Sunday, 31 July 2022

ख़तरनाक अंत! मुसा (हिंदी )

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*एक गलती और ministry खत्म*

*ख़तरनाक अंत!*


✍️एक व्यक्ति जिसका नाम है मूसा!


👉इस व्यक्ति को परमेश्वर ने अद्भुत तरीके से चलाया 6 लाख लोगों को lead करने में!


👉आप सभी इस बात को जानते है!


👉ये वो व्यक्ति था मिश्र से फिरौन के राजा के हाथ 

 से 430 साल की गुलामी से परमेश्वर ने अद्भुत तरीके से लोगों को से वहां से छुड़ाया!


👉ये वो व्यक्ति हैं जो व्यवस्था को लाया!


👉4000 साल के लगभग चला यहुदी इजराइली nation उस व्यवस्था देने के चलते!


👉परमेश्वर ने खूब इसका इस्तेमाल किया!


*सूने*:-


✍️ *लेकिन एक गलती इस पर भारी पड़ गई!*


*ध्यान दें*


👉वो चाहे मूसा हो!

👉वो चाहे अब्राहम ‌हो

👉इसहाक हो!

👉याकूब हो!

👉दाऊद हो!

👉पतरस हो!

👉इन सभी का हम आदर करते है!


👉इन सभी को परमेश्वर ने इस्तमाल किया है बाइबल के अन्दर!


*लेकिन एक और पहलू है वो भी देखना है!*


*लेकिन साथ ही साथ एक पहलु वो भी देखना है!* 


✍️इन की गलतीओ से हम क्या शिक्ष सकते हैं!


👉परन्तु ये सब बातें, जो उन पर पड़ी, दृष्टान्त की रीति पर थीं; और वे हमारी चेतावनी के लिये जो जगत के अन्तिम समय में रहते हैं लिखी गईं हैं।

(1 कुरिन्थियों 10:11)


✍️ये सारी चीजें इस लिए लिखी गई ताकि इन से कुछ शिक्ष सके!


"मेरा ये फर्ज है इस की गलती से आपको कुछ शिक्षा सकू"


✍️अगर कोई सेवक मुझे रहा है!


👉कोई Worship leader मुझे रहा है!


👉कोई Bible teacher मुझे सून रहा है!


👉अगर कोई विश्वासी मुझे सून रहा है!


👉आप सभी को ये सिखाना, समझना बहुत जरूरी है! 


👉इसके साथ में क्या ऐसी गलती हो गई!


*वो खतरनाक अंत क्या है!*

*वो खतरनाक गलती क्या है?*


⭐ *एक गलती मूसा पर भारी पड़ गई!*


✍️एक ऐसी गलती जिसकी सजा तो मिलनी ही थी!


👉वो कौन सी सजा थी!


👉आईए देखते हैं वो कौन सी गलती थी!


*ध्यान से सूने*


✍️मूसा एक ऐसा व्यक्ति जिसको ये नाम मिला था!


👉 *मैं तुझे फ़िरौन के लिये परमेश्वर सा (as god) ठहराता हूँ;*

(निर्गमन 7:1)


👉परमेश्वर ने मूसा को फिरौन के सामने परमेश्वर की तरह खड़ा किया था!


👉ताकि वो लोगों रिहा करा सके! 

(लोगों को छुड़ा सके)


👉परमेश्वर ने ऐसा दबदबा रखा ,फिरौन की हालत खराब हो गई!


👉ये वो मूसा था जिसके ऊपर 6 लाख लोगों की जिमेवारी थी,

(ताकि वो लोगों को lead करें)


👉ये वो मूसा था जिसने लाल समूद्र को पार कराया!


👉ये वो मूसा था जिसके द्वारा 10 बड़ी विपतीया मिस्र पर डालीं थी!


👉ये वो मूसा था 40 साल जंगल में इस्राइलियों की अगुवाई करी!


👉ये वो मूसा था जब ये प्रार्थना करता था तो युद्ध जीते गए !


👉ये वो मूसा था जिसके आमने सामने परमेश्वर बातें करता था!


👉ये वो मूसा था 40 साल मिश्र में!

👉40 साल ससूर के पास में!

👉फिर 40 साल जंगल में!


👉120 साल इस व्यक्ति को अद्भुत तरीके से चलाया था!


*सूने*:-


👉जब मूसा मरा तो देखो क्या लिखा है!


👉 *मूसा अपनी मृत्यु के समय एक सौ बीस वर्ष का था; परन्तु न तो उसकी आँखें धुँधली पड़ीं, और न उसका पौरूष घटा था।*

(व्यवस्थाविवरण 34:7)


✍️ना आंखें धुंधली पड़ी!

👉जैसे अब्राहम , इसहाक,याकूब की!


✍️और न उसका पौरूष घटा था।

👉 मतलब ये मजबूत था ,कोई बीमारी नहीं थी!


 *अब क्यों मरा परमेश्वर ने ?*


👉इसकी कब्र अभी तक किसी को नहीं पता, लुसिफर को भी नहीं पता!


👉एक ऐसा character था!

👉एक ऐसा‌ व्यक्ति था!


*सूने*:-


✍️इस व्यक्ति ने क्या गलती करी!


👉जब पानी नहीं था, दूसरी बार की बात कर रहा हूं!


👉क्योंकि जब पहली बार पानी नहीं था, तो चट्टान पर लकड़ी मारना सुभाविक था!


👉लेकिन जब दूबारा पानी की जरूरत पड़ी तो लकड़ी नहीं मारना था!

👉तो‌ ये था system


👉“उस लाठी को ले, और तू अपने भाई हारून समेत मण्डली को इकट्ठा करके उनके देखते उस चट्टान से बातें कर, तब वह अपना जल देगी; इस प्रकार से तू चट्टान में से उनके लिये जल निकालकर मण्डली के लोगों और उनके पशुओं को पिला।”

(गिनती 20:8)


✍️लेकिन मूसा ठीक इसके विपरित किया!


👉तब मूसा ने हाथ उठाकर लाठी चट्टान पर दो बार मारी; और उसमें से बहुत पानी फूट निकला, और मण्डली के लोग अपने पशुओं समेत पीने लगे।  


👉परन्तु मूसा और हारून से यहोवा ने कहा, “तुम ने जो मुझ पर विश्वास नहीं किया, और मुझे इस्राएलियों की दृष्टि में पवित्र नहीं ठहराया, इसलिए तुम इस मण्डली को उस देश में पहुँचाने न पाओगे जिसे मैंने उन्हें दिया है।”

(गिनती 20:11-12)


✍️इस भीड़ में सब खुश थे ,बच्चे खुश थे, जानवर खुश थे!

