Wednesday, 17 August 2022

बारां जरुरी बातें जो हर एक ( तिसरी बात) (हिंदी)

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े लें


*बारां जरुरी बातें जो हर एक विश्वासी को जानना बहुत जरूरी है*


 *तीसरी बात*


*क्या हमें सब्त का दिन मनाना चाहिए ?*


✍️ *सब्त आता है व्यवस्था में जिसे विश्राम दिन भी कहते है!*


👉 *जो यहूदियों के हिसाब से शनिवार है!*


👉 *आपको ये समझना है सातों दिन प्रभु का है!*


👉 *ना Monday, important है*


👉 *ना Tuesday, important है*


👉 *ना Wednesday, important है*


👉 *ना Tuesday, important है*


👉 *ना Friday, important है*


👉 *ना Saturday, important है*


👉 *ना Sunday, important है*


👉 *सातों दिन प्रभु का है*


👉 *30 दिन प्रभु का है*


👉 *365 दिन प्रभु का है*


👉 *हर दिन प्रभु का है*


👉 *हर पल प्रभु का है*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *Saturday आपके लिए बिल्कुल भी (important) महत्वपूर्ण नही है!*


👉 *आप जब चाहो अराधना करो!* 


👉 *जब चाहो प्रभु के पास जाओ!*


👉 *जब चाहो कलिसिया खोलो!*


👉 *कौन सा भी दिन खोलो!*


👉 *Saturday आपके लिए बिल्कुल भी important नहीं!*

👉 *या सब्त आपके इसलिए important नहीं!*


👉 इसलिए खाने-पीने या पर्व या नये चाँद, या सब्त के विषय में तुम्हारा कोई फैसला न करे। *क्योंकि ये सब आनेवाली बातों की छाया हैं, पर मूल वस्तुएँ मसीह की हैं।*

(कुलुस्सियों 2:16-17)


✍️ *यह पडछाई है (व्यवस्था) जो टल जाएगी!*


👉 *कौन सी बातें व्यवस्था की बाते!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *आपको किसी प्रकार के सब्त के दिन के अधिन रह कर या किसी के डर से किसी के Saturday के चर्च में नहीं जाना है!*


👉कुछ Saturday मिशन वाले और माता यरुशलेम वाले भी यही सिखाते की Saturday को ही जाना है!


*ध्यान से सूने*:-


👉आप Saturday जाओ

👉आप Sunday, जाओ

👉आप Friday, जाओ 


👉 *आप कोई भी दिन जाओ!*


👉 *आप स्वतंत्र है!*


👉 *आप कोई भी दिन कहीं पर भी खुले आसमान के नीचे कहीं पर भी प्रभु की आराधना कर सकते!*


👉 *परमेश्वर आपके अन्दर है!* 


👉 *परमेश्वर की उपस्थिति आपके अन्दर है, इस बात को आपको समझना होगा!*


*God bless you*

Monday, 15 August 2022

बाइबल को पढ़ते समय में बहुत सतर्क रहना होगा ( हिंदी )

 आज का विषय 

एक बार जरुर पढ़े लें


*बाइबल को पढ़ते समय में बहुत सतर्क रहना होगा*


 *क्यों ?????*


✍️ *इतने सारे क्यों जानबूझकर इसलिए डाले हैं!*


👉 *आपको जिंदगी भर पूछते रहना है* 


👉 *क्यों क्यों क्यों क्यों?*


👉 *क्या लिखा है, तू कैसे पढ़ता है ?”*

(लूका 10:26)


✍️बाइबल पढ़ते वक्त में यह आपके जहन (दिमाग) में होना चाहिए!


👉 *क्या लिखा है और तू कैसे पड़ता है!*


👉यहा पर अपना नाम डालिए.........


👉खुद से पूछना है!


👉 *क्या लिखा और ........तू कैसे पढ़ता है?*


👉और जितने प्रभु के दास दासी क्या लिखा है और तू कैसे पढ़ता है!


👉और सतर्क (सावधान)रहना है!


👉 *यीशु कहता be careful*

 

👉 *पता है क्यों*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *क्योंकि जैसा पढ़ेंगे!*


👉वैसा शिखाएंगे!


✍️ *जैसे समझेंगे!*


👉वैसे समझाएंगे!


✍️ *जैसे खुद को लेगे!*


👉वैसे दूसरों को देगे!


*सूने*:-


✍️ *अगर सही लें लिया!*


👉तो सही दे देंगे!


✍️ *सही समझ लिया!*


👉तो सही समझा देंगे!


✍️ *सही तरीके से पढ़ लिया!*

👉तो सही तरीके से पढ़ा देगे!


👉 *अगर गलत कर दिया तो?* 


👉 *फिर तो सोचिए क्या बेड़ा गर्क हो जाएगा!*


*सोचे......*


*ध्यान से सूने*:-


👉 और उससे कहा, “मैं यह सब अधिकार, और इनका वैभव तुझे दूँगा, क्योंकि वह मुझे सौंपा गया है, और जिसे चाहता हूँ, उसे दे सकता हूँ। इसलिए, यदि तू मुझे प्रणाम करे, तो यह सब तेरा हो जाएगा।” यीशु ने उसे उत्तर दिया, “लिखा है: ‘तू प्रभु अपने परमेश्वर को प्रणाम कर; और केवल उसी की उपासना कर।’” 


👉तब उसने उसे यरूशलेम में ले जाकर मन्दिर के कंगूरे पर खड़ा किया, और उससे कहा, “यदि तू परमेश्वर का पुत्र है, तो अपने आपको यहाँ से नीचे गिरा दे। *क्योंकि लिखा है,* ‘वह तेरे विषय में अपने स्वर्गदूतों को आज्ञा देगा, कि वे तेरी रक्षा करें’

 (लूका 4:6-10)


👉 और ‘वे तुझे हाथों हाथ उठा लेंगे ऐसा न हो कि तेरे पाँव में पत्थर से ठेस लगे।’”   


👉यीशु ने उसको उत्तर दिया, “यह भी कहा गया है: ‘तू प्रभु अपने परमेश्वर की परीक्षा न करना।’” 

(लूका 4:11-12)


✍️ *आज भी कुछ कहते हैं लिखा है!*


*उदाहरण*:-


✍️पौलुश ने तीमुथियुस का :-


👉भविष्य में केवल जल ही का पीनेवाला न रह, *पर अपने पेट के और अपने बार बार बीमार होने के कारण थोड़ा-थोड़ा दाखरस भी काम मे लाया कर।*

(1तीमुथियुस 5:23)


✍️ *कुछ कहते शराब पीनी चाहिए!*


*सूने*:- 


👉बाईबल को ध्यान से पढ़ना चाहिए!


