनके अर्थों को भी पवित्रशास्त्र की अन्य बातों के समान खींच तानकर अपने ही नाश का कारण बनाते हैं।*

(2 पतरस 3:16)


👉अपने आपको परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करनेवाला ठहराने का प्रयत्न कर, जो लज्जित होने न पाए, *और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो।*

(2 तीमुथियुस 2:15)


✍️आज बहूत सारी denomination आ गई है

हर कोई यीशु को आपने आपने तरिके पेस कर रह है


✍️ *पर वचन में बार बार लिखा है वचन को ठीक से काम में लाना है (ठीक से प्रचार करना है)*


*God bless you*

Wednesday, 25 May 2022

मसीह समाज में कौवा गिरी ( हिंदी )

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*मसीह समाज में कौवा गिरी*


👉फिर ऐसा हुआ कि चालीस दिन के पश्चात् नूह ने अपने बनाए हुए जहाज की खिड़की को खोलकर, *एक कौआ उड़ा दिया:* जब तक जल पृथ्वी पर से सूख न गया, तब तक कौआ इधर-उधर फिरता रहा।

(उत्पत्ति 8:6-7)


✍️इसका मतलव है कौवा लौट कर नूह के पास नहीं आया!


"इसे भी देखें"


👉फिर उसने अपने पास से एक कबूतरी को भी उड़ा दिया कि देखे कि जल भूमि से घट गया कि नहीं।

(उत्पत्ति 8:8) 


👉उस कबूतरी को अपने पैर टेकने के लिये कोई आधार न मिला, तो वह उसके पास जहाज में लौट आई: क्योंकि सारी पृथ्वी के ऊपर जल ही जल छाया था *तब उसने हाथ बढ़ाकर उसे अपने पास जहाज में ले लिया।*

(उत्पत्ति 8:9)


👉शायद आप नहीं समझे ?


*सूने*:-


👉नहू ने पहले कौवा उड़ाया!

👉फिर कबूतरी उड़ाई!


👉 *कबूतरी वापस आई ?*

👉 *कौवा वापस आया ?*


*मेरा प्रश्न है*


*कौवा क्यों ही वापस आया ?*

*दूसरी बात:- कौवा कहा था ?*


*सूने*:-


✍️जो पक्षी अन्दर का है!

👉150 दिन! 

👉फिर 120 दिन! 

👉फिर जल सूखने का प्रक्रिया चला!


👉एक पक्षी या एक जानवर एक जगह पर रह-रह कर वहां का आदी हो जाता है!


*सूने*


✍️कौवा अन्दर का था ही नहीं तो आदी कहां से होगा!

👉आदी का मतलव:- आदत कहा से होगी!


*उदाहरण*

✍️आप कोई भी एक कुत्ते को लेकर आईये!

👉उसको पालीए!

👉आपको पता उसको वहां की आदत हो जाएगी!


"लेकिन ये कौवा"

👉150 दिन!

👉फिर 120 दिन!

👉उसके बावजूद जब इसको खिड़की खुली मिली!

👉उसने बोला मौका मिल गया!


*सूने*:-


✍️मैं इसका connection कहा करना चाहता हूं!


"Connection देखिए"


⭐ *नूह का जहाज कलिसिया के समान है!*


✍️नूह के जहाज में जैसे ये कौवा है ना!


👉वैसे ही आज भी कलिसिया में कुछ कौवे है!


"फिर कह देता हूं"


👉जैसे नूह के जहाज में इस type कुछ कौवे थे!


👉जैसे ही आज भी कलिसिया कुछ कौवे है!


*सूने*:-


✍️ *जैसे ही मौका मिलता है सीधा बाहर!*


✍️ *और वो एहसास तक नहीं करते हम थे कहा के!*


👉हम यीशु के है!


👉हम अन्दर वाले हैं!


👉हम मसीह वाले हैं!

👉परमेश्वर का हूं!


👉मैं परमेश्वर की सन्तान हूं!


👉परमेश्वर की आत्मा मुझे मै रहता है!


👉लेकिन उन्हें जैसे ही मौका मिलता है सीधा बाहर!


*सूने*:-


✍️ *कलिसिया में कुछ कौवे है कभी अन्दर उड़ते हैं तो कभी बाहर!*


*सूने*:-


✍️ *आज भी बहुत से Saturday तक इधर उधर कौवे बन पर घूमते रहते हैं!*


👉 *पर जैसे ही Sunday आया कबूतर बन जाते हैं!*


✍️Monday to Saturday ये सब घूमके आते हैं!


👉कभी बार!

👉डिस्को!

👉ठेटर!


👉 *ये सब करके आते हैं!*


👉और Sunday को ऐसा पेश करते हैं मैं कबूतर है!


👉इसे पता है क्या कहते हैं ?

👉 *बाहर भूत अन्दर दूत!*


*मतलव*:-


✍️ *बाहर 6 दिन भूत बन कर घूमते हैं!*

*और Sunday दूत बन करते हैं!*


👉ये ऐसे कौवे हैं जैसे ही मौका मिला खत्म बाए-बाए!


⭐ *अब आपके बीच दो character  रखने जा रहा हूं!*


✍️कल्पना करें स्वर्ग में दो character मिल रहे हैं!


*दो D*


👉 *एक है दानिय्येल!*

👉 *दूसरा है दाऊद!* 


⭐ *पहला story किस का आता है , दाऊद का!*


*सूने*:-


👉दाऊद ने कहा आओ दानिय्येल बैठ कर बात करते हैं!


👉दाऊद ने कहा दानिय्येल तुम्हें पता है मैं कौन हो ?


👉दानिय्येल ने कहा बताई आप कौन है!


👉 दाऊद ने कहा, मैं इस्राइल का राजा था!


👉40 वर्ष इस्राइल पर राज्य किया!


👉ये किया वो किया ,अलाना फलाना!


👉अरे तुमे पते है दानिय्येल मैंने गोलियत को मरा!


👉अरे मैं तो तलवार ऐसे चला लेता था!


👉अरे मैं तो गोफन ऐसे चला लेता था!


👉अरे मेरी क्या प्रसिद्धि लोकप्रियता थी!

साऊल के लिए नारे लगते थे हजार के!


👉लेकिन जब मेरी बारी आई तो लाखों के नारे लगते थे!


*सूने*:-


⭐ *तब दानिय्येल‌ ने धीरे से बोला ,दाऊद भाई सब ठीक है!*


👉मैं तो आपके बाद आया था, पर आपकी थोड़ी बहुत story मुझे भी मालूम है!


👉दाऊद ने कहा वो क्या ?


*सूने*:-


*imagine करिऐ ये सब हुआ होगा!*


👉दानिय्येल ने कहा माफ करना आपको बुरा लगे गा!


👉दाऊद भाई सब ठीक था , *पर जो आपने छत पर कौवा गिरी दिखाई वो ठीक नहीं था!*


👉तो दाऊद ने कहा होगा ,बात तो ठीक है!


👉फिर दाऊद ने कहा दानिय्येल तेरी life में!


👉दानिय्येल ने कहा मैंने तेरे जैसे गोलियथ को नहीं मरा!


👉मैंने तेरे जैसे तलवार तो नहीं चलाई!


👉मुझे को गोफन चलाना नहीं आता था!


👉मैं कोई युद्ध भी नहीं लड़ा!


👉और ना ही मेरे ऊपर किसी प्रकार के लाखों के नारे लगे!


👉लेकिन मैंने पूरी life एक चीज शिक्षा था!


👉वो क्या ?

👉 *कौवा गिरी नहीं किया!*


*सूने*:


✍️तो तब दाऊद को पता चला!


👉तलवार चलाना बड़ी बात नहीं होती!

👉भला चलाना बड़ी बात नहीं होती!

👉गोफन चलाना बड़ी बात नहीं होती!


👉 *पर कौवा नहीं होना चाहिए!*


*अगर मेरी भाषा आपको समझ आ रही है तो कौवा गिरी का मतलब  जाइएगा!*


*ध्यान दें*:- 


⭐ *अभी जो मुझे सून रहे हैं!*


✍️आप बहुत famous (प्रसिद्ध) है!

👉पर आपके जीवन में कहीं ना कहीं तो कौवा नहीं चल रही!


✍️आप बहुत बड़े gospel singer है National internationa ,पर कौवा गिरी का क्या!


👉तुम पैसे के लालच में चल रहे हो!


👉तुम घमंड में चल रहे हो!


👉तुम खुद को famous करने में चल रहे हो!


👉खुद की इच्छा पूरी कर रहे हो! 

👉इसको कहते हैं कौवा गिरी!


👉तुम जीरो थे !

👉तुमे परमेश्वर ने‌कहा से उठाकर कहा पहोंच दिया!


👉पर तुमारी कौवा गिरी अभी भी चल रही है!


इस पर और बात करेंगे...

कबूतर गिरी पर भी बात करेगे...