👉पर एक था जो खुश नहीं था!

👉वो है परमेश्वर!


👉परमेश्वर खुश नहीं था!


✍️पवित्र नहीं ठहराया!


*सूने*:-


✍️ *परमेश्वर की दिलचस्पी किस में है!*


✍️तुम क्या करते हो प्रार्थना करते हो! 

👉पानी मिठ्ठा हो जाता है!


✍️ तुम प्रार्थना करते हो!

👉बटवे में दो सो का नोट आ जाता है!


✍️ तुम प्रार्थना करते हो!

👉लोग गिर जाते हैं!


*सूने*:-


👉परमेश्वर कहता है मुझे उससे कुछ लेना देना नहीं है!


✍️ *परमेश्वर की दिलचस्पी इस में नहीं है!*


👉 *तुम ने मेरी पवित्रता को लोगों के सामने क्यों नहीं रखा!*


👉ये गलती मूसा से हूई ये गलती आप से कहीं ना हो जाए!


"इसलिए इस विषय को आपके बीच लेकर आया हूं"


"बड़े ध्यान से समझना होगा"


✍️आज मैं आप सभी से बात कर रहा हूं!


👉 क्या आपने अपनी चर्च में परमेश्वर को पवित्र ठहराया!


👉 क्या आपने अपनी worship में परमेश्वर को पवित्र ठहराया!


👉क्या आपने अपने music में परमेश्वर को पवित्र ठहराया!


👉क्या आपने अपने convention में परमेश्वर को पवित्र ठहराया!


"ये हैं परमेश्वर की दिलचस्पी"


👉परमेश्वर कहता है जब मैंने मूसा जैसे आदमी  को नहीं छोड़ा तो तुम्हें क्या छोड़ूंगा!


👉जिसको मैंने परमेश्वर सा ठहराया!


👉मतलव वो 40 साल प्रचार करता रहा, हम कनान जाएंगे, हम कनान जाएंगे, पर नहीं जा पाया!


👉इसलिए लिखा है खतरनाक अंत!


👉इस ने बहुत अच्छा काम किया पर एक ही गलती!


👉परमेश्वर को पवित्र नहीं ठहराया!


👉चट्टान को फिर से मार दिया!


*चट्टान कौन है ?*


✍️आज की तारीख में चट्टान कौन है!

👉तब की तारीख में चट्टान कौन है!

👉बाइबल क्या कहती है चट्टान कौन है!


👉और सब ने एक ही आत्मिक जल पीया, क्योंकि वे उस आत्मिक चट्टान से पीते थे, जो उनके साथ-साथ चलती थी; *और वह चट्टान मसीह था।*

(1 कुरिन्थियों 10:4)


✍️वह मसीह था


👉इसका मतलब जिस पर मूसा ने लकड़ी मारी वो कोई और नहीं था!


👉 *वो यीशु था!*


👉परमेश्वर ने कहा था तुमने चट्टान से बात करनी है!


👉उसने ने बात करने की बजाय लकड़ी मार दी!


 *ये चट्टान यीशु मसीह है तो तुम उसे दूबारा क्रुस पर नहीं मार सकते!*


"इसी को पौलुश कहता है"


👉 *क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्र को अपने लिये फिर क्रूस पर चढ़ाते हैं* और प्रगट में उस पर कलंक लगाते हैं।

(इब्रानियों 6:6)


✍️परमेश्वर कहता है मैं ये कदई बर्दाश्त नहीं करुंगा!


"एक और बात"


✍️ *क्या मूसा नहीं जानता था चट्टान कौन है ?*


👉जो चट्टान साथ चल रही है! 

👉जो चट्टान पानी दे रही है! 

👉वो परमेश्वर है!


✍️मूसा खुद प्रार्थना कर रहा है!


👉“वह चट्टान है, उसका काम खरा है; और उसकी सारी गति न्याय की है। वह सच्चा परमेश्वर है, उसमें कुटिलता नहीं, वह धर्मी और सीधा है। (रोम. 9:14) 

(व्यवस्थाविवरण 32:4)


✍️वो जानता था परमेश्वर चट्टान है!


*तो आज जो प्रचारक प्रचार कर रहे वो नहीं जानते सही क्या है गलत क्या है?*


👉तो फिर गलती कैसे कर रहे हो!


*अंत में*


"इस घटना से हम क्या सिखा सकते हैं"


 *परमेश्वर को कभी भी हल्के में कभी नहीं लेना!*


👉और मूसा ने ये ही गलती कर दी!


👉Ministry करते-करते सेवा करते-करते!

👉अरे प्रचार तो मैं चूटकी में कर देता हूं!

👉अरे गाना तो मैं चूटकी में गा देता हूं!

👉अरे चमत्कार तो मैं चूटकी में कर देता हूं!


👉 *जब परमेश्वर को हल्के में लेना शुरू कर देते हैं ,सेवा खत्म!*


👉आपको कोई भी हो देशी, विदेशी!

👉परमेश्वर सब बर्दाश्त कर सकता है!


👉ये बर्दाश्त नहीं करेगा सजा जरूर देगा!


*इसलिए सावधान रहीए*


*God bless you*

Tuesday, 26 July 2022

क्या POWERFUL सेवक बनने के लिए तपस्या करनी पडती है?

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


प्रश: *क्या POWERFUL सेवक बनने के लिए तपस्या करनी पडती है?*


✍️ *आपको किसी प्रकार का तपस्या type कुछ भी करने की जरूरत नहीं है!*


👉 *क्यों?*


👉 परन्तु ये सब प्रभावशाली कार्य वही एक आत्मा करवाता है, *और जिसे जो चाहता है वह बाँट देता है।*

(1 कुरिन्थियों 12.11)


👉 मतलब:- *ये पवित्र आत्मा तय करेगा किस को क्या दान देना है!*


👉 *लेकिन ऐसा कुछ concept (धारणा) मसीह समाज में आ गया है, खास करके सेवको के अन्दर!*


👉चाहे कोई भी country से हो!