👉हमें बाईबल की जानकारी उत्पत्ति से प्रकाशितवाक्य तक होनी चाहिए!


👉कुछ कहते लिखा है!


👉ठीक है लिखा है :- *पर ये भी देखना है कियू लिखा है?*


*सूने*:-


✍️ यीशु ने कहा है ...


👉 *इसलिए जो कोई इन छोटी से छोटी आज्ञाओं में से किसी एक को तोड़े, और वैसा ही लोगों को सिखाए, वह स्वर्ग के राज्य में सबसे छोटा कहलाएगा;* परन्तु जो कोई उनका पालन करेगा और उन्हें सिखाएगा, वही स्वर्ग के राज्य में महान कहलाएगा।

(मत्ती 5:19)


👉 *मैं हर एक को, जो इस पुस्तक की भविष्यद्वाणी की बातें सुनता है, गवाही देता हूँ: यदि कोई मनुष्य इन बातों में कुछ बढ़ाए तो परमेश्वर उन विपत्तियों को जो इस पुस्तक में लिखी हैं, उस पर बढ़ाएगा। और यदि कोई इस भविष्यद्वाणी की पुस्तक की बातों में से कुछ निकाल डाले,* तो परमेश्वर उस जीवन के पेड़ और पवित्र नगर में से, जिसका वर्णन इस पुस्तक में है, उसका भाग निकाल देगा।

(प्रकाशितवाक्य 22:18-19)


✍️ *इसलिए हम प्रचारकों को सावधान रहना होगा!*


👉सही सिखाया तो बच गए गलत सिखाया तो फस गए!


👉 *हे मेरे भाइयों, तुम में से बहुत उपदेशक न बनें, क्योंकि तुम जानते हो,* कि हम उपदेशकों का और भी सख्‍ती से न्याय किया जाएगा। इसलिए कि हम सब बहुत बार चूक जाते हैं जो कोई वचन में नहीं चूकता, वही तो सिद्ध मनुष्य है; और सारी देह पर भी लगाम लगा सकता है।

(याकूब 3:1-2)


✍️ *प्रचारक सब से ज्यादा दोषी ठहरेंगे!*


👉 *कियोकि हम कोई बातों को ठीक से सिखाते नही!*


👉 अपने आपको परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करनेवाला ठहराने का प्रयत्न कर, जो लज्जित होने न पाए, *और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो।*

((2 तीमुथियुस 2:15)


*God bless you*

Saturday, 6 August 2022

परमेश्वर खुद को तो बचा नहीं सका (हिंदी )

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*कुछ लोग कहते हैं इनका परमेश्वर खुद को तो बचा नहीं सका*


⭐ *अपनी मृत्यु के बारे पहले बताया*


👉 *और वह उन्हें सिखाने लगा, कि मनुष्य के पुत्र के लिये अवश्य है, कि वह बहुत दुःख उठाए, और पुरनिए और प्रधान याजक और शास्त्री उसे तुच्छ समझकर मार डालें और वह तीन दिन के बाद जी उठे।* 

(मरकुस 8.31)


👉 *क्योंकि वह अपने चेलों को उपदेश देता और उनसे कहता था, “मनुष्य का पुत्र, मनुष्यों के हाथ में पकड़वाया जाएगा, और वे उसे मार डालेंगे; और वह मरने के तीन दिन बाद जी उठेगा।”*

(मरकुस 9.31)


👉 *“देखो, हम यरूशलेम को जाते हैं, और मनुष्य का पुत्र प्रधान याजकों और शास्त्रियों के हाथ पकड़वाया जाएगा, और वे उसको मृत्यु के योग्य ठहराएँगे, और अन्यजातियों के हाथ में सौंपेंगे। और वे उसका उपहास करेंगे, उस पर थूकेंगे, उसे कोड़े मारेंगे, और उसे मार डालेंगे, और तीन दिन के बाद वह जी उठेगा।”*

(मरकुस 10.33-34)


⭐ *यीशु को बन्दी बनाना*


👉 *तब यीशु के साथियों में से एक ने हाथ बढ़ाकर अपनी तलवार खींच ली और महायाजक के दास पर चलाकर उसका कान काट दिया।  तब यीशु ने उससे कहा, “अपनी तलवार म्यान में रख ले क्योंकि जो तलवार चलाते हैं, वे सब तलवार से नाश किए जाएँगे। क्या तू नहीं समझता, कि मैं अपने पिता से विनती कर सकता हूँ, और वह स्वर्गदूतों की बारह सैन्य-दल से अधिक मेरे पास अभी उपस्थित कर देगा?* 


👉परन्तु पवित्रशास्त्र की वे बातें  *कि ऐसा ही होना अवश्य है, कैसे पूरी होंगी?”*

(मत्ती 26.51-54)


⭐ *यीशु का क्रूस पर चढ़ाया जाना*


👉 *तब उन्होंने उसे क्रूस पर चढ़ाया; और चिट्ठियाँ डालकर उसके कपड़े बाँट लिए।* 


⭐ *यीशु का प्राण त्यागना*


👉दोपहर से लेकर तीसरे पहर तक उस सारे देश में अंधेरा छाया रहा। 

👉 *तब यीशु ने फिर बड़े शब्द से चिल्लाकर प्राण छोड़ दिए।* 

(मत्ती 27.35, 45, 50)