*God bless you*

कौवा गिरी , कबूतर गिरी ( हिंदी )

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*एक है कौवा गिरी*

*एक है कबूतर गिरी*


👉 *उस कबूतरी को अपने पैर टेकने के लिये कोई आधार न मिला, तो वह उसके पास जहाज में लौट आई: क्योंकि सारी पृथ्वी के ऊपर जल ही जल छाया था* तब उसने हाथ बढ़ाकर उसे अपने पास जहाज में ले लिया।

(उत्पत्ति 8:9)


✍️इसे कहते हैं कबूतर गिरी!


👉कबूतर शुद्ध पक्षी में आता है!

👉कौवा अशुद्ध पक्षी में आता है!


👉आज ये दोनों चर्च में पाए जाते हैं!


*सूने*:-


👉उस कबूतरी को अपने पैर *टेकने के लिये कोई आधार न मिला, तो वह उसके पास जहाज में लौट आई:*


✍️आपको बाहर तकलीफ है! 

👉आप लौट आइए प्रभु के पास में!


✍️आपको लगता है ये नजारा अच्छा नहीं है!


*मतलव*:-

✍️आप function में गए!

👉किसी शादी मे गए! 

👉किसी जन्म दिन की पार्ट में गए!

 👉किसी की मंगनी में गए!


👉वहां दारु चल रहा था!

👉बियर चल रहा था!

👉सिगरेट चल रहा था!


👉DJ चल रहा था, लीला, शीला,मूनी बदनाम!

👉ये सब गलत काम चल रहा था!


*सूने*:-

✍️और आप एक विश्वासी है!


👉आपको पता चला ये मेरी जगहा नहीं लौट कर घर चले जाना था!


👉पर आपने वहां कौवा गिरी दिखा दी!


*कैसे ?*


👉कहते हैं मैंने एक बियर का गिलास पी लिया!

👉एक दारु का पेग पी लिया!


👉पूराना दोस्त मिल गया था!


👉मैं वहां पर फंस गया था!


👉मैं क्या करूं ब्रांडी पी ली मैने  ठंड बहुत थी वहां पर!


⭐ *परमेश्वर कहता है!*


✍️ *तुम तो कौवा गिरी पर आ गए!*


*सूने*:-


*मैं आपको एक और बात बतादू*


⭐ *बहुत मौके मिले थे आपको वहां से निकलने के!*


✍️लेकिन आपने कौवा गिरी दिखाई दी!


*सूने*:-

⭐ *पर उस कबूतरी का क्या ?*

👉जो वापस आ गई!

👉और कई लोग घर चले भी जाते है!


✍️कुछ कहते हैं Pastor जी हम चलेंगे थे वहां पर!

👉पर जैसे ही पता चला ये गलत है हम तुरंत वहां से निकल आए!


👉ये हे कबूतर गिरी!


*एक है कौवा गिरी*

*एक है कबूतर गिरी*


✍️इन दो पक्षीयो में से आपका स्थान कौन सा है!


*जरा सोचिए...


✍️परमेश्वर का आत्मा आप से बात कर रहा है!


👉अगर कोई बहन!

👉कोई भाई!

👉कोई बुजुर्ग!

👉कोई जवान ,मुझे सून रहा है!


👉 *आपको कई मौके मिले थे कबूतर गिरी दिखाने के!*

👉आपने क्या किया आप वहां पर टिके या जहाज में वापस लौट गए!


*सूने*:-


✍️ *बहुतो को कौवा गिरी दिखाने का मौका मिला!*


👉तुम कबूतर गिरी दिखा सकते थे!

👉वहां से निकल सकते थे!

(वहां से जा सकते थे)


👉पर तुम ने कौवा गिरी दिखा दी!


✍️ कहां कहां कौवा गिरी दिखाई!


*उदाहरण*:-

✍️गहेजी एलीशा का नौकर! 

👉जिसको मौका था एलीश का दान लेने का!

👉पर एक झटके में कौवा गिरी दिखा दी!

(कौवा बन गया)


👉पैसे के लालच के चक्कर में इस व्यक्ति ने एलिशा तक को धोखा दे दिया!


*इसका मतलव क्या है पता है ?*


👉वो बन सकता था कबूतर!

👉पर बन गया कौवा!


👉पर सन्तोष सहित भक्ति बड़ी लाभ है। क्योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं। 

और यदि हमारे पास खाने और पहनने को हो, तो इन्हीं पर सन्तोष करना चाहिए। पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुत सी व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फँसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं *और विनाश के समुद्र में डुबा देती हैं।*

(1 तीमुथियुस 6:6-9)


*उदाहरण*:-

✍️यहूदा तीस चांदी के सिक्कों के लालच में आकर!

👉कौवा गिरी दिखाई और यीशु को बेच दिया!


*उदाहरण*:-

✍️याकूब का बड़ा भाई ऐसाऊ ने मंसूर की दाल के लालच में आकर अपना पद बेच दिया!


👉बाईबल बताती पछताने के बाद भी उसे वो पद नहीं मिला!

👉इस ने कौवा गिरी दिखा दी!


*सूने*:-


*उदाहरण*:-

👉पहली सदी के हनय्याह सफीरा कौवा गिरी दिखा दी!


*सूने*:-


✍️वैसे आज भी  ऐसे बहुत है 


👉पाप करने का मौका मिलता है!

👉पाप कर बैठते!


*सूने*:-


✍️मैं आज आप सब को सावधान करना चाहता हूं यीशु 

मसीह के नाम में!


👉फिर ऐसा हुआ कि चालीस दिन के पश्चात् नूह ने अपने बनाए हुए जहाज की खिड़की को खोलकर, *एक कौआ उड़ा दिया: जब तक जल पृथ्वी पर से सूख न गया, तब तक कौआ इधर-उधर फिरता रहा*।

(उत्पत्ति 8:6-7)


*मेरा प्रश्न है:-*


*जब पानी घट गया होगा ये कौवा कहा बैठा होगा ?*


*जबाव है:-

✍️मैं आपको बताता हूं!

👉ये बैठा होगी  गंदगी पर!

👉क्या खाया होगा ,गंदगी!


✍️ये लौट कर नहीं आया ये समशिया तो है!


👉इसका रहन सहन कहा बन गया!

👉गंदगी के पास!

👉खाया क्या होगा ,गंदगी!


*उदाहरण*:-


✍️उठाऊ पुत्र पता आपको!

👉जब असली बाप से हट गया!

(निकल गया)


👉तो उसे मिला संसारिक, duplicate ,नाश करने वाला  बाप!


👉किसी के यहां सूअर चराने की नौकरी मिला!


👉क्या खाने की चह कर रहा था!

👉गंदगी! 


👉जो सूअर खाते है गंदगी!


*सूने*:-


✍️जब आप आपने बाप से निकल जाते हो ना!


👉 *बाप बदल गया, खाना बदल गया!*


👉 *आप अपना बाप अच्छा लाओ!*

*तो खाना अच्छा हो जाएगा!*


👉परमेश्वर आप से बात कर रहा!


✍️आपका पैसे के क्षेत्र में कैसा रवैया हैं!

👉कौवा गिरी!


✍️संसार में कैसे हैं!

👉कौवा गिरी!


✍️घर में कैसे हैं!

👉कौवा गिरी!


✍️परिवार में कैसे हैं!

👉कौवा गिरी!


✍️चर्च में कैसे हैं!

👉कौवा गिरी!


✍️आज परमेश्वर आपसे बात कर रहा है!


*God bless you*

Monday, 23 May 2022

किन चीजों के लिए उपवास नहीं करना है

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*किन चीजों के लिए उपवास नहीं करना है*


⭐ (1) *पवित्र आत्मा पाने के लिए:-*


✍️ *वो(पवित्र आत्मा) आपको मिल चूका है!*


👉और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, *और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी।*

(इफिसियों 1:13)


✍️ *Favorite Pastor कहे उपवास करें आपको पवित्र आत्मा के लिए जद्दोजहद करनी (भगति करनी) पड़ेगी!*


✍️नहीं करना!


👉और मैं पिता से विनती करूँगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे।

(यूहन्ना 14:16)


👉“मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा।

(यूहन्ना 16:12-13)


✍️यीशु ने कहा मैं दूंगा!


👉और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, *और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी।*

(इफिसियों 1:13)


✍️पवित्र आत्मा आपके अन्दर है!


⭐ *दान वरदानों के लिए उपवास नहीं करना है:-*

✍️ पवित्र आत्मा खुद तत्ह करेगा!


👉परन्तु ये सब प्रभावशाली कार्य वही एक आत्मा करवाता है, और जिसे जो चाहता है वह बाँट देता है।

(1 कुरिन्थियों 12:11)


✍️ किस को क्या देना है वो सब!

✍️ विश्वासी तत्ह नहीं करेगा!

👉जिसे वो (पवित्र आत्मा) चाहता है बांट देता है!


*सूने*:-


✍️ *क्या दान सब को मिलता है*

क्योंकि एक को आत्मा के द्वारा बुद्धि की बातें दी जाती हैं; और दूसरे को उसी आत्मा के अनुसार ज्ञान की बातें।

(1 कुरिन्थियों 12:8)

✍️ कुछ को!

✍️सबको नहीं!