👉वो क्या करते हैं ,आपने आप को कमरे में बंद कर लेते हैं!


👉20, 30, 40 दिन कभी-कभी तो 80 दिन भी, और जब वो बाहर निकलते हैं! 


👉तो ऐसी बातों के साथ जो वचन से match नहीं करती!


👉 *वापस कहता हूं ऐसी बातों के साथ जो‌ वचन से match नहीं करती!*


👉जब वो चर्च में आते हैं उनका जो चर्च (कलिसीया) है ना , वो ऐसा wait करता रहता है!


👉अभी पास्टर जी आएगे!


👉 *तपस्या type जैसे बाबा लोग करते हैं!*


👉पेड़ के नीचे, पेड़ कै ऊपर


👉पहाड़ के नीचे, पहाड़ के ऊपर


👉या मिट्टी के नीचे जाकर तपस्या करते हैं ना, 


👉तो वो ऐसा कुछ करते है,और उनकी जो कलिसिया wait करती है!


👉 *पास्टर जी अभी आएंगे और कुछ supernatural (अलौकिक) बात बताएंगे!*


👉 *और उनकी जो चर्चा (कलिसिया) उनकी बातों को स्वीकार कर लेती है!*


👉अरे देखो कुछ हो रहा है, लोग गिर रहे हैं!


"इस वचन को देखे"


👉इसलिए हे भाइयों क्या करना चाहिए? जब तुम इकट्ठे होते हो, तो हर एक के हृदय में भजन, या उपदेश, *या अन्य भाषा, या प्रकाश,* 


👉या अन्य भाषा का अर्थ बताना रहता है: सब कुछ आत्मिक उन्नति के लिये होना चाहिए। यदि अन्य भाषा में बातें करनी हों, तो दो-दो, या बहुत हो तो तीन-तीन जन बारी-बारी बोलें, और एक व्यक्ति अनुवाद करे। परन्तु यदि अनुवाद करनेवाला न हो, तो अन्य भाषा बोलनेवाला कलीसिया में शान्त रहे, और अपने मन से, और परमेश्वर से बातें करे।

(1 कुरिन्थियों 14:26-28)


👉 भविष्यद्वक्ताओं में से दो या तीन बोलें, *और शेष लोग उनके वचन को परखें।*

(1 कुरिन्थियों 14:29)


✍️ *ये जो शब्द है परखे ऐसा क्यों?*


👉किसी पास प्रकाश है supernatural (अलौकिक) बातें है!


👉 *ठीक है पर लिखा है, पर‌खे*


*ध्यान दें*


✍️तो कुछ लोग वहां पर बैठे रहते थे ! 


👉अच्छा, इसकी बातें ऐसी हैं! 


👉इस की बाते biblical है या नहीं!


👉मतलब:- *वचन से match करती है, क्या!*


👉उन दिनों में उनके पास जो source (साधन) था वो‌ उस से परखे थे इस से match करती है क्या!


*सूने*:-


✍️पर आज हमारे पास पूरी बाइबल है 66 किताबें हैं!


👉 *आसानी से जो गलत है पकड़ सकते हैं!*


👉फिर किसी को सामर्थ्य के काम करने की शक्ति; और किसी को भविष्यद्वाणी की; *और किसी को आत्माओं की परख,* और किसी को अनेक प्रकार की भाषा; और किसी को भाषाओं का अर्थ बताना।

(1 कुरिन्थियों 12:10)


✍️तो लिखा है परखो!


👉 *क्यों*


👉 *और यह कुछ अचम्भे की बात नहीं क्योंकि शैतान आप भी ज्योतिर्मय स्वर्गदूत का रूप धारण करता है।*

(2 कुरिन्थियों 11:14)


✍️ *लुशिफर स्वर्गदूत ,चमकदार दूत बन सकता है!*


👉 *लुशिफर फंसा सकता है!*


👉 *और सारे संसार का भरमानेवाला है,* 

(प्रकाशितवाक्य 12:9)


✍️ *वो संसार को भरमाने वाला है उस ने अच्छे-अच्छे को भरमा दिया!*


👉 *राजा महाराजाओं नहीं छोड़ा और ऐसी भटकाने वाली आत्माएं अभी है संसार में!*


👉जिनमें तुम पहले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के अधिपति अर्थात् उस आत्मा के अनुसार चलते थे, *जो अब भी आज्ञा न माननेवालों में कार्य करता है।*

(इफिसियों 2:2)


✍️आप भटक सकते हैं!


👉 *हे प्रियों, हर एक आत्मा पर विश्वास न करो: वरन् आत्माओं को परखो, कि वे परमेश्वर की ओर से हैं कि नहीं;* क्योंकि बहुत से झूठे भविष्यद्वक्ता जगत में निकल खड़े हुए हैं।

(1 यूहन्ना 4:1)


✍️तो जितने भी तपस्या type करते हैं!


👉कहीं पर 40 दिन,20 दिन, 80 दिन, 1हफता आप बैठ कर आते हो! 


👉या कोई पहाड़ के ऊपर पर , जैसे यीशु पहाड़ के ऊपर गए 40 दिन प्रार्थना के लिए गए थे!


👉वैसे concepts (धारणा) को लेकर पहाड़ पर चले जाते हैं!


👉और जब आते हैं कुछ ऐसा लेकर आते हैं कलिसिया भी स्वीकार लेती है!


👉जब वो कलिसिया स्वीकार लेती ,तो वो इसे पास के लोगों को बताना शुरू करते हैं!


👉की देखो  मुझे कुछ supernatural (अलौकिक) पास्टर की तरफ से मिला है!


👉 *तुम भी आओ, तुम भी आओ!*


👉तो ऐसे करके cult group शुरू होता है!


👉 *सतर्क रहें ,सावधान रहें*


*God bless you*

Monday, 25 July 2022

क्या महिलाएं पास्टर बन सकती है? (हिंदी)

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*क्या महिलाएं पास्टर बन सकती है?*


✍️ महिलाएं pastor बन सकती है के नही मैं पहले ही बता चूका हूं!


👉जिसका सीधा जवाब है:- बन सकती है!


👉पर कुछ बुद्धिजीव बाइबल के कुछ वचनों को लेकर out of context ये सिखा रहे हैं!


👉महिला pastor नहीं बन सकती!