⭐ *यीशु का दफनाया जाना*


👉जब साँझ हुई तो यूसुफ  *नामक अरिमतियाह का एक धनी मनुष्य जो आप ही यीशु का चेला था, आया।  उसने पिलातुस के पास जाकर यीशु का शव माँगा*। इस पर पिलातुस ने दे देने की आज्ञा दी।  


👉 *यूसुफ ने शव को लेकर उसे साफ चादर में लपेटा।  और उसे अपनी नई कब्र में रखा, जो उसने चट्टान में खुदवाई थी, और कब्र के द्वार पर बड़ा पत्थर लुढ़काकर चला गया।* 

(मत्ती 27.57-60)


⭐ *यीशु की क्रब पर पहरा*


👉दूसरे दिन जो तैयारी के दिन के बाद का दिन था, प्रधान याजकों और फरीसियों ने पिलातुस के पास इकट्ठे होकर कहा।  “हे स्वामी, हमें स्मरण है, कि उस भरमानेवाले ने अपने जीते जी कहा था, कि मैं तीन दिन के बाद जी उठूँगा।  *अतः आज्ञा दे कि तीसरे दिन तक कब्र की रखवाली की जाए,* ऐसा न हो कि उसके चेले आकर उसे चुरा ले जाएँ, और लोगों से कहने लगें, कि वह मरे हुओं में से जी उठा है: तब पिछला धोखा पहले से भी बुरा होगा।”  पिलातुस ने उनसे कहा, “तुम्हारे पास पहरेदार तो हैं जाओ, अपनी समझ के अनुसार रखवाली करो।”  *अतः वे पहरेदारों को साथ लेकर गए, और पत्थर पर मुहर लगाकर कब्र की रखवाली की।*

(मत्ती 27.62-66)


⭐ *यीशु का जी उठना*


👉सब्त के दिन के बाद सप्ताह के पहले दिन पौ फटते ही मरियम मगदलीनी और दूसरी मरियम कब्र को देखने आईं।  तब एक बड़ा भूकम्प हुआ, क्योंकि परमेश्वर का एक दूत स्वर्ग से उतरा, और पास आकर उसने पत्थर को लुढ़का दिया, और उस पर बैठ गया।  उसका रूप बिजली के समान और उसका वस्त्र हिम के समान उज्‍ज्वल था।  उसके भय से पहरेदार काँप उठे, और मृतक समान हो गए।  स्वर्गदूत ने स्त्रियों से कहा, “मत डरो, मैं जानता हूँ कि तुम यीशु को जो क्रूस पर चढ़ाया गया था ढूँढ़ती हो। ”

(मत्ती 28.1-5)


👉 *“वह यहाँ नहीं है, परन्तु अपने वचन के अनुसार जी उठा है;* आओ, यह स्थान देखो, जहाँ प्रभु रखा गया था।  और शीघ्र जाकर उसके चेलों से कहो, कि वह मृतकों में से जी उठा है; और देखो वह तुम से पहले गलील को जाता है, वहाँ उसका दर्शन पाओगे, देखो, मैंने तुम से कह दिया।”


👉और वे भय और बड़े आनन्द के साथ कब्र से शीघ्र लौटकर उसके चेलों को समाचार देने के लिये दौड़ गईं।

(मत्ती 28.6-8)


👉पिता इसलिए मुझसे प्रेम रखता है, *कि मैं अपना प्राण देता हूँ, कि उसे फिर ले लूँ। कोई उसे मुझसे छीनता नहीं, वरन् मैं उसे आप ही देता हूँ। मुझे उसके देने का अधिकार है, और उसे फिर लेने का भी अधिकार है।* यह आज्ञा मेरे पिता से मुझे मिली है।

(यूहन्ना 10.17-18)


👉 *और यीशु के दुःख उठाने के बाद बहुत से पक्के प्रमाणों से अपने आपको उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह प्रेरितों को दिखाई देता रहा,* और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा।

(प्रेरितों के काम 1.3)


⭐ *फिर कभी नहीं मरेगा*


👉 *क्योंकि हम जानते है कि मसीह मरे हुओं में से जी उठा और फिर कभी नहीं मरेगा। मृत्यु उस पर प्रभुता नहीं करती।* 

(रोमियों 6.9)


👉 *क्योंकि मसीह इसलिए मरा और जी भी उठा कि वह मरे हुओं और जीवितों, दोनों का प्रभु हो।*

(रोमियों 14.9)


👉 *मैं मर गया था, और अब देख मैं युगानुयुग जीविता हूँ; और मृत्यु और अधोलोक की कुँजियाँ मेरे ही पास हैं।*

(प्रकाशितवाक्य 1.18)


✍️ *अरे भाई पूरी बाइबल तो पढ़ लो, उसने अपने आपको दे दिया और तीसरे दिन मुर्दों में से जी उठा*


⭐ *यीशु का दूनिया में आने का मकसद*


👉 *क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिए नहीं आया, कि उसकी सेवा टहल की जाए, पर इसलिए आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों के छुटकारे के लिये अपना प्राण दे।*

(मरकुस 10.45)


*God bless you*

Sunday, 31 July 2022

ख़तरनाक अंत! मुसा (हिंदी )

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*एक गलती और ministry खत्म*

*ख़तरनाक अंत!*


✍️एक व्यक्ति जिसका नाम है मूसा!


👉इस व्यक्ति को परमेश्वर ने अद्भुत तरीके से चलाया 6 लाख लोगों को lead करने में!


👉आप सभी इस बात को जानते है!


👉ये वो व्यक्ति था मिश्र से फिरौन के राजा के हाथ 

 से 430 साल की गुलामी से परमेश्वर ने अद्भुत तरीके से लोगों को से वहां से छुड़ाया!


👉ये वो व्यक्ति हैं जो व्यवस्था को लाया!