*सूने*:-

✍️एक Ministry सब की है:-

👉उतर:- सुसमाचार सूनाना!

👉सब के लिए है!


✍️पर दान कलिसिया को मजबूत करने लिए दान देता है!


👉सब को नहीं ,ये पवित्र आत्मा तत्ह करेगा!


⭐ (2) *किसी के जैसा बनने के लिए उपवास नहीं करना है!*


✍️ Favorite pastor की नकल नहीं करनी है!


👉हमरा model यीशु मसीह है!


⭐(3) *श्राप तोड़ने के लिए उपवास नहीं करना है*


✍️ क्यों!


👉इसलिए यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं।

(2 कुरिन्थियों 5:17)


✍️कुछ कहते पूर्वजों के माता-पिता के श्राप है!


✍️ये मूर्खता है!


👉कुछ कहते पाप कागज पर लिखो फिर आग में जला दे!


👉कुछ कहते हैं उल्टी करगे तो श्राप टुट्टेगे!


*सूने*:-

👉और विधियों का वह लेख और सहायक नियम जो हमारे नाम पर और हमारे विरोध में था मिटा डाला; और उसे क्रूस पर कीलों से जड़कर सामने से हटा दिया है।

(कुलुस्सियों 2:14)


✍️ फिर यीशु को सलीब पर मरने की क्या जरूरत थी!


✍️ सब श्राप मिटा डाला कैसे ?


✍️वो श्राप तभी मिट गया!


✍️ हमें विश्वास करना है ,अब आप श्राप में नहीं है!


⭐(4) *अन्य भाषा पाने के लिए उपवास नहीं करना है*


✍️ *यहां दो भाषा है!*


👉पहली:- बाईबल में Glossa कहते हैं!

👉 *Glossa मतलव:-*

Language (भाषाएं)


👉 दूसरी Gibberish:-

👉बाईबल की नहीं बाहर की!


✍️आज कल की भाषा Gibberish जिस का कोई मतलव नहीं!


✍️ *Glossa (Language) ये दान सब को नहीं मिलता!*


👉पतरस को मिला!


👉कुरन्थियो की कलिसिया को मिला!


👉क्या सब को चंगा करने का वरदान मिला है? क्या सब नाना प्रकार की भाषा बोलते हैं?

(1 कुरिन्थियों 12:30)


*सूने*:-


✍️ उस समें ज्ञान नहीं था!


👉 Mobile phone नहीं थे!

👉Goggle नही  था!

👉School college नही थे!

👉भाषाओं का अनूवाद नहीं था!


*जरा सोचें:-*


✍️आज की भाषा में और जो बाईबल बात करती है उस भाषा में कितना फर्क है!


*सूने*:-


👉क्या सब को चंगा करने का वरदान मिला है? क्या सब नाना प्रकार की भाषा बोलते हैं?

(1 कुरिन्थियों 12:30)


✍️सब को नहीं ? तो ये पवित्र आत्मा तत्य करेगा!


👉तो पवित्र आत्मा तत्य करेगा ये वरदान देना है या नही!


👉आज ये वरदान देना है या नही!


*सूने*:-


✍️आज ज्ञान है!

👉mobile phone है!

👉Google है!

👉 School, college है!

👉भाषाओं का अनूवाद है!


*सूने*:-


✍️ *चेलों को इस वरदान की बहुत जरूरत थी!*


👉 *क्यों ?*


👉इसलिए तुम जाकर *सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ*; और उन्हें पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो,

(मत्ती 28:19)


👉 *और यरूशलेम से लेकर सब जातियों में मन फिराव का और पापों की क्षमा का प्रचार, उसी के नाम से किया जाएगा।*

(लूका 24:47)


*सूने*:-


✍️ *चेलों ने हर जाति में सुसमाचार लेकर जाना था!*


👉 *पर प्रभु को मालूम था जातियों में जाना है तो  चेलों के लिए  समशिया है भाषा की* 


👉 *इस लिए परमेश्वर ने अन्य भाषा का वरदान दिया!*


*सूने*:-


*इन वचनों को ध्यान से पढ़ें*


👉परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होंगे।”

(प्रेरितों के काम 1:8)


👉और वे सब पवित्र आत्मा से भर गए, और जिस प्रकार आत्मा ने उन्हें बोलने की सामर्थ्य दी, वे अन्य-अन्य भाषा बोलने लगे। और आकाश के नीचे की हर एक जाति में से भक्त-यहूदी यरूशलेम में रहते थे। जब वह शब्द सुनाई दिया, तो भीड़ लग गई और लोग घबरा गए, क्योंकि हर एक को यही सुनाई देता था, कि ये मेरी ही भाषा में बोल रहे हैं। और वे सब चकित और अचम्भित होकर कहने लगे, “देखो, ये जो बोल रहे हैं क्या सब गलीली नहीं? तो फिर क्यों हम में से; हर एक अपनी-अपनी जन्म-भूमि की भाषा सुनता है?

(प्रेरितों के काम 2:4-8)

👉हम जो पारथी, मेदी, एलाम लोग, मेसोपोटामिया, यहूदिया, कप्पदूकिया, पुन्तुस और आसिया, और फ्रूगिया और पंफूलिया और मिस्र और लीबिया देश जो कुरेने के आस-पास है, इन सब देशों के रहनेवाले और रोमी प्रवासी, अर्थात् क्या यहूदी, और क्या यहूदी मत धारण करनेवाले, क्रेती और अरबी भी हैं, परन्तु *अपनी-अपनी भाषा में उनसे परमेश्वर के बड़े-बड़े कामों की चर्चा सुनते हैं।” और वे सब चकित हुए,* और घबराकर एक दूसरे से कहने लगे, “यह क्या हो रहा है?”

(प्रेरितों के काम 2:9-12)

 

✍️वो चकित हूए और इसका परिणाम क्या हुआ तीन हजार का उद्धार हुआ!


*उदाहरण*:-


✍️ *थोमा  भारत (साऊथ) आया उसे साऊथ की भाषा नहीं आती थी!,*


👉पर उसके पास अन्य भाषा का वरदान था!

👉वो साऊथ की भाषा सूना रहा था!


*God bless you*

Thursday, 19 May 2022

आरोग्याची वचने (मराठी)

 आरोग्याची वचने


                      याकोब 1:17 

प्रत्येक उत्तम देणगी व प्रत्येक पूर्ण दान वरून आहे; ज्याला विकार नाही व जो फिरण्याने छायेत जात नाही अशा ज्योतिमंडळाच्या पित्यापासून ते उतरते.


                   याकोब 5:15 

विश्वासाची प्रार्थना दुखणाइताला वाचवील आणि प्रभू त्याला उठवील आणि त्याने पापे केली असतील तर त्याला क्षमा होईल.


                    याकोब 5:16 

तेव्हा तुम्ही निरोगी व्हावे म्हणून आपली पातके एकमेकांजवळ कबूल करून एकमेकांसाठी प्रार्थना करा. नीतिमानाची प्रार्थना कार्य करण्यात फार प्रबळ असते.


                    निर्गम 23:25 

तू आपला देव परमेश्वर ह्याची सेवा करावीस म्हणजे तो तुझ्या अन्नपाण्यास बरकत देईल; मी तुझ्यामधून रोगराई दूर करीन.



               स्तोत्रसंहिता 91:5‭-‬6 

रात्रीच्या समयीचे भय, दिवसा सुटणारा बाण, काळोखात फिरणारी मरी, भर दुपारी नाश करणारी पटकी, ह्यांची तुला भीती वाटणार नाही. तुझ्या बाजूस सहस्रावधी पडले, तुझ्या उजव्या हातास लक्षावधी पडले, तरी ती तुला भिडणार नाही;



              स्तोत्रसंहिता 91:10 

म्हणून कोणतेही अरिष्ट तुझ्यावर येणार नाही, कोणतीही व्याधी तुझ्या तंबूजवळ येणार नाही.


                  

             स्तोत्रसंहिता 107:20 

तो आपले वचन पाठवून त्यांना बरे करतो, नाशापासून त्यांचा बचाव करतो.



                     मत्तय 8:17 

“त्याने स्वत: आमचे विकार घेतले आणि आमचे रोग वाहिले,”



                  1 करिंथ 3:16‭-‬17 

तुम्ही देवाचे मंदिर आहात आणि तुमच्यामध्ये देवाचा आत्मा वास करतो हे तुम्हांला ठाऊक नाही काय? जर कोणी देवाच्या मंदिराचा नाश करतो तर देव त्याचा नाश करील; कारण देवाचे मंदिर पवित्र आहे, तेच तुम्ही आहात.



                     1 पेत्र 2:24 

‘त्याने स्वतः तुमची आमची पापे’ स्वदेही ‘वाहून’ खांबावर ‘नेली’, ह्यासाठी की, आपण पापाला मेलेले होऊन सदाचरणासाठी जगावे. त्याला बसलेल्या ‘माराने तुम्ही निरोगी झाला आहात.’