👉जिन वचनों को लेकर वो सिखाते आज हम उन पर बात करेंगे!


👉 *और करेंगे दूध का दूध और पानी का पानी*


👉 *स्त्रियाँ कलीसिया की सभा में चुप रहें, क्योंकि उन्हें बातें करने की अनुमति नहीं,* परन्तु अधीन रहने की आज्ञा है: जैसा व्यवस्था में लिखा भी है। और यदि वे कुछ सीखना चाहें, तो घर में अपने-अपने पति से पूछें, क्योंकि स्त्री का कलीसिया में बातें करना लज्जा की बात है।

(1 कुरिन्थियों 14:34-35)


✍️ Greek में 1135 guné (goo-nay')  (गुने) लिखा है:-


👉 *guné शब्द*:- women, wife, my lady के लिए भी इस्तेमाल होता है!


👉यहां पर ये शब्द पत्नी के लिए इस्तेमाल किया गया है!


अब वचन में देखते हैं:-


👉 *स्त्रियाँ कलीसिया की सभा में चुप रहें, क्योंकि उन्हें बातें करने की अनुमति नहीं,* परन्तु अधीन रहने की आज्ञा है: जैसा व्यवस्था में लिखा भी है। और यदि वे कुछ सीखना चाहें, तो घर में अपने-अपने पति से पूछें, क्योंकि स्त्री का कलीसिया में बातें करना लज्जा की बात है।

(1 कुरिन्थियों 14:34-35)


*ध्यान से सूने*:-


✍️guné का अर्थ:- पत्नी


👉 *स्त्री*:- ये किसी की पत्नी है


👉 *बाते*:- यहां प्रचार का जिक्र नहीं है!


👉 *अधीन*:-किसके? 

(आपने पति के)


👉 *व्यव्स्था*:- पौलुश किस को बोल रहा था यहूदियों को या अन्य जातियों को!


*सूने*:-


👉 *और यदि वे कुछ सीखना चाहें, तो घर में अपने-अपने पति से पूछें, क्योंकि स्त्री का कलीसिया में बातें करना लज्जा की बात है।*

(1 कुरिन्थियों 14:35)


✍️ *यहा प्रचार का तो जिक्र ही नहीं है!*


*ध्यान से सूने*:-


👉परन्तु कलीसिया में अन्य भाषा में दस हजार बातें कहने से यह मुझे और भी अच्छा जान पड़ता है, कि *औरों के सिखाने के लिये* बुद्धि से पाँच ही बातें कहूँ।

(1 कुरिन्थियों 14:19)


✍️ *औरो के सिखाने के लिए!*


👉क्योंकि तुम सब एक-एक करके भविष्यद्वाणी कर सकते हो *ताकि सब सीखें*, और सब शान्ति पाएँ।

(1 कुरिन्थियों 14:31)


✍️ *ताकि सब सीखें!* पौलुश तो कहता है सब सिखे!


✍️ *हम कैसे कह सकते हैं सारी महिलाएं घर में सीखें!*


👉 *महिलाएं अगर घर में सिखे तो सारी महिलाओ को चर्च में बैन करो!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *यहां महिलाओं की बात नहीं पत्नी की बात हो रही है!*


👉 *और स्त्री को चुपचाप पूरी अधीनता में सीखना चाहिए। मैं कहता हूँ, कि स्त्री न उपदेश करे और न पुरुष पर अधिकार चलाए, परन्तु चुपचाप रहे।*

(1 तीमुथियुस 2:11-12)


✍️ *यहां चर्च या पास्टर की बात नहीं हो रही!*


👉 *स्त्री* :- किसी की पत्नी है


👉 *उपदेश* :- पति का उपदेश


👉 *पुरुष* :- उसका पति


👉 *चूपचाप*:- context देखें पति के सामने चूपचाप रहे!


*ध्यान से सूने*:-


👉(1 कुरि 14:34,35) 

👉(1तीमु 2:11,12)


✍️ *इन दोनों वचनों में पौलुश ने कभी नहीं कहा महिला pastor नहीं बन सकती!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️इन दोनो वचनों में ये नहीं लिखा!


👉 *स्त्री* :- प्रचारक नहीं बन सकती!


👉 *स्त्री* :- प्रभु भोज नहीं दे सकती !


👉 *स्त्री* :- बपतिस्मा नहीं दे सकती!


👉 *स्त्री*:- चर्च नहीं चला सकती!


👉 *स्त्री*:- मय्यत नहीं चला सकती!


*सूने*:-


👉और हमारे प्रभु के धीरज को उद्धार समझो, जैसा हमारे प्रिय भाई पौलुस ने भी उस ज्ञान के अनुसार जो उसे मिला, तुम्हें लिखा है। वैसे ही उसने अपनी सब पत्रियों में भी इन बातों की चर्चा की है जिनमें कितनी बातें ऐसी है, जिनका समझना कठिन है, और अनपढ़ और चंचल लोग उनके अर्थों को भी पवित्रशास्त्र की अन्य बातों के समान खींच तानकर अपने ही नाश का कारण बनाते हैं।

(2 पतरस 3:15-16)


✍️ *ना समझ कर क्या किया?*


👉 *खींच तान कर* 


*ध्यान से सूने*:-


👉 *ना यीशु ने कभी कहा था!*


👉 *ना पतरस ने कभी कहा था!*


👉 *ना पौलुश ने कभी कहा था!*


👉 *और ना ही किसी चेले ने कभी कहा था!*


👉 *कि स्त्री pastor नहीं बन सकती है!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *अब मैं आपको वचन से साबित करुगा स्त्री pastor बन सकती है!*


👉इसलिए वह कहता है, “वह ऊँचे पर चढ़ा, और बन्दियों को बाँध ले गया, *और मनुष्यों को दान दिए।”*

(इफिसियों 4:8)


1) मनुष्य:- Greek :-


👉(anth'-ro-pos) उनतरो पोस्ट


👉Definition: a man, human, mankind 

संसार के समस्त लोग


👉 *male female दोनों आ गए*


2) *दान क्या दिया है*:-


👉 *और उसने कुछ को प्रेरित नियुक्त करके, और कुछ को भविष्यद्वक्ता नियुक्त करके, और कुछ को सुसमाचार सुनानेवाले नियुक्त करके, और कुछ को रखवाले और उपदेशक नियुक्त करके दे दिया।* 

(इफिसियों 4:11)


✍️कितनो को:- *क्या इस में सिर्फ पुरुष है?*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *कुछ कहते हैं स्त्री या यही सब कर सकती है!*


👉 *चर्च में झाड़ू लगाना*


👉 *दरिया बिछाना*


👉 *गीत गाना*


इत्यादि......