👉4000 साल के लगभग चला यहुदी इजराइली nation उस व्यवस्था देने के चलते!


👉परमेश्वर ने खूब इसका इस्तेमाल किया!


*सूने*:-


✍️ *लेकिन एक गलती इस पर भारी पड़ गई!*


*ध्यान दें*


👉वो चाहे मूसा हो!

👉वो चाहे अब्राहम ‌हो

👉इसहाक हो!

👉याकूब हो!

👉दाऊद हो!

👉पतरस हो!

👉इन सभी का हम आदर करते है!


👉इन सभी को परमेश्वर ने इस्तमाल किया है बाइबल के अन्दर!


*लेकिन एक और पहलू है वो भी देखना है!*


*लेकिन साथ ही साथ एक पहलु वो भी देखना है!* 


✍️इन की गलतीओ से हम क्या शिक्ष सकते हैं!


👉परन्तु ये सब बातें, जो उन पर पड़ी, दृष्टान्त की रीति पर थीं; और वे हमारी चेतावनी के लिये जो जगत के अन्तिम समय में रहते हैं लिखी गईं हैं।

(1 कुरिन्थियों 10:11)


✍️ये सारी चीजें इस लिए लिखी गई ताकि इन से कुछ शिक्ष सके!


"मेरा ये फर्ज है इस की गलती से आपको कुछ शिक्षा सकू"


✍️अगर कोई सेवक मुझे रहा है!


👉कोई Worship leader मुझे रहा है!


👉कोई Bible teacher मुझे सून रहा है!


👉अगर कोई विश्वासी मुझे सून रहा है!


👉आप सभी को ये सिखाना, समझना बहुत जरूरी है! 


👉इसके साथ में क्या ऐसी गलती हो गई!


*वो खतरनाक अंत क्या है!*

*वो खतरनाक गलती क्या है?*


⭐ *एक गलती मूसा पर भारी पड़ गई!*


✍️एक ऐसी गलती जिसकी सजा तो मिलनी ही थी!


👉वो कौन सी सजा थी!


👉आईए देखते हैं वो कौन सी गलती थी!


*ध्यान से सूने*


✍️मूसा एक ऐसा व्यक्ति जिसको ये नाम मिला था!


👉 *मैं तुझे फ़िरौन के लिये परमेश्वर सा (as god) ठहराता हूँ;*

(निर्गमन 7:1)


👉परमेश्वर ने मूसा को फिरौन के सामने परमेश्वर की तरह खड़ा किया था!


👉ताकि वो लोगों रिहा करा सके! 

(लोगों को छुड़ा सके)


👉परमेश्वर ने ऐसा दबदबा रखा ,फिरौन की हालत खराब हो गई!


👉ये वो मूसा था जिसके ऊपर 6 लाख लोगों की जिमेवारी थी,

(ताकि वो लोगों को lead करें)


👉ये वो मूसा था जिसने लाल समूद्र को पार कराया!


👉ये वो मूसा था जिसके द्वारा 10 बड़ी विपतीया मिस्र पर डालीं थी!


👉ये वो मूसा था 40 साल जंगल में इस्राइलियों की अगुवाई करी!


👉ये वो मूसा था जब ये प्रार्थना करता था तो युद्ध जीते गए !


👉ये वो मूसा था जिसके आमने सामने परमेश्वर बातें करता था!


👉ये वो मूसा था 40 साल मिश्र में!

👉40 साल ससूर के पास में!

👉फिर 40 साल जंगल में!


👉120 साल इस व्यक्ति को अद्भुत तरीके से चलाया था!


*सूने*:-


👉जब मूसा मरा तो देखो क्या लिखा है!


👉 *मूसा अपनी मृत्यु के समय एक सौ बीस वर्ष का था; परन्तु न तो उसकी आँखें धुँधली पड़ीं, और न उसका पौरूष घटा था।*

(व्यवस्थाविवरण 34:7)


✍️ना आंखें धुंधली पड़ी!

👉जैसे अब्राहम , इसहाक,याकूब की!


✍️और न उसका पौरूष घटा था।

👉 मतलब ये मजबूत था ,कोई बीमारी नहीं थी!


 *अब क्यों मरा परमेश्वर ने ?*


👉इसकी कब्र अभी तक किसी को नहीं पता, लुसिफर को भी नहीं पता!


👉एक ऐसा character था!

👉एक ऐसा‌ व्यक्ति था!


*सूने*:-


✍️इस व्यक्ति ने क्या गलती करी!


👉जब पानी नहीं था, दूसरी बार की बात कर रहा हूं!


👉क्योंकि जब पहली बार पानी नहीं था, तो चट्टान पर लकड़ी मारना सुभाविक था!


👉लेकिन जब दूबारा पानी की जरूरत पड़ी तो लकड़ी नहीं मारना था!

👉तो‌ ये था system


👉“उस लाठी को ले, और तू अपने भाई हारून समेत मण्डली को इकट्ठा करके उनके देखते उस चट्टान से बातें कर, तब वह अपना जल देगी; इस प्रकार से तू चट्टान में से उनके लिये जल निकालकर मण्डली के लोगों और उनके पशुओं को पिला।”

(गिनती 20:8)


✍️लेकिन मूसा ठीक इसके विपरित किया!


👉तब मूसा ने हाथ उठाकर लाठी चट्टान पर दो बार मारी; और उसमें से बहुत पानी फूट निकला, और मण्डली के लोग अपने पशुओं समेत पीने लगे।  


👉परन्तु मूसा और हारून से यहोवा ने कहा, “तुम ने जो मुझ पर विश्वास नहीं किया, और मुझे इस्राएलियों की दृष्टि में पवित्र नहीं ठहराया, इसलिए तुम इस मण्डली को उस देश में पहुँचाने न पाओगे जिसे मैंने उन्हें दिया है।”

(गिनती 20:11-12)


✍️इस भीड़ में सब खुश थे ,बच्चे खुश थे, जानवर खुश थे!