                    मत्तय 10:1 

तेव्हा त्याने आपल्या बारा शिष्यांना जवळ बोलावून त्यांना अशुद्ध आत्म्यांवर सत्ता देऊन ते काढून टाकण्याचा व सर्व विकार व सर्व दुखणी बरी करण्याचा अधिकार दिला.


                        मत्तय 10:8 

रोग्यांना बरे करा, मेलेल्यांना उठवा, कुष्ठरोग्यांना शुद्ध करा, भुते काढा. तुम्हांला फुकट मिळाले, फुकट द्या.


                   यशया 53:4 

खरोखर आमचे व्याधी त्याने आपल्यावर घेतले, आमचे क्लेश त्याने वाहिले; तरी त्याला ताडन केलेले, देवाने त्याच्यावर प्रहार केलेले व त्याला पिडलेले असे आम्ही त्याला लेखले.


                   यशया 53:5 

खरे पाहिले असता तो आमच्या अपराधांमुळे घायाळ झाला, आमच्या दुष्कर्मांमुळे ठेचला गेला; आम्हांला शांती देणारी अशी शिक्षा त्याला झाली; त्याला बसलेल्या फटक्यांनी आम्हांला आरोग्य प्राप्त झाले.


                        यशया 54:17 

तुझ्यावर चालवण्यासाठी घडलेले कोणतेही हत्यार तुझ्यावर चालणार नाही; तुझ्यावर आरोप ठेवणार्‍या सर्व जिव्हांना तू दोषी ठरवशील. परमेश्वराच्या सेवकांचे हेच वतन आहे, हीच माझ्याकडून मिळालेली त्यांची नीतिमत्ता आहे, असे परमेश्वर म्हणतो.”


                      निर्गम 15:26 

“तू आपला देव परमेश्वर ह्याचे वचन मनापासून ऐकशील आणि त्याच्या दृष्टीने जे नीट ते करशील, त्याच्या आज्ञांकडे कान देशील आणि त्याचे सर्व विधी पाळशील, तर मिसरी लोकांवर जे रोग मी पाठवले त्यांपैकी एकही तुझ्यावर पाठवणार नाही; कारण मी तुला रोगमुक्त करणारा परमेश्वर आहे.


                       यिर्मया 30:17 

मी तर तुला आरोग्य देईन व तुझ्या जखमा बर्‍या करीन, असे परमेश्वर म्हणतो; कारण त्यांनी म्हटले आहे की, ‘हिला टाकून दिले आहे; ही सीयोन! हिला कोणी विचारत नाही.’


                   गलतीकरांस पत्र 5:24 

जे ख्रिस्त येशूचे आहेत त्यांनी विकार व वासना ह्यांच्यासह देहस्वभाव वधस्तंभावर खिळला आहे.


                    रोमकरांस पत्र 8:11 

ज्याने येशूला मेलेल्यांतून उठवले, त्याचा आत्मा जर तुमच्यामध्ये वसती करतो, तर ज्याने ख्रिस्त येशूला मेलेल्यांतून उठवले तो तुमच्यामध्ये वसती करणार्‍या आपल्या आत्म्याने तुमची मर्त्य शरीरेही जिवंत करील.


                   स्तोत्रसंहिता 23:4 

मृत्युच्छायेच्या दरीतूनही मी जात असलो तरी कसल्याही अरिष्टाला भिणार नाही, कारण तू माझ्याबरोबर आहेस; तुझी आकडी व तुझी काठी मला धीर देतात.


                    मत्तय 4:16 

अंधकारात बसलेल्यांवर प्रकाशाचा उदय झाला आहे आणि मृत्यूच्या प्रदेशात व छायेत बसलेल्यांवर ज्योती उगवली आहे.”


                 स्तोत्रसंहिता 147:3 

भग्नहृदयी जनांना तो बरे करतो; तो त्यांच्या जखमांना पट्ट्या बांधतो.


                     मलाखी 4:2 

पण तुम्ही जे माझ्या नावाचे भय धरणारे त्या तुमच्यावर न्याय्यत्वाचा सूर्य उदय पावेल, त्याच्या पंखांच्या ठायी आरोग्य असेल; तुम्ही गोठ्यातल्या वत्सांप्रमाणे बाहेर पडून बागडाल.


               फिलिप्पैकरांस पत्र 4:13 

मला जो सामर्थ्य देतो त्या ख्रिस्ताकडून मी सर्वकाही करण्यास शक्तिमान आहे.


                स्तोत्रसंहिता 16:10 

कारण तू माझा जीव अधोलोकात राहू देणार नाहीस; तू आपल्या भक्तास कुजण्याचा अनुभव येऊ देणार नाहीस;


                      1 करिंथ 10:13 

मनुष्याला सहन करता येत नाही अशी परीक्षा तुमच्यावर गुदरली नाही; आणि देव विश्वसनीय आहे, तो तुमची परीक्षा तुमच्या शक्तीपलीकडे होऊ देणार नाही, तर परीक्षेबरोबर तिच्यातून निभावण्याचा उपायही करील, ह्यासाठी की, तुम्ही ती सहन करण्यास समर्थ व्हावे.



                     अनुवाद 30:19 

आकाश व पृथ्वी ह्यांना तुझ्याविरुद्ध साक्षीला ठेवून मी आज सांगतो की, जीवन व मरण आणि आशीर्वाद व शाप मी तुझ्यापुढे ठेवले आहेत; म्हणून तू जीवन निवडून घे म्हणजे तू व तुझी संतती जिवंत राहील.


                  नीतिसूत्रे 18:21 

जिव्हेच्या हाती मृत्यू व जीवन ही आहेत; तिची आवड धरणारे तिचे फळ भोगतात.


                स्तोत्रसंहिता 103:3 

तो तुझ्या सर्व दुष्कर्मांची क्षमा करतो; तो तुझे सर्व रोग बरे करतो;


                  स्तोत्रसंहिता 30:2 

हे परमेश्वरा, माझ्या देवा, मी तुझा धावा केला आणि तू मला रोगमुक्त केलेस.





Monday, 16 May 2022

तारण जक्कय पूर्ण समर्पण DT 1 (मराठी )

 DT दुसरा विषय

Christian lifestyle

( ख्रिस्ती जीवन शैली )



★ परमेश्वराला पूर्ण समजून घेतल्यानंतर आपले ख्रिस्ती जीवन बदलले पाहिजे


            गलतीकरांस पत्र 4:9   


पण आता तुम्ही देवाला ओळखता, किंबहुना देवाने तुमची ओळख करून घेतली आहे; तर मग दुर्बळ व निःसत्त्व अशा प्राथमिक शिक्षणाकडे पुन्हा कसे वळता? त्याचे गुलाम पुन्हा नव्याने होण्याची इच्छा कशी करता?




 ★ ख्रिस्ती जीवन चालू होते एकाच गोष्टी नंतर , ते आहे तारण (Salvation )



1) याचा अर्थ असा आहे परमेश्वराला पूर्ण जाणून घेतल्यानंतर , आपले ख्रिस्ती जीवन चालू होते , एका गोष्टी नंतर


2) आपण परमेश्वराला ओळखले आहे , परंतु तारण झाले नाही , तर परमेश्वराला जाणून फायदा काय ?


3) कसे चालू होते ख्रिस्ती जीवन ? एकाच गोष्टी नंतर , त्याला म्हणतात तारण


4) हा असा विषय आहे , मी असा समजतो की , याच्याशिवाय आम्हाला येशू भेटत नाही , त्याच्याशिवाय तुम्ही अलौकिक दुनिया मध्ये प्रवेश करू शकत नाही , याच्याशिवाय परमेश्वराला पिता म्हणण्याचा आणि परमेश्वराने आपल्याला मुले-मुली म्हणण्याचा अधिकार भेटत नाही


5) आणि याच्याशिवाय पवित्र आत्मा आमच्या जीवनात येत नाही , या तारणा शिवाय आम्हाला येशू मिळत नाही आणि पिताचा अधिकार भेटत नाही


6) पवित्र आत्मा भेटत नाही , काहीच भेटत नाही , काय अद्भुत गोष्ट आहे , याचा अर्थ हा आहे , परमेश्वराला जाणून घेतले , परंतु तारणाशिवाय आपण स्वर्गा मध्ये जाऊ शकत नाही


◆  ख्रिस्ती जीवन शैली मध्ये पहिला विषय आहे तारण ( Salvation )



★ तारणाचा विषय :-

चार Subject मध्ये चालणार



1) खरे तारण ( पूर्ण समर्पण )

2) तारणाने काय-काय प्राप्त होते

3) काय आपण तारण गमवू शकतो का ?