*सूने*:-


✍️ *इस पर भी एक नजर मार ये भी आपकी बाइबल में ही है!* 


👉मेरे विरुद्ध साक्षी दे! मैं तो तुझे मिस्र देश से निकाल ले आया, और दासत्व के घर में से तुझे छुड़ा लाया; *और तेरी अगुआई करने को मूसा, हारून और मिर्याम को भेज दिया।*

(मीका 6:4)


✍️ *मिर्याम एक महिला थी!*


⭐ *जी हां महिला एक लिडर भी हो सकती है!*


*ध्यान से सूने* 


✍️ *नये नियम में पास्टर ही नहीं पर पांच प्रकार की सेवकाई भी कर सकती है!*


👉 *और उसने कुछ को प्रेरित नियुक्त करके, और कुछ को भविष्यद्वक्ता नियुक्त करके, और कुछ को सुसमाचार सुनानेवाले नियुक्त करके, और कुछ को रखवाले और उपदेशक नियुक्त करके दे दिया।*(इफिसियों 4:11)


✍️ *और ये सेवकाई महिलाओं ने की है!*


*सूने*:-


⭐ *pastor*:- फीबे एक महिला थी!


👉 *मैं तुम से फीबे के लिए, जो हमारी बहन और किंख्रिया की कलीसिया की सेविका है, विनती करता हूँ।*

(रोमियों 16:1)


⭐ *भविष्यवाणी*:- चार कुंवारी बेटीयां!


👉दूसरे दिन हम वहाँ से चलकर कैसरिया में आए, *और फिलिप्पुस सुसमाचार प्रचारक के घर में जो सातों में से एक था, जाकर उसके यहाँ रहे। उसकी चार कुँवारी पुत्रियाँ थीं;* जो भविष्यद्वाणी करती थीं। 

(प्रेरितों के काम 21:8-9)


⭐ *सुसमाचार सूनाने में सहायता*:-


👉 *हे सच्चे सहकर्मी, मैं तुझ से भी विनती करता हूँ, कि तू उन स्त्रियों की सहायता कर, क्योंकि उन्होंने मेरे साथ सुसमाचार फैलाने में,* क्लेमेंस और मेरे अन्य सहकर्मियों समेत परिश्रम किया, जिनके नाम जीवन की पुस्तक में लिखे हुए हैं।

(फिलिप्पियों 4:3)


⭐ *यीशु के जी उठने का संदेश*:-


👉 *मरियम मगदलीनी ने जाकर चेलों को बताया,* “मैंने प्रभु को देखा और उसने मुझसे बातें कहीं।”

(यूहन्ना 20:18)


👉 *यहुन्ना 4 आधय्य:- चेला किस ने बनाया!*


👉वचन किस ने सूनाया!


⭐ प्रेरितो के काम 2: आधय्य :- *बपतिस्मा किस ने दिया होगा?*


👉सब ने मिलकर:- *स्त्री-पुरुष दोनों ने* 


*अंत में* :- जी हां महिला pastor बन सकती है!


👉 *फिर से कहता हूं जी हां महिला pastor बन सकती है!*

*God bless you*

Friday, 22 July 2022

Train पटड़ी पर से उतर गई है (हिंदी)

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*Train पटड़ी पर से उतर गई है*


*Direction change हो गई है*


👉 *तेल*

👉 *पानी*

👉 *नमक*

👉 *साबून*

👉 *रुमाल*

👉 *और मिठाई*


✍️ *प्रश्न: क्या यह सब चीजें आपको बचा सकती है ?*


👉 *प्रश्न: आपका उद्धार कर सकती है ?*


*सूने*:-


✍️ *बहुत से लोगो का मन भटकाकर इन नशावान चीजों की तरफ लग रहा है!*


👉 क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हारा निकम्मा चाल-चलन जो पूर्वजों से चला आता है 

उससे तुम्हारा छुटकारा चाँदी-सोने *अर्थात् नाशवान वस्तुओं के द्वारा नहीं हुआ!*


👉 पर निर्दोष और निष्कलंक मेम्‍ने अर्थात् मसीह के बहुमूल्य लहू के द्वारा हुआ।

(1 पतरस 1:18-19)


*जरा सोच कर देखिए*


✍️ *आपका उद्धार (छुटकार) किससे हुआ है!*


👉 *तेल ,पानी से साबुन से या यीशु के लहु से!*


👉 *फिर महीमा किसको दे रहे हो ?*


👉 *हमे इन चीजों पर विश्वास नहीं!*


👉 *हमारा focus यीशु पर होना चाहिए!*


👉 *यीशु पर विश्वास करना चाहिए!*


👉वो ही हमें जीवन देता है!


👉कोई भी परेशानी हो यीशु को पूकारे!


*God bless you*

Sunday, 17 July 2022

अंत के दिनो में 12 बातें (छटवी बात ) (हिंदी)

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*अंत के दिनो में 12 बातें सच्चे मसीहियों के साथ घटेगी!*


*छठी बात*


*झूठे भविष्यवक्ता*


👉अब यहां से मुसीबत और बढ़ेगी!


👉 *क्योंकि आ रहा है six point* 


*झूठे भविष्यवक्ता*


👉अब यहां से आपका teaching का label कितना है परखा जाएगा!


👉 *बहुत से झूठे भविष्यद्वक्ता उठ खड़े होंगे, और बहुतों को बहकाएँगे।*

(मत्ती 24:11)


✍️तो हमें अपनी teaching को मजबूत करना होगा!


*क्यों ?*


⭐ *झूठी शिक्षाएं बहुत फैलेगी!*


👉अपना बाइबल study मजबूत करिए!


👉जितना जादा हो सके बाइबल पढ़िए!


👉अपना नौकरी, school, college करो! 


👉पर जब भी आपको समे मिलता है!


👉घंटों बैठे, प्रभु के पास में सिखों!


*झूठी शिक्षाएं बहुत फैलेगी!*


👉 *Teaching पर attack होगा यीशु ने कहा है!*


👉मैं आप से पूछ रहा हूं, क्या आप इसके लिए तैयार हैं!