👉पर एक था जो खुश नहीं था!

👉वो है परमेश्वर!


👉परमेश्वर खुश नहीं था!


✍️पवित्र नहीं ठहराया!


*सूने*:-


✍️ *परमेश्वर की दिलचस्पी किस में है!*


✍️तुम क्या करते हो प्रार्थना करते हो! 

👉पानी मिठ्ठा हो जाता है!


✍️ तुम प्रार्थना करते हो!

👉बटवे में दो सो का नोट आ जाता है!


✍️ तुम प्रार्थना करते हो!

👉लोग गिर जाते हैं!


*सूने*:-


👉परमेश्वर कहता है मुझे उससे कुछ लेना देना नहीं है!


✍️ *परमेश्वर की दिलचस्पी इस में नहीं है!*


👉 *तुम ने मेरी पवित्रता को लोगों के सामने क्यों नहीं रखा!*


👉ये गलती मूसा से हूई ये गलती आप से कहीं ना हो जाए!


"इसलिए इस विषय को आपके बीच लेकर आया हूं"


"बड़े ध्यान से समझना होगा"


✍️आज मैं आप सभी से बात कर रहा हूं!


👉 क्या आपने अपनी चर्च में परमेश्वर को पवित्र ठहराया!


👉 क्या आपने अपनी worship में परमेश्वर को पवित्र ठहराया!


👉क्या आपने अपने music में परमेश्वर को पवित्र ठहराया!


👉क्या आपने अपने convention में परमेश्वर को पवित्र ठहराया!


"ये हैं परमेश्वर की दिलचस्पी"


👉परमेश्वर कहता है जब मैंने मूसा जैसे आदमी  को नहीं छोड़ा तो तुम्हें क्या छोड़ूंगा!


👉जिसको मैंने परमेश्वर सा ठहराया!


👉मतलव वो 40 साल प्रचार करता रहा, हम कनान जाएंगे, हम कनान जाएंगे, पर नहीं जा पाया!


👉इसलिए लिखा है खतरनाक अंत!


👉इस ने बहुत अच्छा काम किया पर एक ही गलती!


👉परमेश्वर को पवित्र नहीं ठहराया!


👉चट्टान को फिर से मार दिया!


*चट्टान कौन है ?*


✍️आज की तारीख में चट्टान कौन है!

👉तब की तारीख में चट्टान कौन है!

👉बाइबल क्या कहती है चट्टान कौन है!


👉और सब ने एक ही आत्मिक जल पीया, क्योंकि वे उस आत्मिक चट्टान से पीते थे, जो उनके साथ-साथ चलती थी; *और वह चट्टान मसीह था।*

(1 कुरिन्थियों 10:4)


✍️वह मसीह था


👉इसका मतलब जिस पर मूसा ने लकड़ी मारी वो कोई और नहीं था!


👉 *वो यीशु था!*


👉परमेश्वर ने कहा था तुमने चट्टान से बात करनी है!


👉उसने ने बात करने की बजाय लकड़ी मार दी!


 *ये चट्टान यीशु मसीह है तो तुम उसे दूबारा क्रुस पर नहीं मार सकते!*


"इसी को पौलुश कहता है"


👉 *क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्र को अपने लिये फिर क्रूस पर चढ़ाते हैं* और प्रगट में उस पर कलंक लगाते हैं।

(इब्रानियों 6:6)


✍️परमेश्वर कहता है मैं ये कदई बर्दाश्त नहीं करुंगा!


"एक और बात"


✍️ *क्या मूसा नहीं जानता था चट्टान कौन है ?*


👉जो चट्टान साथ चल रही है! 

👉जो चट्टान पानी दे रही है! 

👉वो परमेश्वर है!


✍️मूसा खुद प्रार्थना कर रहा है!


👉“वह चट्टान है, उसका काम खरा है; और उसकी सारी गति न्याय की है। वह सच्चा परमेश्वर है, उसमें कुटिलता नहीं, वह धर्मी और सीधा है। (रोम. 9:14) 

(व्यवस्थाविवरण 32:4)


✍️वो जानता था परमेश्वर चट्टान है!


*तो आज जो प्रचारक प्रचार कर रहे वो नहीं जानते सही क्या है गलत क्या है?*


👉तो फिर गलती कैसे कर रहे हो!


*अंत में*


"इस घटना से हम क्या सिखा सकते हैं"


 *परमेश्वर को कभी भी हल्के में कभी नहीं लेना!*


👉और मूसा ने ये ही गलती कर दी!


👉Ministry करते-करते सेवा करते-करते!

👉अरे प्रचार तो मैं चूटकी में कर देता हूं!

👉अरे गाना तो मैं चूटकी में गा देता हूं!

👉अरे चमत्कार तो मैं चूटकी में कर देता हूं!


👉 *जब परमेश्वर को हल्के में लेना शुरू कर देते हैं ,सेवा खत्म!*


👉आपको कोई भी हो देशी, विदेशी!

👉परमेश्वर सब बर्दाश्त कर सकता है!


👉ये बर्दाश्त नहीं करेगा सजा जरूर देगा!


*इसलिए सावधान रहीए*


*God bless you*

Tuesday, 26 July 2022

क्या POWERFUL सेवक बनने के लिए तपस्या करनी पडती है?

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


प्रश: *क्या POWERFUL सेवक बनने के लिए तपस्या करनी पडती है?*


✍️ *आपको किसी प्रकार का तपस्या type कुछ भी करने की जरूरत नहीं है!*


👉 *क्यों?*


👉 परन्तु ये सब प्रभावशाली कार्य वही एक आत्मा करवाता है, *और जिसे जो चाहता है वह बाँट देता है।*

(1 कुरिन्थियों 12.11)


👉 मतलब:- *ये पवित्र आत्मा तय करेगा किस को क्या दान देना है!*


👉 *लेकिन ऐसा कुछ concept (धारणा) मसीह समाज में आ गया है, खास करके सेवको के अन्दर!*


👉चाहे कोई भी country से हो!