4) आपल्या तारणाचा उद्देश समजने



★ परमेश्वराने या पृथ्वीला दिलेले खूबसूरत दान म्हणजे तारण (Salvation ) - - (2)



1) पूर्ण पृथ्वीच्या चित्रामध्ये, जाती-जाती चे लोक आहे ,त्यामध्ये आफ्रिकन ,चायनीज , इंडियन असे करता करता , पूर्ण कंट्रीची , आपल्या सगळ्यांना , राष्ट्रला , जातीला , भाषाला , ज्याला 

प्रकटीकरण 7:9  , मत्तय 28:18,20 यीशूचे , परमेश्वराचे, पूर्ण जाती आणि पूर्ण जगाच्या लोकांना तारण द्यायचे आहे ,


2) त्याकारणाने मी ठेवले आहे या पृथ्वीला दिलेले खूबसुरत दान म्हणजे तारण ( उद्धार) - - (2)



             इफिसकरांस पत्र 2:8 


कारण कृपेनेच विश्वासाच्या द्वारे तुमचे तारण झालेले आहे आणि हे तुमच्या हातून झाले असे नाही, तर हे देवाचे दान आहे;




हे परमेश्वराचे खूबसूरत दान आहे ,



★ खरे तारण ( उद्धार )- (पूर्ण समर्पण) :-



1) एक व्यक्ती आहे  , जो आपल्याला खरे तारण समजावुन देऊ शकतो , ती कोण व्यक्ती आहे ? गेस करा , कोणी सांगू शकता ?


2) या व्यक्तीचा परिचय आपल्या समोर ठेवत आहे , या व्यक्तीने मला खूप इम्प्रेस केले आहे , असे-असे गुण मिळाले आहे , आपल्या समोर ठेवत आहे , आणि ती व्यक्ती आहे जक्कय - - (2)


3) एक असा व्यक्ती त्याचे नाव आहे जक्कय , या व्यक्तीला एकाच व्यक्तीने नोट केले आहे , आणि तो आहे लुक , जो हुद्द्याने ने डॉक्टर आहे


4) जक्कय याचा अर्थ आहे , खरे तारण दुसरा पूर्ण समर्पण , ज्याने आपले पूर्ण जीवन एकाच झटक्या मध्ये , येशूला देऊन टाकले



★  या व्यक्तीची पूर्ण डिटेल (Information) नाही बायबलमध्ये :-



1) दुसर्‍या शब्दांमध्ये हा कुठला आहे ? याचे गाव कोणते आहे ? याची पार्श्वभूमी काय आहे ? हे काहीच नाही


2) हे लिहिले आहे कि , हा टॅक्स कलेक्टर आहे , (जकातदार ) आपल्या जमान्यात तो श्रीमंत (रिच) व्यक्ती आहे



3) जक्कय या व्यक्तीपासून आज आपण शिकणार आहोत आणि ते आहे , पूर्ण समर्पण - - (2)


4) Salvation स्वतः पण या शब्दा समोर झुकणार कारण आपण पूर्ण समर्पण केले आहे , तर आपले पूर्ण साल्वेशन आहे


5) या व्यक्ती पासून आपण शिकणार आहोत , खरे समर्पण काय आहे ? हे आज आपण शिकणार आहोत


6) त्या व्यक्तीची पूर्ण डिटेल नाही बायबलमध्ये , परंतु जेवढे ही लिहिले आहे , तेवढे काफी आहे समजण्यासाठी , कि खरे तारण काय आहे ?



                   लूक 19:1‭-‬2 


त्याने यरीहोत प्रवेश केला व त्यातून तो पुढे जात होता. तेव्हा पाहा, जक्कय नावाचा कोणीएक मनुष्य होता, तो मुख्य जकातदार असून श्रीमंत होता.



★ या व्यक्ती जवळ कोणतीही समस्या नव्हती , आपल्या जीवना बाबत



★ तो आजारी नव्हता , तो गरीब नव्हता , कोणतीही समस्या रेकॉर्ड केलेली नव्हती , कि तो येशूच्या मागे पळू शकतो



1) येशूच्या 3.1/2 वर्षाच्या मिनिष्ट्री मध्ये , नेहमी हे पाहिले जाते कि येशूच्या मागे पळणारे एकतर आजारी , एक तर कुष्ठ रोगी , एक तर अपंग , एक तर आंधळे , लंगडे , लुळे , मुलगा मेला आहे  , मुलगी मेली आहे


2) अन्न नाही , अन्न खायला द्या , जंगल आहे , पाण्यामध्ये डूबत आहे , पाण्यामधून वाचवा , दुष्ट आत्मा लागला आहे , दुष्ट आत्मा काढा


3) हे येशूच्या 3.1/2 वर्षाच्या मिनिष्ट्रीत 4 पुस्तकात रेकॉर्ड केले आहे 


4) परंतु एक कॅरेक्टर , ज्याचे नाव आहे जक्कय , येशूच्या मागे का धावत आहेत ?



                    लूक 19:3 


येशू कोण आहे हे पाहण्याचा तो प्रयत्न करत होता पण गर्दीमुळे त्याचे काही चालेना, कारण तो ठेंगणा होता.




★ त्याच्या मनात एक गोष्ट आली होती  , येशूला पाहण्याची

★ आणि अलौकिक योजना होती परमेश्वरा कडून



1) पाहण्याची गोष्ट कोण टाकतो ? परमेश्वर .हे कन्व्हेक्ट कोण करतो ? परमेश्वर , मी येशूला जाणू शकेल , खऱ्या परमेश्वराला जाणू शकेल , कोण कन्व्हेक्ट करतो ? परमेश्वर


2) परमेश्वर म्हणतो , मी जगावर प्रेम केले आहे , तुम्ही नाही , योहान 15:16 सांगते , तुम्ही नाही निवडले तर मी तुम्हाला निवडले आहे , परमेश्वर आपल्या डोळ्याने स्पॉट करतो , अच्छा ही व्यक्ती आहे , अच्छा ती व्यक्ती आहे , याप्रमाणे परमेश्वराने जक्कय ला स्पॉट केले


3) मी परत सांगतो , या व्यक्तीला आजार नव्हता , गरीब नव्हता , कोणत्याही प्रकारची समस्या  नव्हती , परंतु फक्त त्याच्या मनात एक आले , मला येशूला पहायचे आहे , आणि परमेश्वराने त्याला पकडले


4) वर बसलेल्या परमेश्वराने तुमच्यासाठी, माझ्यासाठी , आपल्या सर्वांसाठी एक अद्भुत योजना बनवली आहे आणि ते आहे (साल्वेशन) तारण


5) ज्याला परमेश्वर पहात असतो , ज्याला  आपल्या मनामध्ये , हृदया मध्ये परमेश्वराला जाणून घेण्याची इच्छा , तडफ आली , जरा सी पण परमेश्वराला जाणून घेण्याची इच्छा प्रकट झाली , तर परमेश्वर त्याला कॅच करतो , परमेश्वर त्याला पकडतो 


6) आपण पाहू शकता , जक्कय उंबराच्या झाडावर बसला आहे , येशू ख्रिस्ताचे तिथे जाणे , अलौकिक आहे , येशूने त्याला पहाणे अलौकिक आहे , येशुचे तिथेच थांबणे अलौकिक आहे , येशु तिथेच का थांबला , ते पण अलौकिक आहे


7) हे कोण लीड करत आहे येशूला ? हे कोण लीड करत आहे जक्कय ला ? परत सांगतो वर बसलेला परमेश्वर


8) त्याला येशुला पाहयायचे होते , येशु म्हटला , मी तिथे येणार जिथे तुला परमेश्वराने बोलवले आहे



★ तो ठेंगा (बुटका) होता :-


1) आपली जी कमजोरी आहे ना , ती परमेश्वराच्या आड कधीच आली नाही पाहिजे , जर परमेश्वराने तुम्हाला निवडले आहे , तर हे सारे गोष्टी दुःख दूर होतील जर परमेश्वराने आपल्याला वाचवले ,


 2) काही लोक म्हणतात माझे शिक्षण नाही , का पाहिजेन शिक्षण तुम्हाला ? काही लोक म्हणतात की , मी स्मार्ट नाही , का पाहिजेन परमेश्वराला तुमचे स्मार्ट दिसणे ? काही लोक म्हणतात की , माझी हाईट नाही , का पाहिजेन परमेश्वराला तुमची हाईट ?