*God bless you*

Thursday, 7 July 2022

विश्वासी - विश्वासीयो से प्रार्थना मत करवाए (हिंदी )

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े लें


*विश्वासी - विश्वासीयो से प्रार्थना मत करवाए*


👉 *ऐसा कियू?*


✍️ *आज 90/.विश्वासीयो को गलत आदत लग गई है,*


👉 *दूसरों से प्रार्थना करवाने की!*


*मतलव*:- 


👉 *जिसका उद्धार हो गया!*


👉 *6,10,20,30 साल से चर्च में है या जा रहा है!*


👉 *जिसने पवित्र आत्मा पाया है!*


👉 *परमेश्वर के बेटे-बेटियों बन गया!*


👉 *यीशु के लहु के द्वारा खरीदें हूए है!*


*ध्यान से सूने*:-


👉 *ऐसों को भी ये आदत पड़ गई है*!


*ध्यान से सूने*:- 


✍️ *ये आदत किसने बिगाड़ी!*


👉 *कुछ लालची ऑनलाइन प्रार्थना करने वालों ने!*


👉 *फेसबुक पर बाहर से कुछ परिचय आते हैं, और कहते हैं!* 


👉 *आप अपना प्रार्थना निवेदन भेजो,*


👉 *हम आपके लिए प्रार्थना करेंगे!*


👉 *हमे ऑनलाइन प्रार्थना करने वालों से बच कर रहना है!*


👉 *और अपना प्रार्थना बीज भेजो!*


👉 *आप अपना ओफरीग भेजो!*


👉 *हम आपके लिए प्रार्थना करेंगे!*


👉 *इससे भी विश्वासीयो की आदत बिगड़ी है!*

 

👉 *कुछ कहते हैं हमारे मैंबर शिप लें लो हर महिने इतना दान देना हम आपके लिए प्रार्थना करेंगे!*


👉और हम कहते हैं प्रभु का दास हमारे लिए प्रार्थना कर रहा है!


👉दूसरों से प्रार्थना करवाने में सब से ज्यादा हाथ महिलाओं का है!


👉कोई भी देशी, विदेशीयों पास्टर,और कहते है बड़ा चर्च है !


👉 *पास्टर जी प्रार्थना कर दो, पास्टर जी प्रार्थना कर दो!*


👉 *हर किसी के आगे अपना सिर लेकर चले जाते हैं!*


⭐ *आओ देखें वचन क्या कहता है इस विषय पर* !


👉 *मुझसे प्रार्थना कर और मैं तेरी सुनकर तुझे बड़ी-बड़ी और कठिन बातें बताऊँगा जिन्हें तू अभी नहीं समझता*।

(यिर्मयाह 33:3) 


👉 मैं तेरी सून कर, मतलव:- 


👉 *हमे खुद प्रार्थना करनी है!*


👉  *परन्तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा; और द्वार बन्द करके अपने पिता से जो गुप्त में है प्रार्थना कर;* और तब तेरा पिता जो गुप्त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।

(मत्ती 6:6)


✍️ यहां बात हो रही है बाप बेटे की/बाप बेटी की!


👉बाप को अच्छे से पता है:- 


👉हमे बाप के पास जाना है! 


👉एजेंटों के पास नहीं जो आज मसीह समाज में घूम रहें हैं!


👉बाकी आप समझदार है!


👉 *निरन्तर प्रार्थना में लगे रहो।*

(1 थिस्सलुनीकियों 5:17)


👉 *कौन प्रार्थना में लगा रहे!*


👉 *वो भाई,बहन जो बड़ी-बड़ी चर्चो में प्रार्थना के फार्म भर-भर देता या देती है!*


👉  *यदि तुम में कोई दुःखी हो तो वह प्रार्थना करे;* यदि आनन्दित हो, तो वह स्तुति के भजन गाएँ।

(याकूब 5:13) 


👉 यदि तुम में कोई दूखी हो:- *वह प्रार्थना करें!*


👉मतलव:- प्रार्थना उसे खुद करनी है!


⭐ *एक और बात ध्यान से सूने*


👉 और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और विनती करते रहो, और जागते रहो कि *सब पवित्र लोगों के लिये लगातार विनती किया करो*,

(इफिसियों 6:18)


👉 आपको पवित्र लोगों के लिए प्रार्थना करना है!


👉मतलव:- पवित्र कौन आपका पास्टर!


👉बड़ी चर्चा वाला :- आपको उनके लिए प्रार्थना करनी है !

करवानी नहीं है!


✍️ पतरस के लिए कौन प्रार्थना कर रहा था कलिसिया!


👉 *बन्दीगृह में पतरस की रखवाली हो रही थी; परन्तु कलीसिया उसके लिये लौ लगाकर परमेश्वर से प्रार्थना कर रही थी।*

(प्रेरितों के काम 12:5)


✍️हमें उनके लिए प्रार्थना करनी है!


👉 *और इसके साथ ही साथ हमारे लिये भी प्रार्थना करते रहो, कि परमेश्वर हमारे लिये वचन सुनाने का ऐसा द्वार खोल दे, कि हम मसीह के उस भेद का वर्णन कर सकें* जिसके कारण मैं कैद में हूँ।

(कुलुस्सियों 4:3)


✍️ *हमें प्रार्थना करवाने वाले नहीं प्रार्थना करने वाले बनना है!*


*सूने*


✍️ *प्रार्थना खुद किजिए* 


👉 *चाहे कोई भी समस्या हो!*


👉 *चाहे बच्चा बीमार है!*


👉 *चाहे पत्ती बीमार है!*


👉 *नौकरी के लिए!*


👉 *इन सब के लिए आपको खुद  प्रार्थना करनी है!*


 *उदाहरण:- बाप और बच्चे का!*


👉एक वक्त था, बाप ने खाना खिलाया !


👉एक वक्त था, बाप ने दूध पीलाया!


👉 *अब अपना खाना खुद खाना चाहिए!*


👉 *पर अब आप सियाने हो गए हैं!*


✍️ *उदाहरण*:- अपंग बच्चों का

👉वो बड़े हो गए!


👉पर अब भी बाप के हाथ से खाना खा रहे हैं 


👉बाप के हाथ से दूध पी रहें !