👉वो क्या करते हैं ,आपने आप को कमरे में बंद कर लेते हैं!


👉20, 30, 40 दिन कभी-कभी तो 80 दिन भी, और जब वो बाहर निकलते हैं! 


👉तो ऐसी बातों के साथ जो वचन से match नहीं करती!


👉 *वापस कहता हूं ऐसी बातों के साथ जो‌ वचन से match नहीं करती!*


👉जब वो चर्च में आते हैं उनका जो चर्च (कलिसीया) है ना , वो ऐसा wait करता रहता है!


👉अभी पास्टर जी आएगे!


👉 *तपस्या type जैसे बाबा लोग करते हैं!*


👉पेड़ के नीचे, पेड़ कै ऊपर


👉पहाड़ के नीचे, पहाड़ के ऊपर


👉या मिट्टी के नीचे जाकर तपस्या करते हैं ना, 


👉तो वो ऐसा कुछ करते है,और उनकी जो कलिसिया wait करती है!


👉 *पास्टर जी अभी आएंगे और कुछ supernatural (अलौकिक) बात बताएंगे!*


👉 *और उनकी जो चर्चा (कलिसिया) उनकी बातों को स्वीकार कर लेती है!*


👉अरे देखो कुछ हो रहा है, लोग गिर रहे हैं!


"इस वचन को देखे"


👉इसलिए हे भाइयों क्या करना चाहिए? जब तुम इकट्ठे होते हो, तो हर एक के हृदय में भजन, या उपदेश, *या अन्य भाषा, या प्रकाश,* 


👉या अन्य भाषा का अर्थ बताना रहता है: सब कुछ आत्मिक उन्नति के लिये होना चाहिए। यदि अन्य भाषा में बातें करनी हों, तो दो-दो, या बहुत हो तो तीन-तीन जन बारी-बारी बोलें, और एक व्यक्ति अनुवाद करे। परन्तु यदि अनुवाद करनेवाला न हो, तो अन्य भाषा बोलनेवाला कलीसिया में शान्त रहे, और अपने मन से, और परमेश्वर से बातें करे।

(1 कुरिन्थियों 14:26-28)


👉 भविष्यद्वक्ताओं में से दो या तीन बोलें, *और शेष लोग उनके वचन को परखें।*

(1 कुरिन्थियों 14:29)


✍️ *ये जो शब्द है परखे ऐसा क्यों?*


👉किसी पास प्रकाश है supernatural (अलौकिक) बातें है!


👉 *ठीक है पर लिखा है, पर‌खे*


*ध्यान दें*


✍️तो कुछ लोग वहां पर बैठे रहते थे ! 


👉अच्छा, इसकी बातें ऐसी हैं! 


👉इस की बाते biblical है या नहीं!


👉मतलब:- *वचन से match करती है, क्या!*


👉उन दिनों में उनके पास जो source (साधन) था वो‌ उस से परखे थे इस से match करती है क्या!


*सूने*:-


✍️पर आज हमारे पास पूरी बाइबल है 66 किताबें हैं!


👉 *आसानी से जो गलत है पकड़ सकते हैं!*


👉फिर किसी को सामर्थ्य के काम करने की शक्ति; और किसी को भविष्यद्वाणी की; *और किसी को आत्माओं की परख,* और किसी को अनेक प्रकार की भाषा; और किसी को भाषाओं का अर्थ बताना।

(1 कुरिन्थियों 12:10)


✍️तो लिखा है परखो!


👉 *क्यों*


👉 *और यह कुछ अचम्भे की बात नहीं क्योंकि शैतान आप भी ज्योतिर्मय स्वर्गदूत का रूप धारण करता है।*

(2 कुरिन्थियों 11:14)


✍️ *लुशिफर स्वर्गदूत ,चमकदार दूत बन सकता है!*


👉 *लुशिफर फंसा सकता है!*


👉 *और सारे संसार का भरमानेवाला है,* 

(प्रकाशितवाक्य 12:9)


✍️ *वो संसार को भरमाने वाला है उस ने अच्छे-अच्छे को भरमा दिया!*


👉 *राजा महाराजाओं नहीं छोड़ा और ऐसी भटकाने वाली आत्माएं अभी है संसार में!*


👉जिनमें तुम पहले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के अधिपति अर्थात् उस आत्मा के अनुसार चलते थे, *जो अब भी आज्ञा न माननेवालों में कार्य करता है।*

(इफिसियों 2:2)


✍️आप भटक सकते हैं!


👉 *हे प्रियों, हर एक आत्मा पर विश्वास न करो: वरन् आत्माओं को परखो, कि वे परमेश्वर की ओर से हैं कि नहीं;* क्योंकि बहुत से झूठे भविष्यद्वक्ता जगत में निकल खड़े हुए हैं।

(1 यूहन्ना 4:1)


✍️तो जितने भी तपस्या type करते हैं!


👉कहीं पर 40 दिन,20 दिन, 80 दिन, 1हफता आप बैठ कर आते हो! 


👉या कोई पहाड़ के ऊपर पर , जैसे यीशु पहाड़ के ऊपर गए 40 दिन प्रार्थना के लिए गए थे!


👉वैसे concepts (धारणा) को लेकर पहाड़ पर चले जाते हैं!


👉और जब आते हैं कुछ ऐसा लेकर आते हैं कलिसिया भी स्वीकार लेती है!


👉जब वो कलिसिया स्वीकार लेती ,तो वो इसे पास के लोगों को बताना शुरू करते हैं!


👉की देखो  मुझे कुछ supernatural (अलौकिक) पास्टर की तरफ से मिला है!


👉 *तुम भी आओ, तुम भी आओ!*


👉तो ऐसे करके cult group शुरू होता है!


👉 *सतर्क रहें ,सावधान रहें*


*God bless you*

Monday, 25 July 2022

क्या महिलाएं पास्टर बन सकती है? (हिंदी)

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*क्या महिलाएं पास्टर बन सकती है?*


✍️ महिलाएं pastor बन सकती है के नही मैं पहले ही बता चूका हूं!