3) त्याने काय केले जो स्मार्ट आहे , त्याने काय केले ज्याने , चांगले शिक्षण घेतले आहे , त्याने काय केले , जो दिसायला सुंदर आहे  , परमेश्वर म्हणतो , मला तू पाहीजेन माझ्या मुला , माझी मुली - -(2)


4) त्याला येशूला पाहण्याची अलौकिक योजना होती , जो वर बसलेला परमेश्वराची , परमेश्वराकडून , परमेश्वराने त्याच्या मनात टाकले होते


5) आज लाखो लोक आहे , अरब कंट्री विषयी बोलू  , तर तिथले मुस्लिम म्हणतात की , आम्ही येशूला नहीं मानणार ? वर बसलेला परमेश्वर म्हणतो , बेटा एक स्वप्न दाखवीन ना , तर तुझे गुडघा येशु समोर टेकला जाईल


6) असे लाखो व्हिडिओ युट्युब वर पडले आहे , त्यांना पाहयायचे होते दर्शन , मोहम्मद चे , त्यांना पाहायायचे जे होते दर्शन अल्लाहचे , परंतु त्यांना दर्शन मिळाले येशूचे , तर हे कोणी केले वर बसलेल्या परमेश्वराने


7) किती मौलाना जे नमाज पडण्याच्या वेळी , त्यांना दर्शन मिळाले , येशूचे . ते आपल्या कुराणमध्ये शोधतात , कुराण मधून तोरा वाचतात , तोरा तून इंजिल वाचचात , इंजिल चा अर्थ आहे 4 गोस्पेल बूक


8) त्याला वाचतात , त्यातून कळते , अरे असली वाला तो इसा मसीह आहे , इसा आली सलाम आहे , ज्याला कुरान रेकॉर्ड करती रुह अल्लाह , याचा अर्थ हा आहे , जो रुह सें जन्मला आहे , तो खुदा चा बेटा (परमेश्वराचा पुत्र) आहे


9) किती हिंदू असें आहेत , ज्यांना परमेश्वराने दर्शन दिले पंडित आहे , मौलाना आहे , साधू सुंदर सिंग आहे , गरीब आहे , श्रीमंत आहे , करोडपती , रोडपती आहे , ज्यांना परमेश्वर अलौकिक पद्धतीने स्पॉट करतो



                    लूक 19:4 


तेव्हा तो पुढे धावत जाऊन त्याला पाहण्यासाठी उंबराच्या झाडावर चढला; कारण येशूला त्या वाटेने जायचे होते.



 या व्यक्तीला येशूला पाहायचे होते ,



1) या व्यक्तीने आपली तडफ दाखवली - येशूला पाहण्याच्या तडफ ने

2) याला गर्दीतून (जमाव) दूर केले

3) कशाचा तरी सहारा घेतला ( उंबराचे झाड)

4) आणि वाट पाहत राहिला



1) तेव्हापासून त्याच्यामध्ये तडप आहे , वरून तो ठेंगा आहे , बुटका आहे ,ओके  , परंतु माझी तडफ मी नाही सोडणार काहीपण हो 

2) आणि अशा गोष्टी वर तो अनुभव घेत होता येशू ख्रिस्त 100% मनुष्य आहे आणि तो परमेश्वर पण आहे



 ★ याला गर्दीमधून , जमाव मधून दूर केले , का ?



1) कारण की जो पर्यंत जमाव मध्ये , गर्दीमध्ये रहाल ना , आम्हाला 50 आवाज येतील , जोपर्यंत गर्दीमध्ये राहील ना , आम्हाला योग्य आयडेंटी नाही भेटणार , खूप जास्त आम्ही गर्दी जमा करून घेतली आहे


2) मत्तय 5:23 मध्ये तुम्ही दोन स्वामी ची सेवा करू शकत नाही , एक तर परमेश्वराची , नाही तर पैशाची , परमेश्वराची सेवा कराल तर , पैशाची करू शकणार नाही ,  जर पैशाची सेवा कराल , तर परमेश्वराची सेवा करू शकणार नाही , परमेश्वराने खचित खचित सांगितले आहे की , एक व्यक्ती एक सोबत काम करू शकत नाही , एका नाव (होडी) मध्ये प्रवास करू शकत नाही


3) तुम्हाला पण गर्दी तुन वेगळे झालेच पाहीजेन , - -(2)


4) लुक 24:25 येशू काय म्हटला माहीत आहे , त्याने पाहिले गर्दी जमाव माझ्या मागे येत आहे , येशूने मागे वळून म्हटला , ज्याने आपल्या बापाला , आईला , भावाला , बहिणीला , बायकोला , मुलाला , स्वतःला आपला स्वतःचा वधस्तंभ उचलून घेऊन माझ्या मागे येता येत नाही , त्याला माझा शिष्य होता येणार नाही


5) आज अडचण काय आहे , माहित आहे ? जेव्हा आम्ही अविश्वासी होतो ना , आम्ही इतकी गर्दी जमा नाही केली , जितकी विश्वासी बनल्या नंतर , स्वतःवर समस्या म्हणजे आम्ही गर्दी जमा करून घेतली , पैशाची गर्दी , लालची गर्दी , पापाची गर्दी , संसाराची गर्दी , मनोरंजनची गर्दी , आणि कोण-कोणती गर्दी जमा करून घेतली , त्या कारणाने येशु दिसत नाही


6) याला पक्के माहित झाले होते की , जोपर्यंत मी गर्दीमध्ये राहील , तोपर्यंत येशु मला दिसणार नाही , माझी अडचण ही आहे की , माझी हाईट नाही , परंतु त्याला कमजोरी नाही बनू देणार , मी कारणे नाही देणार


7) असे काही करील , मी पुढे जाईल , जिथे येशू येणार होता



★ कोणाचा सहारा घेतला ? (उंबराचे झाड )


1) याने अशा व्यक्तीचा सहारा घेतला , अशा वस्तू सहारा घेतला , अशा गोष्टीचा सहारा घेतला , जिथे थांबून , तिथे चढून त्याला येशू दिसला पाहिजे


2) आज आपण कोणाचा साहरा घेतला आहे ? येशूला पाहण्यासाठी ? जर ते चर्च चांगले आहे , जरूर सहारा घ्या , जर तो युट्युब चा प्रचारक चांगला आहे , जरूर सहारा घ्या


3) या व्यक्तीने सहारा घेतला , या व्यक्तीने उंबर झाडाचा सहारा घेतला


4)  हे झाड , या झाडाला किती लोकांनी कापण्यासाठी प्रयत्न केला असेल , झाडाला हटवा , हे रस्त्याच्या मध्ये आहे , परंतु वर बसलेला परमेश्वर म्हटला या झाडाचा एक दिवस पूर्ण पूर्ण वापर होणार  , पुर्ण पूर्ण उपयोगात आणले जाईल


5) तुम्हाला , मला , आपल्या सर्वांना परमेश्वराने एका उद्देशाने झाड करून ठेवले आहे , कारण की जक्कय सारखा तुमच्यावर येईल आणि तुमच्या द्वारे येशूला पाहणार


6) काय अद्भुत या झाडाला परमेश्वराने ठेवले होते


7) या व्यक्तीला या झाडाने सहारा दिला  , कारण की आम्हा सर्वांना साहरा पाहिजे , आम्हा सर्वांना मार्गदर्शन पाहिजे , परंतु ज्या दिवसापासून येशु भेटला , तुम्हाला कोणाचीही गरज नाही , ज्या दिवशी येशू भेटला आहे , त्याच दिवसापासून येशु तुमच्या जवळ आहे


8) तुम्हाला कोणालाही प्रार्थना निवेदन देण्यासाठी भीक मागण्याची गरज नाही , माझ्यासाठी प्रार्थना करा , प्रेयर फॉर मी , तुम्हाला फक्त फक्त येशु कडे प्रार्थना करायची आहे , तुम्हाला येशू जवळ मागायचे आहे , नाही तेल , नाही रुमाल , नाही पाणी , नाही कपडा , नाही कोणत्याही प्रकारची वस्तू , तुम्हाला येशू नंतर नाही पाहिजे


★ कारण ही व्यक्ती झाडावर का चढली , कारण त्याच्याजवळ येशु नव्हता



                 1 इतिहास 28:9 


हे माझ्या पुत्रा, शलमोना, तू आपल्या पित्याच्या देवाला ओळख आणि सात्त्विक चित्ताने व मनोभावे त्याची सेवा कर; परमेश्वर सर्वांची मने पारखतो आणि त्यांत जे काही विचार व कल्पना उत्पन्न होतात त्या त्याला समजतात. तू त्याच्या भजनी लागशील तर तो तुला प्राप्त होईल, पण तू त्याला सोडलेस तर तो तुझा कायमचा त्याग करील.




★ जर कोणाच्याही मनात खऱ्या परमेश्वराला जाणून घेण्यासाठी तडफ जागी झाली वर बसलेला परमेश्वर त्याला पकडतो



                         लूक 19:5 


मग येशू त्या ठिकाणी येताच दृष्टी वर करून त्याला म्हणाला, “जक्कया, त्वरा करून खाली ये, कारण आज मला तुझ्या घरी उतरायचे आहे.”




★ परमेश्वराच्या आत्म्याने येशूला बरोबर तेथेच आणले ,

 येशूला बरोबर तेथेच आणले  , जेथे जक्कय होता



         2 इतिहास 16:9 


परमेश्वराचे नेत्र अखिल पृथ्वीचे निरीक्षण करीत असतात, जे कोणी सात्त्विक चित्ताने त्याच्याशी वागतात त्यांचे साहाय्य करण्यात तो आपले सामर्थ्य प्रकट करतो. 