👉वो खुद से कुछ नहीं कर सकते !


बाकी आप समझदार है........


✍️ *अब हमें खुद प्रार्थना करना चाहिए*!


*ध्यान से सूने* :-


✍️ *जब हमरा ड्रेक परमेश्वर से रिश्ता जूड गया है!*


👉 *खुद प्रार्थना करनी है*:-


👉 *खुद प्राथना करिए,  समस्या आपकी है,,*


👉 *तो प्रार्थना भी आपको ही करनी चाहिए,,*

 

👉 *रिश्ता प्रभु से मजबूत कीजिए, लोगों से नहीं!*


👉 *बच्चो वाली हरकत नहीं करनी है!*


*God bless you*

क्या मसीही लोग प्रसाद खा सकते है? (हिंदी)

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*क्या एक मसीह व्यक्ति मूर्ति पर चढ़ाई हूई वस्तुओं को खा सकता है कि नहीं?*


*क्या मसीही लोग प्रसाद खा सकते है?*


✍️ बहुत सारे मसीह लोग सवाल करते हैं, हम चर्च जाते हैं हम प्रसाद खा सकते हैं कि नहीं, कई बार हम प्रसाद खा भी लेते हैं!


👉 *क्या प्रसाद खाना सही है या ग़लत है!*


👉इसलिए आज इस विषय को आप के लिए लेकर आया हूँ!


👉अगर आप यीशु मसीह पर विश्वास करते और आप कहते हैं, 

अब मैं मसीही हो गया हूं, क्या मैं प्रसाद खा सकता हूं कि नहीं!


👉क्योंकि बहुत सारे लोगों के मन यह सवाल होता है!


👉तो आज इस सवाल का जबाव बाइबल में से देखेगे, बाईबल इस के बारे में क्या कहती है!


👉अगर आप इन बातों को समझना चाहते तो इस विषय को बड़े ध्यान से पढ़ें और समझे!


👉जब पूरा पढ़ते हैं तो अपने मसीही बहन भाईयों को जरुर शेयर करे!


👉 ताकि उन लोगो तक भी ये जानकारी पहोंच सके,कैसे एक मसीह को पवित्र जीवन जीना है!


*ध्यान से सूने*:-


✍️दोस्तों आज के विषय को आपके बीच रखने से पहले एक छोटी सी जानकारी आपके बीच रखना चाहता हूं!


👉हो सकता है इस विषय को वो लोग भी पढ़ें जो यीशु मसीह पर विश्वास नहीं करते!


👉तो हम उन लोगो को बताना चाहते है ये विषय या जानकारी सिर्फ उन लोगों के लिए है!


👉जो यीशु मसीह पर विश्वास करते हैं, जिन्होंने प्रभु यीशु मसीह को अपना उद्धार कर्ता के रूप में ग्रहण किया है!


👉किसी दूसरे व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाना हमारा कोई उद्देश्य नहीं है!


👉बाइबल की जो सच्ची शिक्षा है, हम उसी को present कर रहे हैं!

 

👉जो बाइबल बता रही है हम वही बता रहे हैं!


👉अगर इस विषय को पढ़ते समय किसी को ठेस लगी रही किरपा करके आप इस को मत पढे!


👉इस विषय को वो ही लोग पढ़े जो यीशु मसीह पर विश्वास करते हैं!


👉और जो पवित्र जीवन जीना चाहते हैं!


"आईए इस विषय को शुरू करते हैं"


✍️जैसे मैंने इस विषय के शुरू में ही बता दिया, *क्या एक मसीह व्यक्ति मूर्ति पर चढ़ाई हूई वस्तुओं को खा सकता है कि नहीं!*


👉सीधा सीधा कहे तो क्या प्रसाद खाना चाहिए या नहीं खाना चाहिए है!


👉कुछ वचनों को बाइबल से आपके बीच रखूंगा:- 


👉फिर मैं क्या कहता हूँ? क्या यह कि मूर्ति का बलिदान कुछ है, या मूरत कुछ है?  


👉 *नहीं, बस यह, कि अन्यजाति जो बलिदान करते हैं, वे परमेश्वर के लिये नहीं, परन्तु दुष्टात्माओं के लिये बलिदान करते हैं और मैं नहीं चाहता, कि तुम दुष्टात्माओं के सहभागी हो।* 

(1 कुरिन्थियों 10.19-20)


✍️ परमेश्वर का वचन यहां पर साफ रीति से कहता है कि मूर्ति जैसी चीज ही नहीं है!


👉अन्य जाति के लोग जो मूर्ति के नाम से कुछ भी चढ़ाते हैं,वो दुष्ट आत्माओं के लिए चढ़ाते हैं!


👉एक बात को मैं clear कर देता हूं मूर्ति को इन्सानों ने बनाया है, अपने हाथों से बनाया किसी परमेश्वर ने बनाकर नहीं दिया है! 


👉 इंसान मूर्ति बनाता है पर मूर्ति के अंदर तो कोई जान है नहीं!


👉जब वो चढ़ावा चढ़ाते हैं वो दुष्ट आत्मा जो इस संसार में प्रभुता करती है वो उनके चढ़ावे को ग्रहण कर लेती है!


👉ये इन्सानों को मनुष्य को भी पता नहीं होता कई वो अनजाने में दुष्ट आत्माओं को चढ़ा रहे होते हैं!


👉जब एक मसीह व्यक्ति इन चीजों को ग्रहण करता है उसको तो यह पता होता है,कि मूर्ति तो इस संसार में कोई वस्तु नहीं जो चढ़ावा चढ़ाया जाता है वो दुष्ट आत्माओं के लिए चढ़ाया जाता है!


👉इसलिए एक मसीह व्यक्ति को जो सारी चीजें मूर्तियो के आगे चढ़ाई जाती हैं, उन चीजों को लेना माना है बाइबल में!


👉इसलिए परमेश्वर का वचन साफ रीति से कहता है दुष्ट आत्माओं के सहभागी ना हो!


👉एक व्यक्ति को जो यीशु को नहीं मानता है, उसे तो नहीं पता है दुष्ट आत्मा कौन है?


👉 या परमेश्वर कौन है?


👉वो अनजान है, वो अनजाने में ये सोचते हैं कि मूर्ति उनका ईश्वर है!