👉जिसका सीधा जवाब है:- बन सकती है!


👉पर कुछ बुद्धिजीव बाइबल के कुछ वचनों को लेकर out of context ये सिखा रहे हैं!


👉महिला pastor नहीं बन सकती!


👉जिन वचनों को लेकर वो सिखाते आज हम उन पर बात करेंगे!


👉 *और करेंगे दूध का दूध और पानी का पानी*


👉 *स्त्रियाँ कलीसिया की सभा में चुप रहें, क्योंकि उन्हें बातें करने की अनुमति नहीं,* परन्तु अधीन रहने की आज्ञा है: जैसा व्यवस्था में लिखा भी है। और यदि वे कुछ सीखना चाहें, तो घर में अपने-अपने पति से पूछें, क्योंकि स्त्री का कलीसिया में बातें करना लज्जा की बात है।

(1 कुरिन्थियों 14:34-35)


✍️ Greek में 1135 guné (goo-nay')  (गुने) लिखा है:-


👉 *guné शब्द*:- women, wife, my lady के लिए भी इस्तेमाल होता है!


👉यहां पर ये शब्द पत्नी के लिए इस्तेमाल किया गया है!


अब वचन में देखते हैं:-


👉 *स्त्रियाँ कलीसिया की सभा में चुप रहें, क्योंकि उन्हें बातें करने की अनुमति नहीं,* परन्तु अधीन रहने की आज्ञा है: जैसा व्यवस्था में लिखा भी है। और यदि वे कुछ सीखना चाहें, तो घर में अपने-अपने पति से पूछें, क्योंकि स्त्री का कलीसिया में बातें करना लज्जा की बात है।

(1 कुरिन्थियों 14:34-35)


*ध्यान से सूने*:-


✍️guné का अर्थ:- पत्नी


👉 *स्त्री*:- ये किसी की पत्नी है


👉 *बाते*:- यहां प्रचार का जिक्र नहीं है!


👉 *अधीन*:-किसके? 

(आपने पति के)


👉 *व्यव्स्था*:- पौलुश किस को बोल रहा था यहूदियों को या अन्य जातियों को!


*सूने*:-


👉 *और यदि वे कुछ सीखना चाहें, तो घर में अपने-अपने पति से पूछें, क्योंकि स्त्री का कलीसिया में बातें करना लज्जा की बात है।*

(1 कुरिन्थियों 14:35)


✍️ *यहा प्रचार का तो जिक्र ही नहीं है!*


*ध्यान से सूने*:-


👉परन्तु कलीसिया में अन्य भाषा में दस हजार बातें कहने से यह मुझे और भी अच्छा जान पड़ता है, कि *औरों के सिखाने के लिये* बुद्धि से पाँच ही बातें कहूँ।

(1 कुरिन्थियों 14:19)


✍️ *औरो के सिखाने के लिए!*


👉क्योंकि तुम सब एक-एक करके भविष्यद्वाणी कर सकते हो *ताकि सब सीखें*, और सब शान्ति पाएँ।

(1 कुरिन्थियों 14:31)


✍️ *ताकि सब सीखें!* पौलुश तो कहता है सब सिखे!


✍️ *हम कैसे कह सकते हैं सारी महिलाएं घर में सीखें!*


👉 *महिलाएं अगर घर में सिखे तो सारी महिलाओ को चर्च में बैन करो!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *यहां महिलाओं की बात नहीं पत्नी की बात हो रही है!*


👉 *और स्त्री को चुपचाप पूरी अधीनता में सीखना चाहिए। मैं कहता हूँ, कि स्त्री न उपदेश करे और न पुरुष पर अधिकार चलाए, परन्तु चुपचाप रहे।*

(1 तीमुथियुस 2:11-12)


✍️ *यहां चर्च या पास्टर की बात नहीं हो रही!*


👉 *स्त्री* :- किसी की पत्नी है


👉 *उपदेश* :- पति का उपदेश


👉 *पुरुष* :- उसका पति


👉 *चूपचाप*:- context देखें पति के सामने चूपचाप रहे!


*ध्यान से सूने*:-


👉(1 कुरि 14:34,35) 

👉(1तीमु 2:11,12)


✍️ *इन दोनों वचनों में पौलुश ने कभी नहीं कहा महिला pastor नहीं बन सकती!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️इन दोनो वचनों में ये नहीं लिखा!


👉 *स्त्री* :- प्रचारक नहीं बन सकती!


👉 *स्त्री* :- प्रभु भोज नहीं दे सकती !


👉 *स्त्री* :- बपतिस्मा नहीं दे सकती!


👉 *स्त्री*:- चर्च नहीं चला सकती!


👉 *स्त्री*:- मय्यत नहीं चला सकती!


*सूने*:-


👉और हमारे प्रभु के धीरज को उद्धार समझो, जैसा हमारे प्रिय भाई पौलुस ने भी उस ज्ञान के अनुसार जो उसे मिला, तुम्हें लिखा है। वैसे ही उसने अपनी सब पत्रियों में भी इन बातों की चर्चा की है जिनमें कितनी बातें ऐसी है, जिनका समझना कठिन है, और अनपढ़ और चंचल लोग उनके अर्थों को भी पवित्रशास्त्र की अन्य बातों के समान खींच तानकर अपने ही नाश का कारण बनाते हैं।

(2 पतरस 3:15-16)


✍️ *ना समझ कर क्या किया?*


👉 *खींच तान कर* 


*ध्यान से सूने*:-


👉 *ना यीशु ने कभी कहा था!*


👉 *ना पतरस ने कभी कहा था!*


👉 *ना पौलुश ने कभी कहा था!*


👉 *और ना ही किसी चेले ने कभी कहा था!*


👉 *कि स्त्री pastor नहीं बन सकती है!*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *अब मैं आपको वचन से साबित करुगा स्त्री pastor बन सकती है!*