1) हे लीड कोण करत आहे ? परमेश्वराचा आत्मा , मत्तय 4:4 , लुक 4:4 , परमेश्वराचा आत्मा येशू ला कुठे घेऊन गेला ? जंगल मध्ये


2) तर जक्कय बसला , त्या झाडावर ,  येशू ला कोण घेऊन गेले ? एक व्यक्तीचा आत्मा तडपत होता , एक व्यक्ती परमेश्वराला शोधत आहे , आणि येशू त्याला भेटला आणि तो येशूला भेटला


★ उतरायचे आहे :- 



1) तर जक्कय कसा होता ?  तो  सरदार होता , तो रिच होता , त्याला कोणत्याच प्रकारची अडचण , समस्या नव्हती , परंतु त्याच्या मनामध्ये असे होते कि तो परमेश्वराच्या स्पॉट मध्ये आला ,  तर येशु म्हटला , मला आज तुझ्या घरी उतरायचे आहे


2) उतरायचे आहे , असे का ? मी आणि तुम्ही काहीच करू शकत नाही , उतरायचे आहे याचा अर्थ हा आहे तू जक्कय जोपर्यंत तू आत मध्ये घेणार नाही ते होते फिजिकल (हृदय हाऊस) हे घर ,


3) तर येशु म्हणतो , मुला तू झाडावर चढला , व्हेरी गुड ,  गर्दीतून वेगळा झाला , वेरी गुड , तू स्वतःला जगापासून वेगळे केले , वेरी गुड , इथले पैशांचा मोह सोडून दिला , वेरी गुड , तुझ्यामध्ये तडप आहे , व्हेरी गुड , 



4) परंतु हे सर्व काही ठेवून मला , तुझ्या हृदया मध्ये नाही घेणार ,  फायदा काय , या तडफ चा ?  फायदा काय , त्या वेगळे होण्याचा ? फायदा काय ,  जगापासून वेगळे होण्याचा ? जर मी नाही आलो तर सर्व काही व्यर्थ (2)



5) तुम्ही त्याग चे जीवन जगत आहात चांगली गोष्ट आहे , तुम्ही पवित्र जीवन जगत आहे चांगली गोष्ट आहे , तुम्ही चोरी करत नाही चांगली गोष्ट आहे , तुम्ही कोणत्याही प्रकारचे पापामध्ये नाही चांगली गोष्ट आहे 



6) परंतु घरात येशूला आपल्या हृदया मधे नाही आणले, तर फायदा काय ? या चांगले पणाचा ,  फायदा काय , या पवित्रतेताचा ? फायदा काय , आपल्या चांगुलपणाचा ? फायदा काय , त्या तडप चा ? फायदा काय , तुम्हाला गर्दीतून वेगळे करण्याचा 



★  परमेश्वर आपली ताकद तेथे दाखवितो , जिथे ज्यांचे हृदय निष्कपट आहे



              लूक 19:6 


तेव्हा त्याने त्वरेने खाली उतरून आनंदाने त्याचे आगतस्वागत केले.



★ आता येथून जक्कयला समजले होते कि , परमेश्वराच्या आत्म्याने त्याच्यामध्ये काम करायला सुरुवात केली होती



★ येशू चा स्वीकार करणे म्हणजे , खरा पश्चाताप , येशूला हृदयात घेणे म्हणजे , पूर्ण समर्पण



1) पहा येथे येशूने परवानगी मागितली , मला तुझ्या मध्ये घरी यायचे आहे , मला तुझ्या घरी उतरायचे आहे


2) येशू चोर नाही , क्षमा करा या शब्दाचा वापर करत आहे , माहित आहे का ? कारण की चोर येतो चोरी च्या हेतूने , चोर येतो  जबरदस्ती ने , चोर येतो खिडकी मधून , चोर येतो तोडुन , 


3) परंतु येशू असा नाही , येशू सज्जन आहे , त्याला माहित आहे की , मला जर आत मध्ये यायचे आहे , कसे यायचे आहे ? तर विचारून यायचे , परवानगी घेऊन यायचे आहे



            प्रकटी 3:20 


पाहा, मी दाराशी उभा आहे व दार ठोकत आहे; जर कोणी माझी वाणी ऐकून दार उघडील, तर मी त्याच्याजवळ आत जाईन व त्याच्याबरोबर जेवीन, आणि तो माझ्याबरोबर जेवील.


1) येशु म्हणतो तुझ्या मध्ये येणे जरुरीचे आहे सर्व-सर्व योजना वर बसलेल्या परमेश्वराची आहे , खरा परमेश्वर ओळखणे हे मनुष्यच्या हातचे गोष्ट नाही


2) परमेश्वर जोपर्यंत आमचे डोळे उघडत नाही तोपर्यंत समजत नाही , आपले हृदय तोडत नाही तो पर्यंत समजत नाही , त्याची कृपा त्याने आमच्यावर प्रकट केली


3) जक्कयमुळे आपण शिकत आहोत , त्यामध्ये त्वरित लिहिले आहे , आनंदाने आगातस्वागत करून घरी नेले


4) आता इथून जक्कयला समजले होते , परमेश्वराच्या आत्म्याने त्याच्या मध्ये काम करायला सुरुवात केली होती



               लूक 19:7 


हे पाहून सर्व लोक कुरकुर करू लागले की, “पापी मनुष्याच्या घरी हा उतरायला गेला आहे.”




★ या ठिकाणी दोन गोष्टी ठेवत आहे , सर्वात प्रथम बाहेरच्या लोकांचे ,  दुसरा परमेश्वराच्या दृष्टिने



1) बाहेरचे लोक म्हणत आहे , स्वतः ख्रिस्त म्हणणारा एक पापी त्याच्या घरी कसा जाऊ शकतो ?


2) परमेश्वर म्हणतो , मी जगामध्ये पाप्यांसाठी आलो , मी या सृष्टी मध्ये पाप्यांसाठी आलो -- (2)



★ सृष्टीला परमेश्वराने आपला पुत्र पवित्र लोकांसाठी दिला नाही , सृष्टीला आपला पुत्र परमेश्वराने पाप्यांसाठी दिला आहे


 आणि पौल म्हणतो , यामध्ये सर्वात मोठा पापी मी आहे


1) आपल्याला सर्वांना माहीत आहे , इतिहास साक्षी आहे , तेव्हा पण आणि आज पण , देश-विदेश मध्ये , आपल्या सर्व साक्षी मध्ये भेटेल की ,


2) मी एका काळी चोर होतो , मी एका काळी नक्षलवादी होतो , मी दारू पिणारा होतो , मी लबाडी करणारा होतो , मी जगाच्या पापामध्ये होतो


3) अशा व्यक्तींना परमेश्वर स्पॉट करतो , निवडतो आणि त्याला आपला प्रचारक बनवतो



★ येशू जगामध्ये आला आहे पाप्यांसाठी

★ खरे तर येशू आपल्या सही घरामध्ये गेला आहे - - (2)



★  खरे घर कुठे आहे ? आपले हृदय , असली घर कुठे आहे ? एका पाप्याचं हृदय



             लूक 19:8 


तेव्हा जक्कय उभा राहून प्रभूला म्हणाला, “प्रभूजी, पाहा, मी आपले अर्धे द्रव्य दरिद्र्यांस देतो, आणि मी अन्यायाने कोणाचे काही घेतले असेल तर ते चौपट परत करतो.”


1),जक्कय उभा राहून प्रभुला म्हणाला , हे प्रभू पहा मी माझी अर्धी संपत्ती दरीद्रास देतो आणि कोणाचे अन्याय करून घेतले असेल तर त्यांना चौपटीने वापस करतो


2) तर अर्धी प्रॉपर्टी गरिबाला देणार आणि अर्धी प्रॉपर्टी ज्याचे एक घेतले असेल त्याला चार देतो तर त्याच्याजवळ राहिले किती ? झिरो


3) याला म्हणतात खरे समर्पण , येशूच्या मागे वेडा-दिवाना होऊन , आपला पैसा , आपली अर्धी प्रॉपर्टी गरिबांना देणार



★ आता इथून जक्कय बदलत आहे , येशूच्या येण्यानेच बदलाव येतो


1) जाने पूर्ण सृष्टी निर्माण केली तो जक्कयच्या घरी आहे , ज्याचा गौरवाचा दबदबा असा आहे , स्वर्गामध्ये स्वर्गदूत रात्रंदिवस पवित्र पवित्र म्हणतात , तो व्यक्ती याच्या घरी आहे , ज्याच्या सिंहासना वर ढग वीज चमकते ना , तो याच्या घरी आहे


2) जिथे प्रकाश चारी दिशेने आहे ना तो याच्या घरी आहे , ज्याने स्वर्गदूत , गॅलेक्सी , जितका पेस आहे ना , सर्व काही निर्माण करणारा , तो याच्या घरी आहे


3) विचार करून पहा घरामध्ये गौरव कसा झाला असेल ? , त्या जक्कय चे जीवन कसे झाले असेल ? आत्मिक गोष्टी आत्मिक लोक समजू शकतात


4) ही पृथ्वी ज्याचे पदासन आहे तो स्वतः बसून त्याच्या घरामध्ये बोलत आहे



★  येशुच्या येण्यानेच बदल होतो



              लूक 19:9 


येशूने त्याला म्हटले, “आज ह्या घराला तारण प्राप्त झाले आहे, कारण हाही अब्राहामाचा पुत्र आहे.