👉सच्चाई क्या है उनके अनजाने पन का फायदा उठाकर दुष्ट आत्मा उस मूर्ति में वाश करती है!


👉उस पर चढ़ाई हूई चीजों को दुष्ट आत्मा ग्रहण कर लेती है!


👉इसलिए हम जो मसीह लोगो पता चलता है कि दुष्ट आत्माएं इस तरह से काम करती है!


👉इसलिए हम जान चूके हैं जो प्रसाद जो मूर्ति पर चढ़ाया गया था वो मूर्ति पर नही परन्तु दुष्ट आत्माओं के लिए चढ़ाया गया था!


👉 *इसलिए एक मसीह व्यक्ति को कभी भी मूर्ति पर चढ़ाई हूई वस्तुओं को कभी खाना नहीं चाहिए!*


"आगे भी कुछ बातें हैं उनको भी समझना बहुत ज़रूरी है"


👉 *तुम प्रभु के कटोरे, और दुष्टात्माओं के कटोरे दोनों में से नहीं पी सकते! तुम प्रभु की मेज और दुष्टात्माओं की मेज दोनों के सहभागी नहीं हो सकते।* 

(1 कुरिन्थियों 10.21)


✍️अगर आप यीशु पर विश्वास करते हो तो आप प्रभु भोज में  शामिल होते होंगे!


👉तो आप इस तरह प्रसाद लेकर दुष्ट आत्मा की मेज भी शामिल नहीं हो सकते!


👉यहां पर परमेश्वर का वचन साफ रीति से मना करता है!


"लेकिन - लेकिन इसके आगे कुछ और बातें हैं उन सारी बातों भी आपको जानना बहुत जरूरी है"


✍️सब वस्तुएँ मेरे लिये उचित तो हैं, परन्तु सब लाभ की नहीं। सब वस्तुएँ मेरे लिये उचित तो हैं, *परन्तु सब वस्तुओं से उन्नति नहीं।* 

(1 कुरिन्थियों 10.23)


✍️ *तो याद रखिएगा जिन वस्तुओं से आपकी उन्नति नहीं उनको लेकर आप क्या करोगे?*


👉 *जो कुछ कसाइयों के यहाँ बिकता है, वह खाओ* और विवेक के कारण कुछ न पूछो। 

(1 कुरिन्थियों 10.25)


✍️वचन कहता है जो कुछ कसाईयों के यहां पर बिकता है, वो खाओ, 


👉आप जो दूकान से बलि कि हूई चीज जैसे मांस उसे आप खरीद कर खा सकते हैं कोई problem नहीं!


👉 लेकिन वो ही मांस जब किसी को बलि चढ़ाया जाता है,  *तब आप नहीं ले सकते क्योंकि वो किसी के नाम पर चढ़ाया जाता है!*


👉आप दूकान से आप खरिदते है कोई problem नहीं!


👉एक और बात मैं आपको clearकरके चलना चाहता हूं बहुत सारे लोग कहते जब हम दूकान में जाते हैं वहां तो बहुत सारी चीज़ें होती क्या सब खा सकते हैं!


👉 Simple सी चीज है जो आप खरीद रहे हैं वे आप अपना पैसा देकर खरीद रहे हैं!


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *प्रसाद में और जो हम खरिद रहें हैं क्या अंतर होता है!*


👉 *जो प्रसाद होता है वो बेचा नहीं जाता,*


👉वो फ्री में बाटते हैं, वो बलि चढ़ा कर फ्रि में बातें हैं!


👉जो बलि चढ़ा कर काट रहा है,पर वो बेचा रहा है!


👉इसलिए वो प्रसाद नहीं है! 


👉इसलिए हम उसे खरिद कर खा सकते हैं!


👉“क्योंकि पृथ्वी और उसकी भरपूरी प्रभु की है।”  

(1 कुरिन्थियों 10.26)


👉और यदि अविश्वासियों में से कोई तुम्हें नेवता दे, और तुम जाना चाहो, तो जो कुछ तुम्हारे सामने रखा जाए वही खाओ: और विवेक के कारण कुछ न पूछो।  


👉परन्तु यदि कोई तुम से कहे, “यह तो मूरत को बलि की हुई वस्तु है,” तो उसी बतानेवाले के कारण, और विवेक के कारण न खाओ। 

(1 कुरिन्थियों 10.27-28)


✍️ वचन कहता, हमें नहीं खाना है!


👉इसलिए तुम चाहे खाओ, चाहे पीओ, चाहे जो कुछ करो, सब कुछ परमेश्वर की महिमा के लिये करो। 

(1 कुरिन्थियों 10.31)


✍️जो कुछ तो करते हो परमेश्वर की महिमा होनी चाहिए!


👉परमेश्वर का वचन कहता है तुम स्वतन्त्र किए गए हो पर इसका मतलब ये नहीं हम जो मर्जी करें हम स्वतंत्र किते गए पर हमारे‌ ऊपर कई सारी बंदिशे भी है, मतलब पाबंदी है!


👉 परमेश्वर ने हमें विवेक दिया है हमें पता है क्या सही है क्या गलत है!


👉कैसी चीजें मूर्ति पर चढ़ाई गई होती है और कैसी चीजें normal होती है और इन्हें समझने के परमेश्वर ने अपना वचन दिया है!


"एक और बात"


✍️कई ऐसा होता कहीं आप जाते हैं वहां पर एक ऐसा विश्वासी जो प्रभु के वचन परिपख मजबूत नहीं है!


👉और वो कहता ये तो मूर्ति चढ़ाई हूई है तो आप भी मत खाईए


👉अगर आपके निर्णय के कारण को प्रभु से भटक रहा है तो आप को नहीं खाना चाहिए और वचन भी यही कहता है!


👉अगर कहीं आप चले जाते कई बार ऐसा होता है,मसीह बहन भाई किसी के यहां गए, उन्होंने  अनजाने में धोखा देकर आप को प्रसाद खिला दिया तो उससे आपका कोई नुकसान नहीं होने वाला है!


👉 *लेकिन अगर आप को पता है तो उस चीज को मत खाइए!*


👉 *अखीर में मैं फिर कहना चाहता हूं ये संदेश या मैसीज सिर्फ मसीह लोगो के लिए है!*


👉हमारा किसी को ठेस पहुंचाना का उद्देश्य बिल्कुल भी नहीं है!


*God bless you*