👉इसलिए वह कहता है, “वह ऊँचे पर चढ़ा, और बन्दियों को बाँध ले गया, *और मनुष्यों को दान दिए।”*

(इफिसियों 4:8)


1) मनुष्य:- Greek :-


👉(anth'-ro-pos) उनतरो पोस्ट


👉Definition: a man, human, mankind 

संसार के समस्त लोग


👉 *male female दोनों आ गए*


2) *दान क्या दिया है*:-


👉 *और उसने कुछ को प्रेरित नियुक्त करके, और कुछ को भविष्यद्वक्ता नियुक्त करके, और कुछ को सुसमाचार सुनानेवाले नियुक्त करके, और कुछ को रखवाले और उपदेशक नियुक्त करके दे दिया।* 

(इफिसियों 4:11)


✍️कितनो को:- *क्या इस में सिर्फ पुरुष है?*


*ध्यान से सूने*:-


✍️ *कुछ कहते हैं स्त्री या यही सब कर सकती है!*


👉 *चर्च में झाड़ू लगाना*


👉 *दरिया बिछाना*


👉 *गीत गाना*


इत्यादि......


*सूने*:-


✍️ *इस पर भी एक नजर मार ये भी आपकी बाइबल में ही है!* 


👉मेरे विरुद्ध साक्षी दे! मैं तो तुझे मिस्र देश से निकाल ले आया, और दासत्व के घर में से तुझे छुड़ा लाया; *और तेरी अगुआई करने को मूसा, हारून और मिर्याम को भेज दिया।*

(मीका 6:4)


✍️ *मिर्याम एक महिला थी!*


⭐ *जी हां महिला एक लिडर भी हो सकती है!*


*ध्यान से सूने* 


✍️ *नये नियम में पास्टर ही नहीं पर पांच प्रकार की सेवकाई भी कर सकती है!*


👉 *और उसने कुछ को प्रेरित नियुक्त करके, और कुछ को भविष्यद्वक्ता नियुक्त करके, और कुछ को सुसमाचार सुनानेवाले नियुक्त करके, और कुछ को रखवाले और उपदेशक नियुक्त करके दे दिया।*(इफिसियों 4:11)


✍️ *और ये सेवकाई महिलाओं ने की है!*


*सूने*:-


⭐ *pastor*:- फीबे एक महिला थी!


👉 *मैं तुम से फीबे के लिए, जो हमारी बहन और किंख्रिया की कलीसिया की सेविका है, विनती करता हूँ।*

(रोमियों 16:1)


⭐ *भविष्यवाणी*:- चार कुंवारी बेटीयां!


👉दूसरे दिन हम वहाँ से चलकर कैसरिया में आए, *और फिलिप्पुस सुसमाचार प्रचारक के घर में जो सातों में से एक था, जाकर उसके यहाँ रहे। उसकी चार कुँवारी पुत्रियाँ थीं;* जो भविष्यद्वाणी करती थीं। 

(प्रेरितों के काम 21:8-9)


⭐ *सुसमाचार सूनाने में सहायता*:-


👉 *हे सच्चे सहकर्मी, मैं तुझ से भी विनती करता हूँ, कि तू उन स्त्रियों की सहायता कर, क्योंकि उन्होंने मेरे साथ सुसमाचार फैलाने में,* क्लेमेंस और मेरे अन्य सहकर्मियों समेत परिश्रम किया, जिनके नाम जीवन की पुस्तक में लिखे हुए हैं।

(फिलिप्पियों 4:3)


⭐ *यीशु के जी उठने का संदेश*:-


👉 *मरियम मगदलीनी ने जाकर चेलों को बताया,* “मैंने प्रभु को देखा और उसने मुझसे बातें कहीं।”

(यूहन्ना 20:18)


👉 *यहुन्ना 4 आधय्य:- चेला किस ने बनाया!*


👉वचन किस ने सूनाया!


⭐ प्रेरितो के काम 2: आधय्य :- *बपतिस्मा किस ने दिया होगा?*


👉सब ने मिलकर:- *स्त्री-पुरुष दोनों ने* 


*अंत में* :- जी हां महिला pastor बन सकती है!


👉 *फिर से कहता हूं जी हां महिला pastor बन सकती है!*

*God bless you*

Friday, 22 July 2022

Train पटड़ी पर से उतर गई है (हिंदी)

 आज का विषय

एक बार जरुर पढ़े


*Train पटड़ी पर से उतर गई है*


*Direction change हो गई है*


👉 *तेल*

👉 *पानी*

👉 *नमक*

👉 *साबून*

👉 *रुमाल*

👉 *और मिठाई*


✍️ *प्रश्न: क्या यह सब चीजें आपको बचा सकती है ?*


👉 *प्रश्न: आपका उद्धार कर सकती है ?*


*सूने*:-


✍️ *बहुत से लोगो का मन भटकाकर इन नशावान चीजों की तरफ लग रहा है!*


👉 क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हारा निकम्मा चाल-चलन जो पूर्वजों से चला आता है 

उससे तुम्हारा छुटकारा चाँदी-सोने *अर्थात् नाशवान वस्तुओं के द्वारा नहीं हुआ!*


👉 पर निर्दोष और निष्कलंक मेम्‍ने अर्थात् मसीह के बहुमूल्य लहू के द्वारा हुआ।

(1 पतरस 1:18-19)


*जरा सोच कर देखिए*


✍️ *आपका उद्धार (छुटकार) किससे हुआ है!*


👉 *तेल ,पानी से साबुन से या यीशु के लहु से!*


👉 *फिर महीमा किसको दे रहे हो ?*


👉 *हमे इन चीजों पर विश्वास नहीं!*


👉 *हमारा focus यीशु पर होना चाहिए!*


👉 *यीशु पर विश्वास करना चाहिए!*


👉वो ही हमें जीवन देता है!


👉कोई भी परेशानी हो यीशु को पूकारे!


*God bless you*