1) अब्राहामाचा पुत्र हे कनेक्शन का ? लाजर मेला अब्राहमाच्या उराशी , जे येशू मध्ये आहे अब्राहामाच्या आशीर्वादाचे हक्कदार आहे , कारण की व्यवस्था पाहणारे यहुदींना एकच भाषा समजत होती


         गलतीकरांस पत्र 3:28‭-‬29 


यहूदी व हेल्लेणी, गुलाम व स्वतंत्र, पुरुष व स्त्री, हा भेदच नाही; कारण तुम्ही सर्व जण ख्रिस्त येशूच्या ठायी एकच आहात; आणि तुम्ही जर ख्रिस्ताचे आहात तर अब्राहामाचे संतान आणि अभिवचनानुसार वारस आहात.



2) Blessing चा अर्थ आहे , अब्राहम , आशीर्वादाचा अर्थ आहे आब्रहम , परमेश्वर चा अर्थ आहे अब्राहम  , कारण की परमेश्वराने स्वतःला कोणाशी जोडले ? अब्राहाम , इसहाक व याकोब , तर ज्याचे तारण होते  , त्याची गणती अब्राहमाशी  , आज अन्य जाती ला पण अब्राहामाला जोडण्याची गरज नाही , कारण आम्ही सरळ येशू ला जोडले गेलो आहोत - - (2)



★ जक्कय ला खरे तारण मिळाले , केव्हा ? जेव्हा पूर्ण प्रकारे येशूवर निर्भय झाला  , अब्राहाम प्रमाणे ,  म्हणून त्याला अब्राहामाचा पुत्र म्हणण्यात आले


1) अब्राहम काय होता ? मी परमेश्वरावर अवलंबून आहे , आपल्या घराला सोडले , प्रॉपर्टी ला पण सोडले , आपल्या बापाचा पैशा घेतला नाही , एटीएम कार्ड घेतले नाही ,  तोटल झिरो झाला


2) एका अशा जमिनीवर चालला , ना तिथे कॉपी , ना रेस्टॉरंट , ना मॉल , ना कोणत्याही प्रकारची सुविधा , तोटल डिपेंडन , हे जक्कय ला म्हटले आहे , हा अब्रह्माचा पुत्र आहे


3) का ? जो सर्व काही त्याग करून परमेश्वराचा मागे चालायला सुरुवात करतो , त्याला म्हणतात अब्राहमचा पुत्र म्हणजे अब्राहामा सारखा



★ तेव्हा येशू म्हणतो , आता याचे तारण झाले आहे



                    लूक 19:10 


कारण मनुष्याचा पुत्र ‘हरवलेले शोधण्यास व तारण्यास आला आहे.”’




★ जक्कय प्रमाणे परमेश्वर आज पण शोधत आहे , येशूला रास्ते वाले नाही पाहिजे


1) कोणते ख्रिस्ती पाहिजे ? येशू ला घरी घेऊन जाणारे , रास्तेवाले नाही पाहिजेन , जे कधी पण बदलू शकतात  , कधी पण धोका देऊ शकतात , जे कधी पण येशू पासून वेगळे होऊ शकतात , असे ख्रिस्ती नाही पाहिजे



का ?



              लूक 13:23‭-‬24 


तेव्हा कोणीएकाने त्याला म्हटले, “प्रभूजी, तारणप्राप्ती होत असलेले लोक थोडे आहेत की काय?” तो त्यांना म्हणाला, “अरुंद दरवाजाने आत जाण्याचा नेटाने प्रयत्न करा; कारण मी तुम्हांला सांगतो, पुष्कळ लोक आत जाण्यास पाहतील, परंतु त्यांना जाता येणार नाही.




1) हा कोणता मार्ग आहे ? तारणाचा , हा कोणता मार्ग आहे ? तोटल सरेंडर चा  , हा कोणता मार्ग आहे ? पूर्ण समर्पण चा , जोपर्यंत परमेश्वराला पूर्ण समर्पण भेटणार नाही , तुमचे तारण होणार नाही


2) एका समयी जक्कय तेथे होता , तर तोच जक्कय गर्दीतुन वेगळा झाला , तोच जक्कय झाडावर चढला , तो हाच जक्कय आहे , ज्याने येशूला आपल्या घरी नेले , दुसरा जक्कय

 

★ आज आपण कोठे आहोत ?



★  येशूच्या मार्गामध्ये येशूच्या कारणाने



★ आपण जोपर्यंत येशूला घरी आणणार नाही , आपल्याला येशुचा मार्ग सापडणार नाही


1) जक्कय जोपर्यंत झाडावर आहे , तो पर्यन्त हा मार्गावर येऊ शकत नाही , जोपर्यंत जक्कय बाहेर आहे , हा मार्गावर येऊ शकत नाही , जेव्हा त्याने येशूला घरी आणले , तेव्हा त्याला मार्ग मिळाला


            मार्क 13:13 


आणि माझ्या नावामुळे सर्व लोक तुमचा द्वेष करतील, परंतु जो शेवटपर्यंत टिकाव धरून राहील तोच तारला जाईल.



           मत्तय 13:22 


काटेरी झाडांमध्ये पेरलेला तो हा आहे की, तो वचन ऐकतो, परंतु संसाराची चिंता व द्रव्याचा मोह वचनाची वाढ खुंटवतात आणि तो निष्फळ होतो.



              

       स्तोत्रसंहिता 138:2 


तुझ्या पवित्र मंदिराकडे वळून मी तुझी उपासना करीन, तुझ्या दयेमुळे व तुझ्या सत्यामुळे मी तुझ्या नावाचे उपकारस्मरण करीन; कारण तू आपल्या संपूर्ण नावांहून आपल्या वचनाची थोरवी वाढवली आहेस.




 ★ परमेश्वरापेक्षा मोठे कोण आहे ? वचन



1) वचन ला पण दाबू शकतो तुमचा पैसा , वचन ला दाबू  शकतो , तुमचे लालच ,  वचन ला दाबू टाकू शकतो , संसाराची चिंता , वचन ला दाबू शकतो संसार चे ,जगाचे पाप


             

                  1 तीमथ्य 6:10 


कारण द्रव्याचा लोभ सर्व प्रकारच्या वाइटाचे एक मूळ आहे; त्याच्या पाठीस लागून कित्येक विश्वासापासून बहकले आहेत; आणि त्यांनी स्वत:स पुष्कळशा खेदांनी भोसकून घेतले आहे.




★ एकीकडे जक्कय , दुसरीकडे तरुण



           मत्तय 19:21 


येशू त्याला म्हणाला, “पूर्ण होऊ पाहतोस तर जा, तुझे असेल-नसेल ते विकून दरिद्र्यांस दे म्हणजे तुला स्वर्गात संपत्ती मिळेल; आणि चल, माझ्यामागे ये.”




★ स्वर्गामध्ये तारण ला घेऊन दोन गोष्टी होतील



एक आहे आनंद 

दुसरा आहे राग (क्रोध)



राग का ?



          लूक 15:10 


त्याप्रमाणे, पश्‍चात्ताप करणार्‍या एका पापी माणसाबद्दल देवाच्या दूतांसमोर आनंद होतो, हे मी तुम्हांला सांगतो.”


★  एक पश्चाताप करणाऱ्या माणसाबद्दल आनंद



                इब्री 10:29 


तर ज्याने देवाच्या पुत्राला पायांखाली तुडवले, जेणेकरून तो स्वतः पवित्र झाला होता ते ‘कराराचे रक्त’ ज्याने अपवित्र मानले, आणि कृपेच्या आत्म्याचा अपमान केला तो किती अधिक कठीण दंडास पात्र ठरेल म्हणून तुम्हांला वाटते?




★ तारण चा अर्थ आहे - खरे समर्पण


★  आज परमेश्वराला आपल्याकडे पाहून राग (क्रोध) येत आहे , का आनंद होत नाही


★ पूर्ण समर्पण नाही तर परमेश्वर तुम्हाला क्रोधाने पाहत आहे - - (2)


1) म्हणतो तारण न होण्याचे नाटक करत आहे  , चर्चला जाण्याचा नाटक करत आहे , बायबल वाचण्याचे नाटक करत आहे  , दारू पीत आहे , सिगारेट पीत आहे  , शिव्या देता आहे , भांडणे करत आहे , धोका देत आहे , खोटे बोलत आहे , उलटी सुलटे व्हिडिओ पाहत आहे , पत्नी बरोबर  ठीक नाही


2) जगाबरोबर ठीक नाही , पास्टर च्या पदवी मध्ये आहे , परंतु चर्च बरोबर ठीक नाही , तुम्ही चर्च मेंबर आहे , परंतु पास्टर सोबत ठीक नाही


3) साऱ्या गोष्टीला पाहून परमेश्वर म्हणतो ,  मुला तुझे तारण झाले होते ना , मी आनंद केला होता , परंतु तुझी हरकते पाहून , मला क्रोध येत आहे


4) तुमचे पूर्ण समर्पण नाही , तर प्लीज , तुम्ही येशूला सोडून द्या , परत जगात जा , एक तर इकडे नाही तर तीकडे ,  मधले येशूला पण आवडत नाही



★ तुम्हाला तारण होण्याचा आनंद घ्यायचा आहे